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1 | डॉ.परमेश्वर दत्त शर्मा शोध संस्थान | |||||||||||||||||||||||||
2 | (देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से सम्बद्ध एवं मान्यता प्राप्त शोध संस्थान) | |||||||||||||||||||||||||
3 | श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति, इंदौर | |||||||||||||||||||||||||
4 | क्रमांक | शोध विषय | शोधार्थी का नाम | शोध निर्देशक/ सहनिर्देशक | वर्ष | |||||||||||||||||||||
5 | 1 | स्वतंत्रता के बाद की हिंदी कविता में जन-संघर्ष एवं जन-चेतना | सुश्री रमा गुप्ता | डॉ. श्यामसुंदर व्यास | 1997 | |||||||||||||||||||||
6 | 2 | मालवी लोक-गीतां में वर्णित सांस्कृतिक जीवन | सुश्री शशिकला निगम | डॉ. श्रीमती चंद्रकिरण अग्निहोत्री | 1999 | |||||||||||||||||||||
7 | 3 | राष्ट्रीय चेतना के विकास में डॉ. रामकुमार वर्मा के एकांकियों का योगदान | श्रीमती रंजना सक्सेना | डॉ. श्यामसुंदर व्यास | 2000 | |||||||||||||||||||||
8 | 4 | साठोत्तरी कहानियों का रचना संसार | प्रो. विजयलक्ष्मी जोशी | डॉ. श्यामसुंदर व्यास | 2000 | |||||||||||||||||||||
9 | 5 | डॉ. विलास गुप्ते के साहित्य में समकालीन जीवन मूल्य (कहानी, उपन्यास और नाटक के विशेष संदर्भ में) | श्रीमती मीनाक्षी रावत | डॉ. देवी सिंह राठौर | 2001 | |||||||||||||||||||||
10 | 6 | कुबेरनाथ राय के साहित्य में सांस्कृतिक चेतना | कामना शर्मा | डॉ. श्यामसुंदर व्यास | 2001 | |||||||||||||||||||||
11 | 7 | डॉ. परमेश्वर गोयल का रचना संसार | श्रीमती विशाला शर्मा | डॉ. देवी सिंह राठौर | 2002 | |||||||||||||||||||||
12 | 8 | समकालीन कविता में सौंदर्यबोध और मानवीय मूल्यों की अभिव्यक्ति | श्रीमती मनीषा शर्मा | डॉ. प्रद्युम्न मिश्र | ||||||||||||||||||||||
13 | 9 | मालवी का भाषा-शास्त्रीय अध्ययन | संजीत कुमार सोनी | डॉ. शकुंतला सिंह | 2002 | |||||||||||||||||||||
14 | 10 | दक्षिण भारत के पिछले पाँच दशकों के हिंदी साहित्य का समीक्षात्मक सर्वेक्षण (आंध्रपद्रेश के विशेष संदर्भ में) | श्रीमती जीनी मेहता | डॉ. कला जोशी | 2002 | |||||||||||||||||||||
15 | 11 | समकालीन काव्य परिदृश्य : सृजन के विविध आयाम (प्रहलाद तिवारी, मनोज श्रीवास्तव, राजेन्द्र मिश्र की कविताओं के विशेष संदर्भ में) | मृगेन्द्रसिंह राठौर | डॉ. शकुंतला सिंह | 2002 | |||||||||||||||||||||
16 | 12 | इंदौर महानगर की लघुकथाओं का प्रोक्तिक वैशिष्ट्य | संजय कुमार गुप्ता | डॉ. पुरूषोत्तम दुबे | 2003 | |||||||||||||||||||||
17 | 13 | पं. अमृतलाल नागर के उपन्यासों में सामाजिक चेतना : एक अनुशीलन | प्रदीप कटारा | डॉ. स्नेहलता श्रीवास्तव | 2003 | |||||||||||||||||||||
18 | 14 | जयशंकर प्रसाद का साहित्य और नियतिवाद | विष्णुप्रसाद श्रीवास | डॉ. राजेन्द्र मिश्र | 2003 | |||||||||||||||||||||
19 | 15 | हिंदी पत्रकारिता में महिला विषयक पत्रिकाएँ : समीक्षात्मक अध्ययन | कु. अलका गुप्ता | डॉ. चन्द्रकिरण अग्निहोत्री | 2004 | |||||||||||||||||||||
20 | 16 | लघुकथा का विकास एवं उपलब्धियाँ | सुनीता पाटीदार | डॉ. (श्रीमती) नीहार गीते | 2004 | |||||||||||||||||||||
