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दिनांक:-…………�विषय:- हिन्दी (अ) �कक्षा : VIII�चक्र:-…………….

प्रस्तुतकर्ता : देवेन्द्र यादव

प्र०स्ना०अ०हिन्दी

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  ������प्रश्न :1 विश्व के इतिहास को सामान्य रूप से कितने भागों मे बाटते हैं ?

उत्तर – विश्व के इतिहास को सामान्य रूप से तीन भागों मे बाटते हैं ।

प्राचीन , मध्यकालीन और आधुनिककाल ।

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प्रश्न 2- प्राचीन विश्व की कुछ सभ्यताओं का नाम बताइये ?

सिंधु घाटी की सभ्यता

मिश्र की सभ्यता

चीन की सभ्यता

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प्रश्न���������प्रश्न 3- प्राचीन भारतीय सभ्यता का नाम बताइये ?

उत्तर :- प्राचीन भारतीय सभ्यता का नाम सिंधु घाटी सभ्यता है -

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आज हम सिंधु घाटी सभ्यता नामक पाठ का अध्ययन करेंगे।

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भारत के अतीत की पहली तस्वीर -

1-यह एक नागरी सभ्यता थी ।

2-इसकी खोज एक संयोग से हुई थी ।

3-यह सभ्यता सिंधु से गंगा तक फैली थी ।

4-यह पूर्ण विकसित और व्यवस्थित सभ्यता थी ।

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मुहर

1-सिंधु घाटी सभ्यता में मुहर मिली है जिस पर पशु पक्षियों के चित्र मिलते हैं ।

2-यह मुहर भारतीय सभ्यता की संपन्नता प्रदर्शित करता हैं ।

नर्तकी की प्रतिमा मिली है ।

इससे पता चलता है की तब के लोग कला प्रेमी

थे ।

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स्नानागार

*मोहनजोदड़ों नामक नगर मे एक विशाल स्नानागार मिला है।

* इस स्नानागार से उस वक्त की सामाजिक सामूहिकता का पता चलता है

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प्रश्न 1-सिंधु घाटी की सभ्यता किस नदी के किनारे बसी थी ?�

उत्तर –सिंधु घाटी की सभ्यता सिंधु नदी के किनारे बसी थी ।

प्रश्न 2- विशाल स्नानागार कहाँ प्राप्त हुआ ?

उत्तर –मोहंजोदड़ों मे प्राप्त हुआ ।

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सिंधु सभ्यता का अंत , आर्यों का आगमन

नदियों के मार्ग बदलने से सभ्यता का अंत

आर्य मुख्य रूप से पशुचारण संस्कृति के लड़ाके थे ।

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प्राचीनतम अभिलेख धर्मग्रंथ और पुराण

अभिलेख

वैदिक ऋषी-मुनि

वेद

  • ऋग्वेद
  • यजुर्वेद
  • अथर्ववेद
  • सामवेद

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उपनिषद ,व्यक्तिवादी दर्शन और भौतिकवाद

  • उपनिषद शब्द की व्युत्पत्ति उप+नि+षद के रूप में मानी है। इसका अर्थ है कि जो ज्ञान व्यवधान रहित होकर निकट आये ,जो ज्ञान विशिष्ट तथा संपूर्ण हो तथा जो ज्ञान सच्चा हो वह निश्चित ही उपनिषद कहलाता है। अर्थात् वह ज्ञान जो गुरु के समीप बैठकर प्राप्त किया गया हो।

  • उपनिषदों की भाषा संस्कृत है तथा ये गद्य – पद्य दोनों में हैं। इनकों वेदांत भी कहा गया है, क्योंकि ये वेदों के अंतिम भाग हैं।

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व्यक्तिवादी दर्शन की लाभ और हानियाँ

  • ज्ञानार्जन के लिए संयम, आत्मपीड़न और आत्मत्याग जरूरी है।
  • आत्मसंयम ही गांधी जी के आंदोलन का आधार बना।
  • आर्यों के व्यक्तिवाद का परिणाम यह निकला की लोग आत्मकेंद्रित हो गए ।
  • भारत में जातिवाद व्यक्तिवादी दर्शन की देन है ।
  • व्यक्तिवादियों के कारण भारत मे बौद्धिक जड़ता का विकास हुआ।

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भौतिकवाद

  • भौतिकवादी जगत को ही सत्य मानते हैं ।

  • यह दुर्भाग्य का विषय है की हमने बहुत सारा साहित्य खो दिया है ।

  • कहते हैं की भारत में लंबे समय तक भौतिकवादी दर्शन प्रचलित था ।

  • भौतिकवादी स्वर्ग और नर्क की अवधारणा में विश्वास नहीं करते है ।

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  • प्रश्न 1-पहली लिखित पुस्तक का क्या नाम है ?

