कक्षा – दस ��स्पर्श भाग -२��विषय : हिंदी ‘ब’ पाठ्यक्रम ��पाठ : गिरगिट��लेखक- अंतोन चेखव��
नवोदय विद्यालय समिति
नोएडा – ई- सामग्री
प्रस्तुतकर्ता :राहुल शर्मा
प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक हिंदी
जवाहर नवोदय विद्यालय मंड्या
एंटोन पावलोविच चेखव
जन्म-29 जनवरी 1860
तगानोग, एकेटरिनोस्लाव प्रांत, रूसी साम्राज्य
मृत्यु -15 जुलाई 1904
अच्छी शासन व्यवस्था वही कहलाती है जो हर तरह से संतुलन बना कर चलाई जाती है। सबको एक सामान देखती है अर्थात किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता। जो भी अन्याय करता है उसके अन्याय को भी न्याय के तराजू में तोला जाता है। अगर शासन व्यवस्था इस तरह की हो तो हर एक व्यक्ति में कानून के प्रति आदर और सम्मान की भावना जाग जाएगी। सभी व्यक्तियों के अंदर इस तरह की न्याय व्यवस्था के कारण निडरता की भावना पैदा हो जाती है। ऐसी शासन व्यवस्था तभी कायम हो सकती है, जब शासन करने वाले बिना किसी भेदभाव के, अपने अधिकारों और कर्तव्यों का पालन करेंगे। जब कभी भी शासन करने वाले अपना काम सही ढंग से नहीं करते, तब देश में अनियंत्रित एवं विधि विरोधी शासनावस्था का बोलबाला बढ़ जाता है।
पाठ-प्रवेश
1884 में लिखी गई प्रस्तुत पाठ की कहानी में रूस के महान लेखक ने एक ऐसी घटना का वर्णन किया है जब रूस में जार की उपाधि धारक राजाओं के शासन में वहाँ की शासन व्यवस्था चापलूसों और भाई-भतीजावाद के आधार पर तैनात अधिकारियों के भरोसे चल रही थी। वहाँ पर हालात इतने ख़राब थे कि वहाँ के अधिकारी कानून के या आम आदमी की ऐसी शिकायत पर भी सही फ़ैसला नहीं कर पाते थे जिसमें दोषी कोई आदमी नहीं बल्कि कोई खतरनाक कुत्ता ही क्यों न हो। जरूर ऐसी शासन व्यवस्था के लिए ही कवि तुलसीदास ने कहा होगा 'समरथ को नहिं दोष गुसाई' अर्थात समर्थवान लोगों का कोई दोष नहीं होता।
पाठ सार
प्रस्तुत पाठ की कहानी में रूस के महान लेखक ने एक ऐसी घटना का वर्णन किया है जब रूस में जार की उपाधि धारक राजाओं के शासन में वहाँ की शासन व्यवस्था चापलूसों के भरोसे चल रही थी।वहाँ पर हालत इतने ख़राब थे कि वहाँ के अधिकारी कानून के या आम आदमी की ऐसी शिकायत पर भी सही फ़ैसला नहीं कर पाते थे जिसमें दोषी कोई आदमी नहीं बल्कि कोई खतरनाक कुत्ता ही हो।
पुलिस इंसपेक्टर ओचुमेलॉव दूसरों से हथियायी बेर की एक किस्म झरबेरियाँ की एक टोकरी को ले कर चौराहे से गुजर रहा था। तो अचानक उसके कानों में कुछ शोर सुनाई पड़ा। ओचुमेलॉव मुड़ा और भीड़ की ओर चल पड़ा। उसने देखा कि एक कुत्ता तीन टाँगों पर रेंगता हुआ आ रहा था वह इसलिए रेंग रहा था क्योंकि एक आदमी ने गिरते-पड़ते किसी तरह से उस कुत्ते की एक टाँग को पकड़ लिया था। वह आदमी अपना दायाँ हाथ ऊपर हवा में उठा कर खड़ा था और वहाँ पर मौजूद लोगों को अपनी खून से लतपथ ऊँगली को दिखा रहा था। ओचुमेलॉव ने उस आदमी को पहचान लिया। वह ख्यूक्रिन नाम का सुनार था । उस भीड़ के बीचोंबीच अपनी अगली टाँगों को फैलाए हुए, नुकीले मुँह वाला और पीठ पर फैले हुए पीले दाग वाला, सफ़ेद रंग का बारजोई नामक प्रजाति का कुत्ता ऊपर से नीचे तक काँप रहा था और अपराधी की तरह नज़र आ रहा था।
घटना के बारे में पूछने पर उस आदमी ने बताया कि वह तो चुपचाप अपने रस्ते पर चल रहा था। इतने में अचानक इस कमअक्ल कुत्ते ने बिना किसी कारण के ही उसकी ऊँगली को काट लिया। ख्यूक्रिन की बात सुन कर ओचुमेलॉव कुत्ते के बारे में पूछता है कि वह कुत्ता है किसका। वह इस मामले को छोड़ेगा नहीं। वह उस कमअक्ल आदमी को इतना जुर्माना लगाएगा कि उसको पता चल जयेगा कि कुत्तों और जानवरों को इस तरह कही भी फालतू खुला छोड़ देने का क्या परिणाम हो सकता है। वह अपने सिपाही से पता लगाने को कहता है कि वह पिल्ला किसका है और इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर के बिना देरी किए, कुत्ते को मार देने को कह देता है। इतने में भीड़ में से कोई कहता है कि लगता है ये कुत्ता जनरल झिगालॉव का है। ये सुन कर ओचुमेलॉव हड़बड़ा जाता है क्योंकि उसने कुत्ते को मरवाने का आदेश दे दिया था। वह ख्यूक्रिन की तरफ़ मुड़ता है और उससे कहने लगा कि उसको ये बात समझ नहीं आ रही है कि