प्रस्तुतकर्ता- राजश्री सिंह
टी.जी.टी. हिंदी
ज.न.वि.वाराणासी
लेखक- मधुकऱ उपाध्याय
कक्षा-6
हिन्दी ‘अ’
बाल राम कथा
अध्याय-6
दंडक वन में दस वर्ष
सफाया कर दिया।
राम ने वहाँ से दंडक वन जाने का निश्चय किया।
विदा लेकर चित्रकूट छोङ दिया।
के लिए प्रस्थान किया।
के लिए कहा। राम और लक्ष्मण ने उनकी रक्षा की।
की कथाएँ सुनाई और
अगस्त्य मुनि से मिलने
की सलाह दी।
वातावरण में रहने लगे।
भाई खर और दूषण के पास पहुँची।
देखकर और उनकी
इस दशा का कारण
जानकर खर और
दूषण क्रोध से भर
गए।
की प्रशंसा की और सीता की
सुन्दरता के बारे में बताया।
उसने कहा कि वो सीता को
उसके लिए लाना चाहती थी
पर तभी लक्ष्मण ने उसकी
नाक काट दी। उसने रावण
को उनसे बदला लेने के
लिए उकसाया।
लेकर पंचवटी गया।
सोने के हिरण का रूप धारण
करके राम, लक्ष्मण और सीता की कुटिया के
पास घूमने लगा। रावण एक तपस्वी का वेश
धारण करके पेङ के पीछे जाकर छिप गया।
शब्दार्थ
मायावी – धोखेबाज
संहार – नाश, मार देना
अपहरण – चुरा ले जाना
दुर्दशा – खराब दशा
तत्काल - तुरंत
प्रश्न-अभ्यास... अंक
प्रश्न-1 राम, लक्ष्मण और सीता तीनों अत्रि मुनि से विदा लेकर कहाँ चल पङे ? (1)
प्रश्न-2 अकंपन कौन था ? (1)
प्रश्न-3 राम, लक्ष्मण और सीता दंडक वन में कितने वर्ष रहे थे ? (1)
प्रश्न-4 क्षरभंग मुनि के आश्रम पहुँचने के बाद राम ने क्या देखा ? (2)
प्रश्न-5 शूर्पणखा कौन थी उसने राम के पास जाकर क्या कहा ? (3)
प्रश्न-6 खर-दूषण कौन था राम और खर-दूषण के युद्ध का वर्णन कीजिए ? (3)
प्रश्न-7 रावण और मारीच ने सीता के हरण के लिए कौनसी रणनीति अपनाई ? (3)
शिक्षा
अभी मैंने आपको राम द्वारा बिताए दंडक वन में दस
वर्ष का जो प्रसंग बताया उसमें राम के चरित्र से हमें
यह शिक्षा मिलती है कि हमें असहाय और जरूरतमंद
की मदद करनी चाहिए।
धन्यवाद