21 | 17 | व्यास-सम्मान से सम्मानित कवि एवं उनका काव्य संसार | श्रीमती नलिनी भार्गव | डॉ. रमेश सोनी | 2004 | |||||||||||||||||||||
22 | 18 | निराला का उपन्यास साहित्य: एक अनुशीलन (कुल्लीभाट और बिल्लेसुर बकरिहा का विश्लेषणात्मक अध्ययन) | संजय रावल | डॉ. डी.के. चौहान | 2004 | |||||||||||||||||||||
23 | 19 | सप्तक के कवि और श्री शमशेर बहादुर सिंह का कृतित्व | कु. पल्लवी उपाध्याय | प्रो. गणेशदत्त त्रिपाठी | 2004 | |||||||||||||||||||||
24 | 20 | ओेमप्रकाश मेहरा का रचना संसार | श्रीमती अभिलाषा सिंह | डॉ. पद्मा सिंह | 2004 | |||||||||||||||||||||
25 | 21 | मानवीय संबंधों के परिवर्तन का स्वरूप और समकालीन कहानीकार | कु. राखी सोनी | डॉ. रमेश सोनी | 2005 | |||||||||||||||||||||
26 | 22 | निमाड़-अनामी संप्रदाय के प्रवर्तक महाकवि अफजल का व्यक्तित्व एवं कृतित्व | श्रीमती प्रीति उपाध्याय | डॉ. (श्रीमती) चंद्रकला सोनोने | 2005 | |||||||||||||||||||||
27 | 23 | हिंदी गज़ल में सामाजिक चेतना और मनोवैज्ञानिक अवधारणाओं का विश्लेषण | श्रीमती शशिकला श्रीवास्तव | डॉ. राजेन्द्र राजगुरू | 2005 | |||||||||||||||||||||
28 | 24 | चंद्रसेन विराट की मुक्तिकाएँ : एक अनुशीलन | शिवानी जोशी | डॉ. चन्द्रकिरण अग्निहोत्री | 2005 | |||||||||||||||||||||
29 | 25 | डॉ. इन्दुप्रकाश ऐरन : व्यक्तिगत ओर कृतित्व | श्रीमती अर्चना चतुर्वेदी | डॉ. दिलीप चौहान | 2005 | |||||||||||||||||||||
30 | 26 | हिंदी उपन्यास साहित्य के विकास में राजेद्र यादव एवं सुरेन्द्र वर्मा का अवदान : एक तुलनात्मक दृष्टि | रवीन्द्र पवार | डॉ. प्रद्युम्न मिश्र | 2005 | |||||||||||||||||||||
31 | 27 | 20वीं सदी के अंतिम दशक की लेखिकाओें के चर्चित उपन्यासों का अनुशीलन | पंकज कुमार पाण्डे | डॉ. रमेश सोनी | 2006 | |||||||||||||||||||||
32 | 28 | लोक साहित्य और सांस्कृतिक राष्ष्ट्रवाद (मालवी एवं निमाड़ी के विशेष संदर्भ में) | प्रो. राजेशलाल मेहरा | डॉ. मिथिलाप्रसाद त्रिपाठी | 2006 | |||||||||||||||||||||
33 | 29 | आधुनिक साहित्य के प्रणेता भारतेन्दु हरिश्चन्द्र एवं उनके देशप्रेम का स्वरूप : एक विश्लेषणात्मक अध्ययन | कु. शीतल गुप्ता | डॉ. प्रद्युम्न मिश्र | 2006 | |||||||||||||||||||||
34 | 30 | मैत्रेयी पुष्पा के कथा साहित्य में युगीन चेतना | अंजली चौरसिया | डॉ. पद्मा सिंह | 2006 | |||||||||||||||||||||
35 | 31 | तुलसी महाकाव्य की प्रासंगिकता एवं उपादेयता का मूल्यांकन | अनिल चौरे | डॉ. दिलीपकुमार चौहान | 2007 | |||||||||||||||||||||
36 | 32 | अज्ञेय के कथा-साहित्य के वैचारिक आयाम | श्रीमती कामना श्रीवास्तव | डॉ. राजेन्द्र मिश्र | 2008 | |||||||||||||||||||||
37 | 33 | मालवा के सूफी संत ओसाफ मोहम्मद चिश्ती के काव्य में दार्शनिक चेतना | श्रीमती रजनीगंधा राठौर | डॉ. दिलीप चौहान | 2008 | |||||||||||||||||||||
38 | 34 | आधुनिक कविता के परिप्रेक्ष्य में डॉ. शिवमंगल सिंह सुमन का व्यक्तित्व एवं कृतित्व | श्रीमती दया बाकरे | डॉ. प्रद्युम्न मिश्र | 2008 | |||||||||||||||||||||