आखिर इस कुत्ते ने उसे कैसे काट लिया। ये उसकी ऊँगली तक आखिर पहुंचा कैसे। ओचुमेलॉव ख्यूक्रिन को ही कोसते हुए कहता है कि जरूर उसकी ऊँगली में कील इत्यादि लग गई होगी और उसने अचानक ही सोच लिया होगा कि चोट का पूरा इल्जाम कुत्ते पर डाला जाए ताकि उस कुत्ते के मालिक पर दबाव डालकर पैसे वसूल कर सके। सिपाही ध्यान से कुत्ते को देख कर कहता है कि वो कुत्ता जनरल साहब का नहीं है क्योंकि जनरल साहब के पास तो ऐसा कोई कुत्ता नहीं है। जब सिपाही कहता है कि उसे एकदम पक्का विश्वास है कि वो कुत्ता जनरल साहब का नहीं है, तब ओचुमेलॉव फिर से ख्यूक्रिन की ओर हो जाता है और कहता है कि इस कुत्ते ने उसे काटा है तो एक बात को याद रखना है कि इस कुत्ते को किसी भी हालत में छोड़ना नहीं है। इसे हर हालात में मज़ा चखाना ही है। सिपाही फिर से सोचते हुए बोला कि शायद यह जनरल साहब का ही कुत्ता है। कल ही उसने बिलकुल इसी तरह का एक कुत्ता उनके आँगन में देखा था।
अब ओचुमेलॉव जानता था कि वह बहुत बार अपनी राय को बदल चूका था इसलिए अब उसने कहा की उस कुत्ते को जरनल साहब के पास ले जाया जाए और अब उन्हीं से पूछा जाए की क्या वह कुत्ता उनका है या नहीं। जब उस कुत्ते के बारे में कोई ठीक से नहीं बता पा रहा था तब ओचुमेलॉव को जनरल साहब के घर में खाना बनाने वाला दिखाई देता है, वह उसको बुलाता है और उससे पता करने की कोशिश करता है। पर बावर्ची मना करते हुए कहता है कि उसने अपनी पूरी ज़िन्दगी में इस तरह के कुत्ते को जरनल साहब के घर में नहीं देखा है। यह सब सुनकर ओचुमेलॉव कहता है की अब और ज्यादा जानने की जरुरत नहीं है। वह कुत्ता फालतू है, अब इस कुत्ते को मार कर सारी घटना को ही ख़त्म कर देना चाहिए। इस पर बावर्ची प्रोखोर कहता है कि यह कुत्ता जनरल साहब का नहीं है, परन्तु यह उनके भाई का है। जब ओचुमेलॉव को पता चला की जनरल का भाई आया है तो ओचुमेलॉव बावर्ची से कहता है कि थोड़ा सोच कर देखो कि जनरल साहब के भाई साहब जनरल साहब से मिलने आए हैं और वह इतना भी नहीं जनता। और ये कुत्ता उनका है। ये जान कर बहुत ख़ुशी हुई, ले जाइए इसे, ये तो बहुत ही सूंदर कुत्ता है। प्रोखोर कुत्ते को सँभालकर काठगोदाम से बाहर चला जाता है और भीड़ ख्यूक्रिन की हालत पर हँसने लगती है। ओचुमेलॉव ख्यूक्रिन को डराते हुए कहता है की वह उससे बाद में निपटेगा और अपने लम्बे चोगे को शरीर पर डालता हुआ, बाजार के उस चैराहे को पार करता हुआ अपने रास्ते पर निकल जाता है।
बार-बार अपनी बात से पलटने और बड़े अधिकारियों के कुत्ते तक की सिफ़ारिश करने कारण इस पाठ का नाम गिरगिट रखा गया है। और ऐसी शासन व्यवस्था के लिए ही कवि तुलसीदास ने कहा होगा 'समरथ को नहिं दोष गुसाई' अर्थात समर्थवान लोगों का कोई दोष नहीं होता।
पाठ व्याख्या
हाथ में बंडल थामे, पुलिस इंसपेक्टर ओचुमेलॉव नया ओवरकोट पहने हुए, बाजार के चौराहे से गुजरा। उसके पीछे, अपने हाथों में, जब्त की गई झरबेरियों की टोकरी उठाए, लाल बालों वाला एक सिपाही चला आ रहा था। चारों ओर ख़ामोशी थी..... चौराहे पर किसी आदमी का निशान तक नहीं था। दुकानों के खुले दरवाज़े, भूखे जबड़ों की तरह, भगवान की इस सृष्टि को उदास निगाहों से ताक रहे थे। कोई भिखारी तक उनके आस-पास नहीं दिख रहा था।
हाथों में गठ्ठा थामे हुए, पुलिस इंसपेक्टर ओचुमेलॉव अपना नया बड़ा कोट पहन कर, बाजार के चौराहे से गुजर रहा था। उसके पीछे एक लाल बालों वाला एक सिपाही चल रहा था, जिसके हाथों में एक टोकरी थी जिसमें बेर की एक किस्म झरबेरियाँ थी, जिसको उन्होंने दूसरों से हथिया लिया था। चारों ओर ख़ामोशी थी अर्थात कोई शोर सुनाई नहीं दे रहा था। चौराहे पर कोई भी आदमी दिखाई नहीं दे रहा था। दुकानों के खुले हुए दरवाजे ऐसे लग रहे थे जैसे भूख के कारण उनका मुँह खुला हुआ हो क्योंकि कोई भी उनके अंदर खरीददारी करने नहीं जा रहा था और लग रहा था जैसे वे भगवान के द्वारा बनाई इस दुनिया को उदास नजरों से देख रहे हों। यहाँ तक की कोई भिखारी भी उनके आस-पास नहीं भटक रहा था।
सहसा ओचुमेलॉव के कानों में एक आवाज़ गूँजी- "तो तू कटेगा? तू? शैतान कहीं का! ओ छोकरो! इसे मत जाने दो। इन दिनों काट खाना मना है। पकड़ लो इस कुत्ते को। आह....!"