  • उत्तर –पहली लिखित पुस्तक का नाम ऋग्वेद है ।

  • प्रश्न 2-भौतिकवाद क्या है ?

  • उत्तर – भौतिकवाद जगत को ही सत्य मानता है ।

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महाकाव्य ,इतिहास ,परंपरा और मिथक

*रामायण और महाभारत दो प्राचीन महाकाव्य हैं।

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*रामायण और महाभारत भारतीय परंपरा इतिहास और मिथक का

अद्भुत मिश्रण है ।

*रामायण राजा राम और रावण के बीच धर्म और अधर्म को लेकर होने वाले संग्राम की कथा है । वही महाभारत कौरवों और पाण्डओं के बीच हस्तीनपुर के गद्दी के लिए होने वाले संघर्ष की कथा हैं ।

*आप सब कक्षा छठवीं में रामायण और सातवी मे महाभारत की कथा

संक्षिप्त में पढ़ चुके हैं ।

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भगवद्गीता

  • यह महाभारत का अंश है ।

  • इसमे कुल 700 श्लोक हैं ।

  • यह कृष्ण द्वारा अर्जुन को सुनाया गया था ।

  • यह दुविधाग्रस्त मनुष्य को रास्ता दिखाने वाला ग्रंथ है ।

  • गीता में मानव के आध्यात्मिक स्वरूप का निरूपण हैं ।

अर्जुन और कृष्ण

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प्राचीन भारत में जीवन और कर्म

  • ग्राम सभा एक सीमा तक स्वतंत्र थी ।

  • भूमि कर राज्य की आय का प्रमुख साधन था ।

  • जातक कथा से यह पता चलता है की दस्तकारी से जुड़े लोगो की अलग बस्ती थी ।

  • भड़ौच नामक बंदरगाह से भारतीय व्यापारी व्यापार करने जाते थे ।

  • इसी समय पाणिनी ने संस्कृत व्याकरण की रचना की थी ।

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  • प्राचीन भारत मे चरक और धनवंतरी नाम के महान चिकित्सक हुये ।
  • शल्य चिकित्सा जैसा जटिल कार्य प्राचीन भारत मे होता था ।
  • इस समय जंगलो मे गुरुकुल हुआ करते थे जहां शस्त्र के साथ शास्त्र की भी शिक्षा मिलती थी ।
  • छात्रो को गुरुकुल में सादा जीवन यापन करना पड़ता था ।
  • तक्षशिला प्राचीन भारत का प्रसिद्ध विश्वविद्यालय था ।

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  • प्रश्न 1-महाकाव्यो का नाम बताइये ?

  • उत्तर- रामायण और महाभारत।

  • प्रश्न-2 प्राचीन भारतीय चिकित्सको के नाम लिखो ?

  • उत्तर – चरक और धनवंतरी।

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महावीर और बुद्ध- वर्ण व्यवस्था

गौतम बुद्ध

जैन और बौद्ध धर्म दोनों ही वैदिक धर्म से कटकर अलग हुये थे और उसकी शाखा थे ।

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  • बौद्ध और जैन दोनों ही धर्म वेदों को प्रमाण नहीं मानते थे ।
  • दोनों ही धर्म अहिंसा पर बल देते थे ।
  • दोनों ही धर्म एक हद तक व्यक्तिवादी और बुद्धिवादी थे ।
  • जैन धर्म के संस्थापक महावीर और बुद्ध दोनों ही क्षत्रिय थे ।
  • बुद्ध की मृत्यु 544 ई॰पू॰ में हुई थी ।
  • बुद्ध अंधविश्वास, पाखंड और प्रपंचवाद के विरुद्ध थे

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  • बुद्ध ने वर्ण व्यवस्था पर सीधा प्रहार तो नहीं किया लेकिन अपने संघ मे इसे कोई स्थान नहीं दिया ।
  • बुद्ध ने अपने शिष्यो को धर्म प्रचार के लिए सभी देशो मे जाने को कहा।

सारनाथ का बौद्ध स्तूप

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बुद्ध की शिक्षा

  • बुद्ध की शिक्षाएं पाली भाषा मे संकलित हैं ।
  • मनुष्य को क्रोध पर दया से और बुराई पर भलाई से काबू पाना चाहिए ।
  • जो अपने पर विजय पा ले वही सच्चा विजेता होता है ।
  • बुद्ध चार आर्य सत्य की बात करते हैं । जिसका जुड़ाव दुख से है ।
  • बुद्ध माध्यम मार्ग अपनाने की बात करते हैं ।
  • बुद्ध ने दुनिया को ज्ञान का प्रकाश दिया इसलिए उन्हे “लाइट ऑफ एशिया” भी कहा गया ।