39 | 35 | लोक-साहित्य में मालवा का योगदान | राधेश्याम जावरे | डॉ. शकुंतला सिंह | 2009 | |||||||||||||||||||||
40 | 36 | हिंदी पत्रकारिता को नई दुनिया का प्रदेय (सांस्कृतिक, सामाजिक और साहित्यिक मूल्यांकन) | श्रीमती उषा तोमर | डॉ. कला जोशी | 2009 | |||||||||||||||||||||
41 | 37 | लघुकथा : कथा साहित्य का अंग | राकेश ठाकुर | डॉ. पुरूषोत्तम दुबे | 2010 | |||||||||||||||||||||
42 | 38 | मालती जोशी का रचना-संसार और नारी चेतना | विनीता शुक्ला (दीक्षित) | डॉ. ज्योति सिंह | 2010 | |||||||||||||||||||||
43 | 39 | हिंदी तथा संस्कृत भाषा के विस्तार में जनसंचार माध्यमों का योगदान : एक अध्ययन (कम्प्यूटर के विशेष संदर्भ में) | इरा पाण्डेय | डॉ. प्रद्युम्न मिश्र, सहनिर्देशक - डॉ. विनायक पाण्डेय | 2011 | |||||||||||||||||||||
44 | 40 | भीष्म साहनी के नाटक : समसामयिकता (प्रासंगिकता) | सु श्री गीतांजलि वर्मा | डॉ. दिलीप चौहान | 2011 | |||||||||||||||||||||
45 | 41 | शिवानी के उपन्यास साहित्य का शाब्दिक विवेचन (भाग-1, भाग-2) | श्रीमती श्वेता पारीक | डॉ. दिलीप चौहान | 2011 | |||||||||||||||||||||
46 | 42 | प्रसाद के नाटकों में राष्ट्रीय-चेतना | कु. टीना दुबे | डॉ. दिलीप चौहान | 2011 | |||||||||||||||||||||
47 | 43 | हिंदी की प्रमुख महिला कथाकारों की कहानियों का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण | श्रीमती विजय श्रोत्रिय | डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजगुरू | 2011 | |||||||||||||||||||||
48 | 44 | गजानन माधव मुक्तिबोध के साहित्य का पुनर्मूल्यांकन - विवेचन योगदान एवं महत्व | प्रो. श्रीमती गौरी सोलंकी | डॉ. श्रीमती च्रदकला सोनोने | 2011 | |||||||||||||||||||||
49 | 45 | भिलाली और बारेली बोली का तुलनात्मक भाषा वैज्ञानिक अध्ययन | श्रीमती रजनी सोलंकी | श्रीमती चन्द्रकला सोनोने | 2012 | |||||||||||||||||||||
50 | 46 | जैनेन्द्र के साहित्य में नारी-संघर्ष का स्वरूप | श्रीमती गायत्री चौहान | डॉ. दिलीप कुमार चौहान | 2012 | |||||||||||||||||||||
51 | 47 | साहित्यिक सामाजिक परिप्रेक्ष्य में हिंदी एवं मराठी निबंधकारों की स्थिति एवं योगदान | माधुरी गोड़बोले | डॉ. ज्योति सिंह | 2012 | |||||||||||||||||||||
52 | 48 | दसवें दशक के प्रमुख हिंदी नाटक एवं रंगमंच | रश्मि पाठक (पाण्डे) | डॉ. प्रद्युम्न मिश्र | 2012 | |||||||||||||||||||||
53 | 49 | उत्तरशती के आँचलिक उपन्यास: एक अनुशीलन | रतनलाल परमार | डॉ. अ. शहजाद कुरैशी | 2012 | |||||||||||||||||||||
54 | 50 | विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यासों की भाषिक संरचना | राजू देसाई | डॉ. पुरूषोत्तम दुबे | 2012 | |||||||||||||||||||||
55 | 51 | बघेली लोकगीतों का सांस्कृतिक अध्ययन | किरण सिंह | डॉ. शकुंतला सिंह | 2012 | |||||||||||||||||||||
56 | 52 | नागार्जुन की औपन्यासिक चेतना: एक विश्लेषण | कु. निधि वर्मा | डॉ. स्नेहलता श्रीवास्तव | 2012 | |||||||||||||||||||||
57 | 53 | अज्ञेेय का यात्रा साहित्य | जितेन्द्र व्यास | डॉ. स्नेहलता श्रीवास्तव | 2012 | |||||||||||||||||||||