तब किसी कुत्ते के किकियाने की आवाज़ सुनाई दी। ओचुमेलॉव ने उस आवाज की दिशा में घूमकर घुरा और पाया की एक व्यापारी पिचूगिन के काठगोदाम में से एक कुत्ता तीन टाँगों के बल पर रेंगता चला आ रहा है। छींट की कलफ़ लगी कमीज़ और बिना बटन की वास्केट पहने हुए, एक व्यक्ति कुत्ते के पीछे दौड़ रहा था। गिरते-पड़ते उसने कुत्ते को पिछली टाँग से पकड़ लिया। फिर कुत्ते का किकियाना और एक चीख- "मत जाने दो " दुबारा सुनाई दी। दुकानों में ऊँघते हुए
चेहरे बाहर झांके और देखते ही देखते, जैसे जमींन फाड़ कर निकल आई एक भीड़, काठगोदाम को घेरकर खड़ी हो गई।
लेखक कहता है कि जब ओचुमेलॉव चौराहे से गुजर रहा था तो अचानक ओचुमेलॉव के कानों में एक आवाज़ सुनाई पड़ी जैसे कोई किसी से कह रहा था कि अब तू काटेगा? तू, शैतान कही का! फिर किसी लड़के को आवाज देता हुआ कि अरे! ओ लड़के उसको मत जाने दो। आजकल काट खाना बिलकुल मना है। इस कुत्ते को पकड़ लो। फिर कुछ इस तरह की आवाजे आई जैसे कुत्ता कष्ट के मारे चिल्ला रहा हो। ओचुमेलॉव जब उस दिशा की ओर मुड़ा जिस ओर से आवाज आ रही थी, तो उसने देखा कि पिचूगिन नाम के व्यापारी के लकड़ी के गोदाम में से एक कुत्ता तीन टाँगों के सहारे रेंगता हुआ आ रहा था।
कुत्ता तीन टाँगों पर इसलिए रेंग रहा था क्योंकि मांड लगी हुई छींट की कमीज़ और बिना बटन की वास्केट पहने हुए, एक आदमी उस कुत्ते के पीछे दौड़ रहा था और उसने गिरते-पड़ते किसी तरह से उस कुत्ते की एक टाँग को पकड़ लिया था। फिर दुबारा से कुत्ते की वही कष्ट से भरी हुई चीख और उस आदमी का दुबारा चिल्लाना कि 'मत जाने दो' सुनाई दिया। शोर को सुन कर दुकानों में से कुछ चेहरे बाहर देखने लगे जो लग रहा था कि आधी नींद से जागे हों और देखते-ही-देखते थोड़ी देर में ही न जाने कहाँ से लकड़ी के गोदाम के इर्द-गिर्द भीड़ खड़ी हो गई, ऐसा लग रहा था मानो वो भीड़ जमीन फाड़ कर आई हो।
"हुजूर! यह तो जनशांति भंग हो जाने जैसा कुछ दीख रहा है",सिपाही ने कहा।
ओचुमेलॉव मुड़ा और भीड़ की तरफ चल दिया। उसने काठगोदाम के पास बटन विहीन वास्केट धारण किए हुए उस आदमी को देखा, जो अपना दायाँ हाथ उठाए वहाँ मौजूद था तथा उपस्थित लोगों को अपनी लहूलुहान उँगली दिखा रहा था उसके नशीले-से हो आए चेहरे पर साफ़ लिखा दिख रहा था- "शैतान की औलाद! मैं तुझे छोड़ने वाला नहीं!
