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कक्षा : आठवीं �पाठ : टोपी� संजय �

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प्रस्तुति

  • राजेन्द्र सिंह शेखावत
  • प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (हिंदी)
  • के.वि.भा.नौसेना पोत,वालसुरा जामनगर
  • https://hindivalsura.blogspot.com/

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शब्दार्थ

फबता - अच्छा लगना

सकत - ताकत

लिबास - कपडा

चिहाकर - चीखकर

जुगाड - तरीका

फोकट - मुफ्त

सरापा - सिर से पाँव तक पहनने वाला कपडा

मोजी - दुष्ट

फुँदने - सूत,ऊन आदि का गुच्छा

हुलस - गुच्छा

चम - चमडा

पाखी - पक्षी

लवाजिमा - यात्रा आदि में साथ रहनेवाला सामान

नगीना - सुंदर

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कहानी में आट मुहावरे तथा अर्थ

१) टोपी उछालना - अपमानित होना

२) टोपी सलामत रहना - इज़्जत बनी रहना

३) ओझल हो जाना - गायब हो जाना

४) आँखों में चमक आना - मन की खुशी प्रकट होना

५) माथे का पसीना पोंछना - घबराहट दिखाई देना

६) ठंडी राह भरना - पछ्ताना

७) लगुए-भगुए - साथ रहकर लाभ उठाने वाले

८) लफडा होना - मुसीबत होना

९) मुँह फट होना - बिना सोचे-समझे बोलना

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क्रियाकलाप : गोरैया और गवरे की बहस के तर्कों को एकत्र करके संवाद के रूप में कक्षा में प्रस्तुतीकरण

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  • गृहकार्य

  • १) गवरा के अनुसार वस्त्र पहनने से क्या हानि है?
  • २) बुनकर से गवरा और गोरैया ने क्या कहा?
  • ३) गोरैया की टोपी कैसे गिर गयी?

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♫ धन्यवाद ♫