58 | 54 | अकविता : सृजन और शिल्प | गुलाब राव बाविस्कर | डॉ. राजेन्द्र मिश्र | 2012 | |||||||||||||||||||||
59 | 55 | दूरदर्शन विज्ञापन : संप्रेषण और सामाजिक मनोविज्ञान | रश्मि पाटीदार | डॉ. नीहार गीते, सहनिर्देशक - डॉ. श्रीमती कला जोशी | 2013 | |||||||||||||||||||||
60 | 56 | हिंदी तथा हिंदीतर (पंजाबी, गुजराती, मराठी) लघुकथाओं का तुलनात्मक आकलन | श्रीमती सुन्दरा देवी | डॉ. पुरूषोत्तम दुबे | 2013 | |||||||||||||||||||||
61 | 57 | फणीश्वरनाथ रेणु का कथ्येत्तर साहित्य | श्रीमती इन्दुबाला मालवीय | डॉ. श्रीमती कुसुमलता श्रीवास्तव | 2013 | |||||||||||||||||||||
62 | 58 | संत साहित्य की पारिभाषिक शब्दावली | श्रीमती मानसी सक्सेना | डॉ. (श्रीमती) कुसुमलता श्रीवास्तव | 2013 | |||||||||||||||||||||
63 | 59 | प्रहलाद तिवारी व्यक्तित्व और कृतित्व : एक अध्ययन | कु. जयश्री कोरसने | डॉ. चन्द्रकिरण अग्निहोत्री | 2013 | |||||||||||||||||||||
64 | 60 | मध्यप्रदेश के दैनिक हिंदी समाचार पत्रों का साहित्यिक योगदान | श्रीमती अरूणा मोटवानी | डॉ. शोभना जोशी | 2013 | |||||||||||||||||||||
65 | 61 | स्त्री आत्मकथाओं का वास्तुनिष्ठ विवेचन | कु. नंदिनी जोशी | डॉ. कला जोशी | 2014 | |||||||||||||||||||||
66 | 62 | कबीर के काव्य में युगीन संस्कृति | मनोहर सावले | डॉ. पुरूषोत्तम दुबे | 2014 | |||||||||||||||||||||
67 | 63 | शरद जोशी एवं पु.ल. देशपाण्डे के व्यंग्य (गद्य) साहित्य का तुलनात्मक अध्ययन | मोहिनी नेवासकर | डॉ. सरोज कुमार | 2014 | |||||||||||||||||||||
68 | 64 | इंदौर का हिंदी रंगकर्म | श्रीमती संगीता पाठक | डॉ. चन्द्रकिरण अग्निहोत्री | 2014 | |||||||||||||||||||||
69 | 65 | स्त्री विमर्श : एक अध्ययन विशेष संदर्भ : आधुनिक लेखिकाओं की आत्मकथाएं एवं अन्य साक्षात्कार | टीना रावड़े | डॉ. शोभना जोशी | 2014 | |||||||||||||||||||||
70 | 66 | विगत दशक के प्रमख उपन्यासों का मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य | श्रीमती अर्चना शर्मा | डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजगुरू | 2014 | |||||||||||||||||||||
71 | 67 | वैश्विक ग्राम के परिप्रेक्ष्य में हिंदी बहुमाध्यम पत्रकारिता | कैलाश बुदेला | डॉ. पुरूषोत्तम दुबे | 2014 | |||||||||||||||||||||
72 | 68 | नरेन्द्र कोहली का कथ्येत्तर साहित्य | सीमा परसाई | डॉ. ज्योति सिंह | ||||||||||||||||||||||
73 | 69 | मध्यभारत के कबीर पन्थी संतों की दलित चेतना | श्रीमती अंजुला शर्मा | डॉ. श्रीमती मनीषा शर्मा | 2015 | |||||||||||||||||||||
74 | 70 | समकालीन हिंदी कहानी का समाजशास्त्र | कु. अनीता पाटीदार | डॉ. मनीषा शर्मा | 2015 | |||||||||||||||||||||
75 | 71 | समकालीन हिंदी निर्गुण संत काव्य | श्रीमती वंदना वर्मा | डॉ. (श्रीमती) कुसुमलता श्रीवास्तव | 2015 | |||||||||||||||||||||
76 | 72 | समकालीन हिंदी कहानी में वरिष्ष्ठ नागरिकों की व्यथा-कथा (1980 से आद्यावधि तक) | समीरा खान | डॉ. (श्रीमती) कुसुमलता श्रीवास्तव | 2015 | |||||||||||||||||||||
77 | 73 | जैनेन्द्र कुमार की औपन्यासिक साहित्यिक मान्यताएँ | आकांक्षा जैन | डॉ. (श्रीमती) कुसुमलता श्रीवास्तव | 2016 | |||||||||||||||||||||