और उसकी उँगली भी जीत के झंडे की तरह गड़ी दिखाई दे रही थी। ओचुमेलॉव ने इस व्यक्ति को पहचान लिया। वह ख्यूक्रिन नामक सुनार था और इस भीड़ के बीचोंबीच, अपनी अगली टाँगे पसारे, नुकीले मुँह और पीठ पर फैले पीले दागवाला, अपराधी-सा नजर आता, सफ़ेद बारज़ोई पिल्ला, ऊपर से निचे तक काँपता पसरा पड़ा था। उसकी आँसुओं से सनी आँखों में संकट और आंतक की गहरी छाप थी।
शोर और भीड़ को देख कर सिपाही ओचुमेलॉव से कहता है कि साहब, यह तो ऐसा दिखाई पड़ रहा है जैसे लोगो की शांति को भंग किया जा रहा है। यह सुन कर ओचुमेलॉव मुड़ा और भीड़ की ओर चल पड़ा। जब वह लकड़ी के गोदाम के पास पंहुचा तो उसने वहाँ बिना बटन वाली वास्केट को पहने हुए एक आदमी देखा, जो वहाँ पर अपना दायाँ हाथ ऊपर हवा में उठा कर खड़ा था और वहाँ पर मौजूद लोगों को अपनी खून से लतपथ ऊँगली दिखा रहा था। उसका चेहरा गुस्से से ऐसे लाल हो गया था जैसे नशे में डूबे व्यक्ति का होता है और उसके चेहरे को देख कर साफ लग रहा था कि जैसे वह कुत्ते से कह रहा हो कि शैतान की औलाद वह उसे छोड़ने वाला नहीं है। और उस व्यक्ति की ऊँगली भी ऐसे दिखाई पड़ रही थी जैसे किसी ने जीत का झंडा गाड़ दिया हो। ओचुमेलॉव ने उस आदमी को पहचान लिया। वह ख्यूक्रिन नाम का सुनार था और उस भीड़ के बीचोंबीच अपनी अगली टाँगों को फैलाए हुए, नुकीले मुँह वाला और पीठ पर फैले हुए पीले दाग वाला, सफ़ेद रंग का बारजोई नमक प्रजाति का कुत्ता ऊपर से नीचे तक काँप रहा था और अपराधी की तरह नज़र आ रहा था। उसकी आँखे आँसुओं से भरी हुई थी और उसमें खतरे और डर का मिश्रण दिखाई दे रहा था।
"यह सब क्या हो रहा है?" भीड़ को चीरते हुए ओचुमेलॉव ने सवाल किया-"तुम सब लोग इधर क्या कर रहे हो? तुमने अपनी यह ऊँगली ऊपर क्यों उठा रखी है? चिल्ला कौन रहा था?"
"हुज़ूर! मैं तो चुपचाप चला जा रहा था," मुँह पर हाथ रखकर खाँसते हुए ख्यूक्रिन ने कहा- "मुझे मित्री मित्रिच से लकड़ी लेकर कुछ काम निपटाना था, तब अचानक इस कम्बख्त ने अकारण मेरी ऊँगली काट खाई। माफ़ करें। आप तो जानते हैं मैं ठहरा कामकाजी आदमी..... मेरा काम भी एकदम पेचीदा किस्म का है। मुझे लग रहा है एक हफ्ते तक मेरी यह ऊँगली अब काम करने लायक नहीं हो पाएगी। तो हुज़ूर! मेरी गुजारिश है कि इसके मालिकों से मुझे हरज़ाना तो दिलवाया जाए। यह तो किसी कानून में नहीं लिखा है हुज़ूर कि आदमखोर जानवर हमें काट खाएँ और हम उन्हें बरदाश्त करते रहें। अगर हर कोई इसी तरह काट खाना शुरू कर दे तो यह जिंदगी तो नर्क हो जाए....."
जब ओचुमेलॉव वहाँ भीड़ के पास पहुँचा तो उसने कई प्रश्न एक साथ किए जैसे- यह सब क्या हो रहा है? तुम सब लोग इधर क्या कर रहे हो? तुमने अपनी यह ऊँगली ऊपर क्यों उठा रखी है? चिल्ला कौन रहा था?
इन प्रश्नों के उत्तर में ख्यूक्रिन मुँह पर हाथ रखकर खाँसते हुए कहता है कि साहब, वह तो चुपचाप अपने रस्ते पर चल रहा था। उसे मित्री मित्रिच से लकड़ी लेकर अपना कुछ काम ख़त्म करना था। इतने में अचानक इस कमअक्ल कुत्ते ने बिना किसी कारण के ही उसकी ऊँगली को काट लिया। फिर ख्यूक्रिन ओचुमेलॉव से माफ़ी मांगते हुए कहता है कि वह तो रोजमर्रा का काम करने वाला एक छोटा आदमी है और उसका काम भी बहुत ज्यादा कठिन है। ख्यूक्रिन आगे कहता है कि उसे लग रहा है कि उसकी ऊँगली एक हफ्ते से पहले काम करने योग्य नहीं हो पाएगी। इसलिए वह ओचुमेलॉव से प्रार्थना करता है कि उसे उस कुत्ते के मालिक से हानि होने पर उसके बदले में दिया जाने वाला धन दिलवाया जाए। ख्यूक्रिन ओचुमेलॉव से कहता है कि यह तो किसी कानून में नहीं लिखा है कि आपको कोई आदमखोर जानवर काट खाएँ और आप चुप-चाप सहन करते जाएँ। अगर इसी तरह सभी काट खाते रहे तो इंसानों की जिंदगी तो नर्क ही बन जाएगी।
"हूँ.. ठीक है, ठीक है," ओचुमेलॉव ने अपना गला खँखारते और अपनी त्योरियाँ चढ़ाते हुए कहा- "ठीक है यह तो बताओ कि यह कुत्ता किसका है। मैं इस मामले को छोड़ने वाला नहीं हूँ। कुत्ते को इस तरह आवारा छोड़ देनी का मज़ा मैं इसके मालिकों को चखाकर रहूँगा। जो कानून का पालन नहीं करते, अब उन लोगों से निबटने का वक्त आ गया है। उस बदमाश आदमी को मैं इतना जुर्माना ठोकूँगा ताकि उसे इल्म हो जाये कि कुत्तों और जानवरों को इस तरह आवारा छोड़ देने का क्या नतीज़ा होता है? मैं उसे ठीक करके रहूँगा," तब सिपाही की तरफ मुड़कर उसने अपनी बात जारी रखी- "येल्दीरीन! पता लगाओ यह पिल्ला किसका है और इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार करो। इस कुत्ते को बिना देर किए ख़त्म कर दिया जाए। शायद यह पागल हो.... मैं पूछ रहा हूँ आखिर यह किसका कुत्ता है?"