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चन्द्रगुप्त और चाणक्य – मौर्य साम्राज्य की स्थापना

  • चन्द्रगुप्त और उनके सलाहकार चाणक्य ने सिकंदर के आक्रमण से मचे उथल-पुथल के बीच मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी ।
  • दोनों ही मगध शासक नन्द द्वारा निष्कासित थे ।
  • प्रचलित कथा से पता चलता है की चन्द्रगुप्त की भेट सिकंदर से हुई थी ।
  • चन्द्रगुप्त और चाणक्य ने राष्ट्रवाद का हवाला दे, नागरिकों को जागरूक कर तक्षशिला पर अधिकार कर लिया था ।

आचार्य चाणक्य

सम्राट चन्द्रगुप्त

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  • चन्द्रगुप्त मौर्य ने लिखित इतिहास मे पहली बार एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की थी ।
  • चन्द्रगुप्त और चाणक्य के बारे मे हिंदुस्तानी और यूनानी दोनों ही साहित्य में जानकारी मिलती है ।
  • चाणक्य का एक नाम कौटिल्य भी मिलता है उसने अर्थशास्त्र नामक पुस्तक की रचना की जिसका विषय राजनीति है ।
  • मुद्रराक्षस नामक कृति भी चाणक्य के बारे मे जानकारी देती है ।
  • चाणक्य बड़े ही विस्तार से राजा और उसके कर्तव्यो का वर्णन करता है ।

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अशोक

सम्राट अशोक चन्द्रगुप्त मौर्य का प्रपौत्र और

बिन्दुसार का पुत्र था ।

यह 273 ई॰पू॰ में शासक बना इसके पहले यह तक्षशिला

का शासक था ।

इसका शासन मध्याएशिया तक फैला था । कई युद्ध लड़ने

के बाद इसको युद्धो से घृणा हो गई और यह बौद्ध धर्म

ग्रहण कर लेता है ।

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*बौद्ध धर्म ग्रहण करने के बाद अशोक ने अपने साम्राज्य के कोने –कोने मे

शिलालेख लगवाये ।

*शिलालेखों में बौद्ध धर्म की शिक्षाएं और प्रजा के कल्याण की बाते लिखी

जाती थी ।

*अशोक एशिया ही नहीं सम्पूर्ण विश्व के महान शासको मे गिना जाता है ।

*वह कट्टर बौद्ध होने के बावजूद सभी धर्मो का आदर करता था ।

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*अशोक बहुत बड़ा निर्माता था ।

*विदेशी कारीगरों की मदद से उसने कई कलात्मक इमारतों का निर्माण कराया ।

*इसके सामय की मूर्तिकला काफी प्रसिद्ध हुई ।

*प्रसिद्ध सांची का स्तूप अशोक के सामय ही निर्मित हुआ था ।

*इकतालीस साल के अनवरत शासन के बाद 232 ई॰पू॰ में अशोक की मृत्यु

हो गई ।

*एच जी वेल्स अपनी पुस्तक आउटलाइन ऑफ हिस्ट्री मे लिखते हैं कि राजाओ

कि सूची मे अशोक अकेले सितारे कि तरह चमक रहा है ।

सांची का स्तूप

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सारांश

  • पंडित नेहरू उपर्युक्त पाठ के माध्यम से भारतीय छात्रो को उनके शानदार अतीत और उसकी भव्यता के बारे मे बता रहे हैं । उनका कहना है कि भारतीय सभ्यता कि भोर सिंधु घाटी से आरंभ होकर धीरे धीरे विकसित होते हुये सम्राट अशोक के समय मे अपनी भव्यता के चरम पर पहुच जाती है । हमारा अतीत साहित्य , कला ,विज्ञान चिकित्सा से परिपूर्ण है। जिसे भले ही हम समय के साथ भूल गए थे लेकिन वह हमारे और विश्व के सामने आ गई ।

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  • प्रश्न1- सिंधु घाटी की सभ्यता की क्या विशेषता थी ।

  • प्रश्न 2- आर्य सभ्यता की क्या विशेषता थी ?

  • प्रश्न 3- व्यक्तिवाद क्या है ?

  • प्रश्न 4- महाभारत की कथा क्या है ?

  • प्रश्न 5- अशोक ने कौन सा धर्म स्वीकार किया था ?