78 | 74 | चित्रा मुद्गल के कथा साहित्य में युगबोध | कु. प्रियंका वर्मा | डॉ. नीहार गीते | 2016 | |||||||||||||||||||||
79 | 75 | पंडित उदयशंकर भट्ट के काव्य नाट्यों का वास्तु-शिल्प परक अध्ययन | श्रीमती वर्षा भट्ट | डॉ. राजीव शर्मा | 2017 | |||||||||||||||||||||
80 | 76 | चन्द्रसेन विराट के काव्य में व्यक्त चिंतन के विविध आयाम | श्रीमती श्रद्धा दुबे | डॉ. आशा अग्रवाल | 2017 | |||||||||||||||||||||
81 | 77 | देवी भागवत पुराण का सामाजिक अध्ययन | प्रो. उषा गोलाने | डॉ. गोपालकृष्ण शर्मा | 2018 | |||||||||||||||||||||
82 | 78 | संस्कृत की वास्तुशास्त्रीय परंपरा और राजवल्लभ मण्डनम् : एक तुलनात्मक अध्ययन | कु. प्रमिला यादव | डॉ. मीनाक्षी जोशी | 2018 | |||||||||||||||||||||
83 | 79 | हिंदी साहित्य की विविध विधाओं में डॉ. प्रभात कुमार भट्टाचार्य का योगदान | शोभा चौहान (जैन) | डॉ. हरिमोहन बुधौलिया, सहनिर्देशक -डॉ. जयश्री भटनागर | 2019 | |||||||||||||||||||||
84 | 80 | समकालीन परिदृश्य में अनामिका का काव्य : संवेदना और शिल्प | प्रियंका झा | डॉ. प्रेमलता तिवारी, सहनिर्देशक - डॉ. संध्या गंगराडे | 2020 | |||||||||||||||||||||
85 | 81 | प्रिय प्रवास की राधा एवं कुरूक्षेत्र की राधा का तुलनात्मक अनुशीलन | स्वाति मिश्र | डॉ. हरिमोहन बुधौलिया, सहनिर्देशक -डॉ. जयश्री भटनागर | 2020 | |||||||||||||||||||||
86 | 82 | भीली और भिलाली जनजाति के लोकगीतां का तुलनात्मक अनुशीलन (धार एवं बड़वानी जिले के संदर्भ में) | कु. बिरज मुवेल | डॉ. मनीषा सिंह मरकाम | 2020 | |||||||||||||||||||||
87 | 83 | मधु कांकरिया के उपन्यासों में संवेदना के धरातल और युगीन चेतना | श्रीमती मनाली सिंह | डॉ. मनीषा सिंह मरकाम | 2020 | |||||||||||||||||||||
88 | 84 | डॉ. नरेन्द्र कोहली और डॉ. मोहन गुप्त के रामकथापरक उपन्यासों का तुलनात्मक अध्ययन | विक्रम पाटीदार | डॉ. हरिमोहन बुधौलिया, सहनिर्देशक -डॉ. जयश्री भटनागर | 2021 | |||||||||||||||||||||
89 | 85 | हिंदी व्यंग्य परंपरा और डॉ. हरीशकुमार सिंह का योगदान | भारती कुरील | डॉ. हरिमोहन बुधौलिया | 2020 | |||||||||||||||||||||
90 | 86 | राजी सेठ का रचना संसार : शिल्प एवं संवेदना एक अनुशीलन | श्रीमती संगीता बघेल | डॉ. ज्योति सिंह | 2020 | |||||||||||||||||||||
91 | 87 | भीली और भिलाली लोकगीतों का सांस्कृतिक अध्ययन (धार और अलीराजपुर जिले के विशेष संदर्भ में) | सुरसिंह जामोद | डॉ. श्रीराम परिहार | 2020 | |||||||||||||||||||||
92 | 88 | मध्यप्रदेश की हिंदी पत्रकारिता में आचार्य शैलेन्द्र पराशर का साहित्यिक योगदान | कु. सुमन सिसोदिया | डॉ. हरिमोहन बुधौलिया, सहनिर्देशक -डॉ. मंजुला जोशी | 2021 | |||||||||||||||||||||
93 | 89 | इक्कीसवीं सदी के प्रमुख उपन्यासों में जनजातीय जीवन एक अनुशीलन | कु. अर्चना कदम | डॉ. शोभना जोशी | 2021 | |||||||||||||||||||||
94 | 90 | राजेश जोशी का काव्य संसार | सुनीता कदम | डॉ. पद्मा सिंह | 2022 | |||||||||||||||||||||
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