ख्यूक्रिन की बात सुन कर ओचुमेलॉव अपना गला साफ करता है और अपनी भौंहों को चढ़ाते हुए कहता है कि ये सब तो ठीक है परन्तु यह तो बताओ कि यह कुत्ता है किसका। ओचुमेलॉव कहता है कि वह इस मामले को छोड़ेगा नहीं। अपने कुत्ते को इस तरह फालतू खुला छोड़ने का मज़ा तो वह उस कुत्ते के मालिक को जरूर देगा। ओचुमेलॉव कहता है कि जो लोग कानून का पालन नहीं करते हैं उनका समाधान करने का समय आ गया है। वह उस कमअक्ल आदमी को इतना जुर्माना लगाएगा कि उसको पता चल जयेगा कि कुत्तों और जानवरों को इस तरह कही भी फालतू खुला छोड़ देने का क्या परिणाम हो सकता है। वह उस इंसान को सबक सिखा कर रहेगा। ये बातें कहता हुआ ओचुमेलॉव सिपाही की ओर मुड़ता है और सिपाही से कहता है कि येल्दीरीन! पता लगाओ यह पिल्ला किसका है और इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार करो। बिना देरी किए इस कुत्ते को मार दो। क्या पता यह कुत्ता पागल हो। ओचुमेलॉव एक बार फिर से पूछता है कि कुत्ता आखिर है किसका?"
"मेरे ख्याल में यह जनरल झिगालॉव का है," भीड़ में से एक आवाज उभर कर आई।
"जनरल झिगालॉव! हूँ येल्दीरीन, मेरा कोट उतरवाने में मेरी मदद करो... ओफ्फ़! आज कितनी गरमी है। लग रहा है बारिश हो कर रहेगी," वह ख्यूक्रिन की तरफ़ मुड़ा- "एक बात मेरी समझ में नहीं आती-आखिर इसने तुम्हें कैसे काट खाया? यह तुम्हारी ऊँगली तक पहुँचा कैसे? तू इतना लम्बा-तगड़ा आदमी और यह रत्ती भर का जानवर! जरूर ही तेरी ऊँगली में कोई कील वगैरह गड़ गई होगी और तत्काल तूने सोचा होगा कि इसे कुत्ते के मत्थे मढ़कर कुछ हरज़ाना वगैरह ऐंठकर फ़ायदा उठा लिया जाए। मैं तेरे जैसे शैतान लोगों को अच्छी तरह समझता हूँ।"
"इसने अपनी जलती सिगरेट से इस कुत्ते की नाक यूँ ही जला डाली होगी, हुज़ूर! वरना यह कुत्ता बेवकूफ़ है क्या जो इसे काट खाता!" येल्दीरीन ने कहा- "हुज़ूर! मैं जानता हूँ यह ख्यूक्रिन हमेशा कोई न कोई शरारत करता रहता है।"
जब ओचुमेलॉव सब लोगों से पूछ रहा था कि कुत्ता किसका है तो भीड़ में से किसी ने जवाब दिया कि लगता है ये कुत्ता जनरल झिगालॉव का है। ये सुन कर ओचुमेलॉव हड़बड़ा गया क्योंकि उसने कुत्ते को मरवाने के लिए तक कह दिया था और जब उसे बताया गया कि वह कुत्ता जनरल झिगालॉव का है तो ओचुमेलॉव हड़बड़ाहट में अपने सिपाही से कहने लगा कि येल्दीरीन उसका कोट उतरवाने में उसकी मदद करो क्योंकि उसको बहुत गर्मी लग रही है और लगता है बारिश जरूर होगी। ऐसा कहकर वह ख्यूक्रिन की तरफ़ मुड़ा और उससे कहने लगा कि उसको ये बात समझ नहीं आ रही है कि आखिर इस कुत्ते ने उसे कैसे काट लिया? ये उसकी ऊँगली तक आखिर कैसे पहुंचा? वह इतना लम्बा-चौड़ा है और वो कुत्ता बेचारा रत्ती भर छोटा सा, ये उसको कैसे काट सकता है? ओचुमेलॉव ख्यूक्रिन को ही कोसते हुए कहता है कि जरूर उसकी ऊँगली में कील इत्यादि लग गई होगी और उसने अचानक ही सोच लिया होगा कि चोट का पूरा इल्जाम कुत्ते पर डाला जाए ताकि उस कुत्ते के मालिक पर दबाव डालकर पैसे वसूल कर सके। वह उन जैसे शैतान और बुरे इंसानों को जानता है जो इस तरह के काम करते हैं। इस पर येल्दीरीन जो ओचुमेलॉव का सिपाही है वो भी उसका साथ देते हुए कहता है कि वह इस ख्यूक्रिन को जनता है ये हमेशा कोई न कोई शरारत करता रहता है। इसी ने अपनी जलती सिगरेट से इस कुत्ते की नाक को जलाया होगा, वरना ये कुत्ता बेवकूफ़ थोड़ी न है जो इसको इस तरह से काट लेता।
"अबे, ओ काने की औलाद! तूने मुझे ऐसा करते जब देखा ही नहीं तो झूठ-मूठ में सब क्यों बके जा रहा है? हुज़ूर तो खुद बुद्धिमान आदमी हैं और बखूबी जानते हैं कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ। यदि मैं झूठ बोलता पाया जाऊँ तो मुझ पर अदालत में मुकदमा ठोक दो। कानून सम्मत तो यही है..... कि सब लोग अब बराबर हैं। मैं, यदि आप चाहें तो यह भी बता दूँ कि मेरा एक भाई भी पुलिस में हैं... "
"बकवास बंद करो!"
