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कक्षा : आठवीं �पाठ : टोपी� संजय �
प्रस्तुति
शब्दार्थ
फबता - अच्छा लगना
सकत - ताकत
लिबास - कपडा
चिहाकर - चीखकर
जुगाड - तरीका
फोकट - मुफ्त
सरापा - सिर से पाँव तक पहनने वाला कपडा
मोजी - दुष्ट
फुँदने - सूत,ऊन आदि का गुच्छा
हुलस - गुच्छा
चम - चमडा
पाखी - पक्षी
लवाजिमा - यात्रा आदि में साथ रहनेवाला सामान
नगीना - सुंदर
कहानी में आट मुहावरे तथा अर्थ
१) टोपी उछालना - अपमानित होना
२) टोपी सलामत रहना - इज़्जत बनी रहना
३) ओझल हो जाना - गायब हो जाना
४) आँखों में चमक आना - मन की खुशी प्रकट होना
५) माथे का पसीना पोंछना - घबराहट दिखाई देना
६) ठंडी राह भरना - पछ्ताना
७) लगुए-भगुए - साथ रहकर लाभ उठाने वाले
८) लफडा होना - मुसीबत होना
९) मुँह फट होना - बिना सोचे-समझे बोलना
क्रियाकलाप : गोरैया और गवरे की बहस के तर्कों को एकत्र करके संवाद के रूप में कक्षा में प्रस्तुतीकरण
♫ धन्यवाद ♫