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BLESSINGS

ॐ ह्रीं अर्हम् नमः

श्रीसद्गुरुभ्यो नमः

ॐ ऐं नमः

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SHREE MATI GYANAY NAMAH

SHREE SHRUT GYANAY NAMAH

SHREE AVADHI GYANAY NAMAH

SHREE MANAH - PARYAV GYANAY NAMAH

SHREE KEVAL GYANAY NAMAH

5 GYAN

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Learn & Turn Jainism Part -2 Lesson No. 5

Panchindiy Sootra

Inspired by:

Yugpradhan Acharyatulya P.P. Panyas Shree Chandrashekar Vijayji M.S.

P.P. Panyas Shree Yashobhushan Vijayji M.S.

P.P. Panyas Shree Manobhushan Vijayji M.S.

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Learn & Turn Jainism Part -2 Lesson No. 5

Panchindiy Sootra

5. पंचिंदीय संवरणो

१) पंचिंदीय संवरणो: स्पर्शेन्द्रिय, रसनेन्द्रिय, घ्राणेन्द्रिय, चक्षुरिन्द्रिय और श्रोत्रेन्द्रिय यह पांच इन्द्रिय को काबु में रखने वाले

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Learn & Turn Jainism Part -2 Lesson No. 5

Panchindiy Sootra

तह - नवविह - बंमचेर गुत्तो

२) तह - नवविह - बंमचेर गुत्तो: ब्रहमचर्य की नव प्रकार की गुप्ति (मर्यादा) को धारण करने वाले।

  1. स्त्री, पशु, नपुंसक, जहाँ न होवे वहाँ पर रहना।
  2. स्त्री के साथ राग से बाते नहि करनी।
  3. स्त्री जहाँ पे बेठी हो, वो जगह पर पुरुष दो घडी (४८मीनीट) तक न बेठे, और पुरुष जहाँ पर बेठे हो वहाँ पर स्त्री तीन प्रहर तक न बेठे।
  4. राग से स्त्री का अंगोपांग देखना नही।

५) स्त्री - पुरुष सोये हो या कामभोग की

बाते करते हो, वहाँ दिवाल के पास में रहना नहीं।

६) अगाउ भोगे हुए विषयादि को याद ना करे।

७) स्निग्ध आहार न करे।

८) नीरस ऐसा आहार भी ज्यादा न करे।

९) शरीर की शोभा टापटीप न करे।

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Panchindiy Sootra

चउविह- कषाय – मुक्को

३) चउविह- कषाय – मुक्को: क्रोध, मान, माया, लोभ रुपी ४ कषाय से रहित

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Panchindiy Sootra

पंच महव्वय जुत्तो

४) पंच महव्वय जुत्तो: पांच प्रकार के महाव्रतो सहित

१) सर्वथा प्राणातिपात विरमण व्रत जीवो की बिल्कुल हिंसा नहीं करनी

२) सर्वथा मृषावाद विरमण व्रत बिल्कुल झुठ बोलना नहीं

३) सर्वथा अदत्तादान विरमण व्रत बिल्कुल चोरी करनी नहीं

४) सर्वथा मैथुन विरमण व्रत संपूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना

५) सर्वथा परिग्रह विरमण व्रत कोई भी वस्तु का संग्रह करना नहीं तथा उस वस्तु पर राग (आसति) करनी नहीं

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Panchindiy Sootra

पंच विहायार पालन समत्थो

५) पंच विहायार पालन समत्थो: पांच प्रकार के आचार पालन में सक्षम

१) ज्ञानाचार २) दर्शनाचार ३) चारित्राचार ४) तपाचार ५) वीर्याचार

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Panchindiy Sootra

पंच समिओ

६) पंच समिओ : पांच समिति सहित

  1. ईर्या समिति - नीचे देखकर चलना

२) भाषा समिति - अच्छा और सच बोलना

३) ओषणा समिति - दोष से रहित गोचरी, पाणी, वस्त्रो को वापरना।

४) आदान भंडमत्त निक्खेवणा समिति कोई भी वस्तु लेते या नीचे रखने से पहले जमीन को पूंजना।

५) पारिष्ठा पनिका समिति दूसरे कोई भी जीव न मरे ऐसे ही पानी या मात्रु इत्यादिको जमीन पर डालना।

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Panchindiy Sootra

तिगुत्तो

७) तिगुत्तो: तीन गुप्ति सहित

  1. मन गुप्ति - मन से पाप नही करना

२) वचन गुप्ति - वचन से पाप नहीं करना

३) काय गुप्ति - शरीर से पाप नही करना

४) छत्तीस गुणो गुरु मज्झ - ये छत्तीस गुणो वाले मेरे गुरु है।

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