"नहीं! यह जनरल साहब का कुत्ता नहीं है," सिपाही ने गंभीरतापूर्वक टिप्पणी की- "जनरल साहब के पास ऐसा कोई कुत्ता नहीं है। उनके तो सभी कुत्ते पोंटर हैं।"
"तुम विश्वास से कह रहे हो?"
"एकदम हुज़ूर!"
येल्दीरीन के ये कहने पर कि ख्यूक्रिन ने अपनी जलती सिगरेट से इस कुत्ते की नाक को जलाया होगा, तभी कुत्ते ने उसे काटा है, ख्यूक्रिन गुस्से में आ जाता है और येल्दीरीन को कहता है कि जब उसने उसे ऐसा कुछ करते हुए देखा ही नहीं है तो वह झूठ क्यों बोल रहा है। और ओचुमेलॉव को बुद्धिमान बताते हुए कहता है कि साहब तो बहुत बुद्धिमान हैं और उनको अच्छी तरह से पता है कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ। और अगर उनको लगता है कि वह झूठ बोल रहा है तो उस पर अदालत में मुकदमा चला दो। कानून का तो यही मानना है कि अब सभी बराबर हैं। और वह ओचुमेलॉव को बताता है कि उसका एक भाई पुलिस में भी है । ऐसा इसलिए कहता है ताकि ओचुमेलॉव जान जाए की उसकी पहुँच भी पुलिस तक है और ओचुमेलॉव उसके साथ न्याय करने में ढील न दिखाए। परन्तु ओचुमेलॉव उससे कहता है कि वह फालतू की बातें न करें। इतने में सिपाही ध्यान से कुत्ते को देख कर कहता है कि वो कुत्ता जनरल साहब का नहीं है क्योंकि जनरल साहब के पास तो ऐसा कोई कुत्ता नहीं है। उनके तो सभी कुत्ते पोंटर नाम की नस्ल के हैं। ओचुमेलॉव सिपाही से कहता है कि क्या उसको पूरा विश्वास है कि वो कुत्ता जनरल साहब का नहीं है। तो सिपाही हामी भरते हुए कहता है कि उसे एकदम पक्का विश्वास है कि वो कुत्ता जनरल साहब का नहीं है।
"तुम सही कहते हो। जनरल साहब के सभी कुत्ते मँहगे और अच्छी नस्ल के हैं, और यह- ज़रा इस पर नजर तो दैड़ाओ। कितना भद्दा और मरियल-सा पिल्ला है। कोई सभ्य आदमी ऐसा कुत्ता काहे को पालेगा? तुम लोगों का दिमाग ख़राब तो नहीं हो गया है। यदि इस तरह का कुत्ता मॉस्को या पीटर्सवर्ग में दिख जाता, तो मालूम हो उसका क्या हश्र होता? तब कानून की परवाह किए बगैर इसकी छुट्टी कर दी जाती। तुझे इसने काट खाया है, तो प्यारे एक बात गाँठ बाँध ले, इसे ऐसे मत छोड़ देना। इसे हर हालत में मज़ा चखवाया जाना जरुरी है। ऐसे वक्त में...."
"शायद यह जनरल साहब का ही कुत्ता है।" गंभीरता से सोचते हुए सिपाही ने कहा- "इसे देख लेने भर से तो नहीं कहा जा सकता कि यह उनका नहीं है। कल ही मैंने बिलकुल इसी तरह का एक कुत्ता उनके आँगन में देखा था।"
"हाँ! यह जनरल साहब का ही तो है," भीड़ में से एक आवाज उभर कर आई।
जब सिपाही कहता है कि उसे एकदम पक्का विश्वास है कि वो कुत्ता जनरल साहब का नहीं है, तब ओचुमेलॉव फिर से ख्यूक्रिन की ओर हो जाता है और कहता है कि सिपाही सही कह रहा है। जनरल साहब के सभी कुत्ते मँहगे और अच्छी नस्ल के हैं, और इस कुत्ते को ध्यान से देखो। ये कितना बदसूरत और कमजोर है। कोई भी भला और समृद्ध आदमी ऐसा कुत्ता क्यों पालेगा? सभी का दिमाग ख़राब हो गया है जो इस कुत्ते को जरनल साहब का कुत्ता कह रहे हैं। अगर इस तरह का कुत्ता मॉस्को या पीटर्सवर्ग में दिख जाता, तो वहाँ पर किसी भी कानून की कोई परवाह किये बिना इसे मार दिया जाता। ओचुमेलॉव ख्यूक्रिन से कहता है कि इस कुत्ते ने उसे काटा है तो एक बात को याद रखना है कि इस कुत्ते को किसी भी हालत में छोड़ना नहीं है। इसे हर हालात में मज़ा चखाना ही है। अभी ओचुमेलॉव की बात पूरी भी नहीं हुई थी कि सिपाही फिर से सोचते हुए बोला कि शायद यह जनरल साहब का ही कुत्ता है। इस कुत्ते को सिर्फ देख कर कुछ नहीं कहा जा सकता कि यह उनका कुत्ता है की नहीं।
कल ही उसने बिलकुल इसी तरह का एक कुत्ता उनके आँगन में देखा था। सिपाही की बात को सही ठहराते हुए भीड़ में से कोई बोला कि हाँ, यह कुत्ता जनरल साहब का ही तो है।
"हूँ! येल्दीरीन, मेरा कोट पहन लेने में ज़रा मेरी मदद करो। मुझे इस हवा से ठण्ड लगने लगी है। इस कुत्ते को जरनल साहब के पास ले जाओ और पता लगाओ कि क्या यह उन्ही का तो नहीं है? उनसे कहना कि यह मुझे मिला और मैंने इसे वापिस उनके पास भेजा है। और उनसे यह भी विनती करना कि वे इसे गली में चले आने से रोकें। लगता है कि यह काफ़ी मँहगा प्राणी है, और यदि हाँ, हर गुंडा-बदमाश इसके नाक में जलती सिगरेट घुसेड़ने लगे, तो यह तबाह ही हो जाएगा। तुम्हें मालूम है कुत्ता कितना नाज़ुक प्राणी है। और तू अपना हाथ नीचे कर बे! गधा कहीं का। अपनी इस भद्दी ऊँगली को दिखाना बंद कर। यह सब तेरी अपनी गलती है...."
