पाठ - 11
जो देखकर भी नहीं देखते
शिक्षक- सीता राम राय
हिंदी स्नातक शिक्षक
जवाहर नवोदय विद्यालय बोकारो
�
लेखिका- हेलेन केलर
भोज पत्र की छाल एवं मखमली घास
इंद्रधनुष
शब्दार्थ:
मखमली सतह - मुलायम परत,
एहसास - अनुभव,
खुशनसीब - भाग्यशाली,
मचलना - बेचैन होना,
मुग्ध होना - मोहित होना,
संवेदना - अनुभूति,
आस लगाना - इंतजार करना,
नियामक - ईश्वरीय उपहार,
इंद्रधनुषी रंग - इंद्रधनुष की तरह सात रंग
भाषा की बात:
अगर मुझे इन चीजों को छूने भर से कितनी खुशी मिलती है तो उसकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा ।
ऊपर रेखांकित शब्द किसी भाव और किसी विशेषता के बारे में बता रहा है ऐसे संज्ञाएं भाववाचक संज्ञा कहलाती हैं इससे जुड़ी शब्दों को हम सिर्फ महसूस करते हैं नीचे लिखी भाववाचक संज्ञाओं को पढ़िए और उसे विशेषण बनाइए.................
मिठास – मीठा, भूख – भूखा,
शांति – शांत, भोलापन – भोला,
बुढापा – बूढ़ा, घबराहट- घबराना,
बहाव – बहना, फुर्ती – फुर्तीला,
ताजगी – ताजा, क्रोध – क्रोधी,
मजदूरी – मजदूर
भाववाचक संज्ञा से विशेषण/क्रिया :
वस्तुनिष्ठ प्रश्न:
प्रश्न- 1 : लेखिका किसके स्वर पर मंत्रमुग्ध हो जाती थी?
उत्तर : i चिड़िया के, ii मोर के, iii कोयल के, iv बच्चों के,
प्रश्न- 2 : लेखिका अक्सर किसकी परीक्षा रहती थी?
उत्तर : i माता की,ii पिता की, iii मित्रों की, iv भाई - बहन की,
प्रश्न- 3 : मित्र का जवाब सुनकर लेखिका को क्या नहीं हुआ?
उत्तर : i चिंता,ii घबराहट, iii क्रोध,iv आश्चर्य,
प्रश्न- 4 : चीड़ की छाल स्पर्श करने में कैसी महसूस होती है?
उत्तर :i चिकने,ii खुरदरी,iii चिपचिपी,iv लिबलिबी
प्रश्न- 5 : लेखिका की मित्र कहां की सैर करके लौटी थी?
उत्तर : i जंगल की, ii बगीचे की,iii चिड़ियाघर की,iv बाजार की
प्रश्न- 6 : मनुष्य अपनी ------की कभी कदर नहीं करता।
उत्तर :i क्षमताओं,ii अक्षमताओं, iii सुंदरता, iv महानता
लघु उत्तरीय प्रश्न :
1- कभी-कभी लेखिका का दिल क्यों मचल उठता है?
उत्तर : उन्हें लगता है जब चीजों को छूकर इतनी खुशी मिलती है तो देखकर कितनी खुशी मिलेगी I
2- लेखिका को पत्तियों और घास के मैदान कैसे लगते हैं?
उत्तर : महँगे कालीन से भी ज्यादा प्रिय लगते हैं I
3- हेलेन केलर प्रकृति की किन चीजों को छूकर पहचान लेती हैं?
उत्तर : लेखिका पेड़ की टहनी पर हाथ रखते ही किसी चिड़िया के मधुर स्वर को महसूस कर लेती हैं, वह नदी और झरनों के पानी को छूकर महसूस कर लेती हैं I
4- दृष्टि के आशीर्वाद से जिंदगी में कैसे रंग भरा जा सकता है?
उत्तर : रंग यदि मनुष्य जीवन के कण-कण का आनंद ले तो वह अपनी जिंदगी को खुशियों के सतरंगी
अर्थात इंद्रधनुषी रंगों से भर सकता है I
5- कुछ खास तो नहीं हेलेन केलर की मित्र ने जवाब किस मौके पर दिया और हेलेन केलर को जवाब सुनकर आश्चर्य क्यों नहीं हुआ?
उत्तर : क्योंकि वे ऐसे उत्तर सुनने के आदी हो चुकी थीं I
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न :
1- जो देखकर भी नहीं देखते पाठ से आपको क्या सीख मिलती है?
उत्तर : अपनी क्षमताओं का प्रयोग करें, जो आपके पास है I चीजों को लेकर रोते नहीं रहे जो आपके पास नहीं हैI ईश्वर की दी हुई नियामक का भरपूर आनंद उठा कर स्वयं को प्रसन्न रखना चाहिए?
2- लेखिका हेलेन केलर ने किन-किन प्राकृतिक चीजों का वर्णन किया है तथा उसके बारे में क्या लिखा है?