BLESSINGS
ॐ ह्रीं अर्हम् नमः
श्रीसद्गुरुभ्यो नमः
ॐ ऐं नमः
SHREE MATI GYANAY NAMAH
SHREE SHRUT GYANAY NAMAH
SHREE AVADHI GYANAY NAMAH
SHREE MANAH - PARYAV GYANAY NAMAH
SHREE KEVAL GYANAY NAMAH
5 GYAN
Learn & Turn Jainism Part -2 Lesson No. 24
23 Subjects 5 Indriyas (Senses)
Inspired by:
Yugpradhan Acharyatulya P.P. Panyas Shree Chandrashekar Vijayji M.S.
P.P. Panyas Shree Yashobhushan Vijayji M.S.
P.P. Panyas Shree Manobhushan Vijayji M.S.
Learn & Turn Jainism Part -2 Lesson No. 24
पांच इन्द्रियों के २३ विषय
पांच इन्द्रियों के 23 विषय
इन्द्रिय वह है जिसके माध्यम से जीव जगत के रूपी पदार्थों का आंशिक ज्ञान करे, विषय को ग्रहण करे। संसार में कोई भी जीव ऐसा नहीं है, जिन को इन्द्रियाँ न हों। इन्द्रियाँ जिन पदार्थों का ज्ञान कराती हैं, उन्हें विषय कहा जाता है। प्रत्येक इन्द्रिय का अपना एक विषय होता है। जैसे घ्राणेन्द्रिय का विषय सूँघना है तो यह इन्द्रिय केवल सूँघने का ही कार्य करेगी, देखने-सुनने आदि का नहीं। इन्द्रियों के मुख्यतः पाँच भेद हैं-
इन विषयों के भी तेईस प्रभेद हैं। ये इस प्रकार हैं
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पांच इन्द्रियों के २३ विषय
१. स्पर्शनेन्द्रिय - के आठ विषय-स्पर्शनेन्द्रिय अपनी स्पर्शन शक्ति के द्वारा पदार्थ का बोध कराती है कि वह पदार्थ किस प्रकार का है? इसका स्वभावादि कैसा है? इस इन्द्रिय के आठ विषय हैं, जो इस प्रकार हैं- 1. शीत (ठंडा), 2. उष्ण (गर्म), 3. रूखा, 4. चिकना (स्निग्ध), 5. कठोर (कर्कश या कड़ा), 6. कोमल, 7. हल्का, 8. भारी ।
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पांच इन्द्रियों के २३ विषय
गर्म
ठंडा
भारी
हलका
रूख
चिकना
तैलाक्त
सूखा
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पांच इन्द्रियों के २३ विषय
२. रसनेन्द्रिय के पाँच विषय - यह इन्द्रिय रसन शक्ति से पदार्थों का बोध कराती है। इसके विषय इस प्रकार हैं- 1. तीखा, 2. कडुवा, 3. कसैला, 4. खट्टा, 5. मीठा। कोई भी पुद्गल इन गुणों से रहित नहीं होता है। मिरची तीखा, लीमडा कडुवा, आंवला कसैला, नीबू खट्टा और आम-रस मीठा होता है। यह इन्द्रिय अपनी रसन शक्ति से इन गुणों का बोध कराती है।
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पांच इन्द्रियों के २३ विषय
खट्टा
स्तम्मक
मसालेदार
मीठा
कड़वा
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पांच इन्द्रियों के २३ विषय
३. घ्राणेन्द्रिय के दो विषय –
(1) सुगन्ध, और
(2) दुर्गन्ध। इस इन्द्रिय द्वारा यह पता चलता है कि अमुक पदार्थ सुगन्ध से युक्त है और अमुक पदार्थ दुर्गन्ध से युक्त है। जैसे फूल (सुगन्ध) और कचरे (दुर्गन्ध) ।
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पांच इन्द्रियों के २३ विषय
बदबू
खुशबू
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पांच इन्द्रियों के २३ विषय
४. चक्षुरिन्द्रिय के पाँच विषय –
2. पीला,
3. नीला,
4. लाल,
5. सफेद ।
अमुक पदार्थ लाल, पीला आदि वर्ण का है, इसका ज्ञान इसी इन्द्रिय से होता है।
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पांच इन्द्रियों के २३ विषय
सफ़ेद
काला
हरा
लाल
पीला
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पांच इन्द्रियों के २३ विषय
५. श्रोत्रेन्द्रिय के तीन विषय –
1. जीव शब्द-जीव के द्वारा बोले हुए शब्द,
2. अजीव शब्द अजीव ढोल आदि का शब्द,
3. मिश्र शब्द- जीव के द्वारा बजाई बांसुरी का शब्द संसार के प्रत्येक पुद्गल में तेईस विषय होते हैं किन्तु पुद्गल में जो विषय अधिक उत्कट अवस्था में है उसे ही इन्द्रिय द्वारा ग्रहण किया जाता है।
इस प्रकार इन पाँचों इन्द्रियों के तेईस विषयों के माध्यम से पुद्गलों का ज्ञान प्राप्त होता है।
इन पर राग-द्वेष न रखना ही हितकारी है, जिससे कर्मबन्ध से बच सके।
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पांच इन्द्रियों के २३ विषय
मिश्रा
सचित
अचित