जब सिपाही ने फिर सोच कर बोला कि शायद यह जनरल साहब का ही कुत्ता है, तो ओचुमेलॉव फिर से हड़बड़ा गया और फिर से उल्टी-सीधी बातें करने लगा जैसे- अपने सिपाही से कोट पहनाने में मदद करने को कहने लगा क्योंकि अब उसे हवा के कारण ठण्ड लग रही थी। वह बहुत बार अपनी राय को बदल चुका था इसलिए अब उसने कहा की उस कुत्ते को जरनल साहब के पास ले जाया जाए और अब उन्हीं से पूछा जाए की क्या वह कुत्ता उनका है या नहीं? यदि उनका हो तो उनसे कहना कि यह ओचुमेलॉव को मिला है और उसने इसे वापिस उनके पास भेजा है। और उनसे यह भी प्रार्थना करना कि वे इसे गली में आने से रोकें क्योंकि देखने से ही लग रहा है कि यह बहुत मँहगा है और अगर यह इसी तरह गलियों में घूमेगा तो गुंडे-बदमाश इसके नाक में जलती सिगरेट घुसेड़ने लगेंगे और इसकी खूबसूरती बरबाद हो जाएगी। ओचुमेलॉव वहाँ मैजूद लोगो को कहता है कि क्या उनको पता भी है कि कुत्ता कितना कोमल प्राणी होता है। फिर ओचुमेलॉव ख्यूक्रिन से कहता है कि वह अपना हाथ निचे कर दें और अपनी गन्दी ऊँगली को दिखाना बंद कर दे। ये सब जो उसके साथ हुआ है वह उसी की गलती की वजह से हुआ है।
"उधर देखो, जनरल साहब का बावर्ची आ रहा है। ज़रा उससे पता लगाते हैं.... ओ प्रोखोर! इधर आना भाई। इस कुत्ते को तो पहचानो..... क्या यह तुम्हारे यहाँ का है?"
"एक बार फिर से तो कहो! इस तरह का पिल्ला तो हमने कई ज़िन्दगियों में नहीं देखा होगा।"
"अब अधिक जाँचने की जरुरत नहीं है," ओचुमेलॉव ने कहा- "यह आवारा कुत्ता है। इसके बारे में इधर खड़े होकर चर्चा करने की जरुरत नहीं है। मैं तुमसे पहले ही कह चुका हूँ कि यह आवारा है, तो है। इसे मार डालो और सारा किस्सा ख़त्म!"
"यह हमारा नहीं है," प्रोखोर ने आगे कहा- "यह तो जनरल साहब के भाई का है, जो थोड़ी देर पहले इधर पधारे हैं। अपने जनरल साहब को 'बारजोयस' नस्ल के कुत्तों में कोई दिलचस्पी नहीं है पर उनके भाई को यही नस्ल पसंद है।"
जब उस कुत्ते के बारे में कोई ठीक से नहीं बता पा रहा था तब ओचुमेलॉव को जनरल साहब के घर में खाना बनाने वाला दिखाई देता है, वह उसको बुलाता है और उससे पता करने की कोशिश करता है। ओचुमेलॉव उससे पूछता है कि ज़रा वह उस कुत्ते को पहचान कर बताये क्या वह जनरल साहब का है? इस पर बावर्ची मना करते हुए कहता है कि उसने अपनी पूरी ज़िन्दगी में इस तरह के कुत्ते को जरनल साहब के घर में नहीं देखा है।
यह सब सुनकर ओचुमेलॉव कहता है की अब और ज्यादा जानने की जरुरत नहीं है। वह कुत्ता फालतू है, उसके बारे में यहाँ भीड़ लगाकर बात करने की जरुरत नहीं है और उसने तो पहले ही बताया था कि वह कुत्ता फालतू है। अब इस कुत्ते को मार कर सारी घटना को ही ख़त्म कर देना चाहिए।
इस पर बावर्ची प्रोखोर कहता है कि यह कुत्ता जनरल साहब का नहीं है, परन्तु यह उनके भाई का कुत्ता है। जो थोड़ी देर पहले जनरल साहब के पास आये हैं। जनरल साहब को 'बारजोयस' प्रजाति के कुत्तों का कोई शौक नहीं है, परन्तु उनके भाई को तो यही प्रजाति पसंद है। "क्या? क्या जनरल साहब के भाई साहब पधार चुके हैं? वाल्दीमीर इवानिच?" आह्लाद से सन आए अपने चेहरे को समेटते हुए, ओचुमेलॉव ने हैरानी के भाव प्रदर्शन के साथ कहा- "कितना अद्भुत संयोग रहा। और मुझे मालूम तक नहीं। अभी कुछ दिन रुकेंगे?"
"हाँ! यह सही है।"
"तनिक सोचो! वे अपने भाई साहब से मिलने पधारे हैं और मैं इतना भी नहीं जानता। तो यह उनका कुत्ता है। बहुत ख़ुशी हुई.... इसे ले जाइए.... यह तो एक अति सुंदर 'डॉगी' है। यह इसकी ऊँगली पर झपट पड़ा था? हा-हा-हा! बस-बस! अब काँपना बंद कर भाई! गर्र-गर्र..... नन्हा-सा शैतान गुस्से में है..... बहुत खूबसूरत पिल्ला है।"
प्रोखोर कुत्ते को सँभालकर काठगोदाम से बाहर चला गया भीड़ ख्यूक्रिन की हालत पर हँस दी।
"मैं तुझे अभी ठीक करता हूँ!" ओचुमेलॉव ने उसे धमकाया और अपने लम्बे चोगे को शरीर पर डालता हुआ, बाजार के उस चैराहे को काटकर अपने रास्ते पर चला गया।
जब ओचुमेलॉव को पता चला की जनरल का भाई आया है तो वह ख़ुशी से जरनल के बावर्ची से पूछने लगा कि क्या सच में जनरल साहब के भाई साहब वाल्दीमीर इवानिच आये हुए है? फिर अपने चेहरे पर आई ख़ुशी को छुपाते हुए और अपने चेहरे पर बनावटी हैरानी की भावनाओं के साथ कहता है कि कितनी आश्चर्य की बात है और उसे कुछ पता भी नहीं। फिर पूछता है की अभी तो वे कुछ दिन जरनल साहब के पास ही रुकेंगे न? बावर्ची हामी भरते हुए कहता है कि ओचुमेलॉव सही कह रहा है। ओचुमेलॉव बावर्ची से कहता है कि थोड़ा सोच कर देखो कि जनरल साहब के भाई साहब जनरल साहब से मिलने आए हैं और वह इतना भी नहीं जनता। और ये कुत्ता उनका है। ओचुमेलॉव कहता है कि जान कर बहुत ख़ुशी हुई, ले जाइए इसे, ये तो बहुत ही सूंदर कुत्ता है। ओचुमेलॉव हँसता हुआ ख्यूक्रिन को देखता है और कहता है की वह कुत्ता ख्यूक्रिन की ऊँगली पर झपट पड़ा था। फिर ओचुमेलॉव कुत्ते को प्यार करते हुए कहता है कि वह काँपना बंद कर दे। कुत्ता गर्र-गर्र की आवाज करके गुस्सा दिखाता है और ओचुमेलॉव फिर प्यार दिखता हुआ कहता है कि वह तो नन्हा शैतान है जो गुस्से में है और वह एक बहुत ही सुंदर पिल्ला है। प्रोखोर कुत्ते को सँभालकर काठगोदाम से बाहर चला जाता है और भीड़ ख्यूक्रिन की हालत पर हँसने लगती है। ओचुमेलॉव ख्यूक्रिन को डराते हुए कहता है की वह उससे बाद में निपटेगा और अपने लम्बे चोगे को शरीर पर डालता हुआ, बाजार के उस चैराहे को पार करता हुआ अपने रास्ते पर निकल जाता है।
बंडल - गठ्ठा
ओवरकोट - बड़ा कोट
जब्त - कब्ज़ा करना या हथिया लेना
झरबेरियाँ - बेर की एक किस्म
किकियाना - कष्ट में होने पर कुत्ते
द्वारा की जाने वाली आवाज़
घुरना - देखना
काठगोदाम - लकड़ी के गोदाम
कलफ़ - मांड लगाया हुआ कपड़ा
ऊँघ - हल्की नींद में होने की अवस्था
जनशांति भंग - लोगों की शान्ति में दखल
विहीन - बिना
धारण - पहनना
लहूलुहान - खून से लतपथ
पसारना - फैलाना
बारज़ोई - कुत्ते की एक प्रजाति
निपटाना - ख़त्म करना
कम्बख्त - कमसमझ
अकारण - बिना किसी कारण
पेचीदा - जटिल / कठिन
गुजारिश - प्रार्थना
हरज़ाना - हानि होने पर उसके बदले में दिया
जानेवाला धन
आदमखोर - आदमियों को खाने वाला
बरदाश्त – झेलना
खँखारना - गला साफ़ करना
त्योरियाँ - भौहें चढ़ाना
निबटना - समाधान
इल्म - जानकारी / ज्ञान
नतीज़ा – परिणाम
वगैरह - आदि, इत्यादि , तत्काल - अचानक
ऐंठना - दबाव डालकर पैसे वसूल करना
बखूबी - अच्छी तरह से
सम्मत - माना गया / सहमत
टिप्पणी - संक्षिप्त रूप
भद्दा - बदसूरत / गन्दा
मरियल - कमज़ोर
सभ्य - शिष्ट / भला आदमी
हश्र - हाल
गाँठ बाँध लेना - स्मरण या याद रखना
विनती - प्रार्थना
तबाह - बर्बाद
नाज़ुक – कोमल
बावर्ची - खाना बनाने वाला
आवारा - फालतू
किस्सा - कहानी / घटना
दिलचस्पी - शौक
नस्ल - जाति / वंश
आह्लाद - प्रसन्नता
प्रदर्शन - दिखाना
तनिक - थोड़ा
धमकाया - डराना / भय दिखाना
शब्दार्थ