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कक्षा- आठवीं �कहानी-कामचोर

लेखिका-

इस्मत

चुगताई

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प्रस्तुति

  • राजेन्द्र सिंह शेखावत
  • प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (हिंदी)
  • के.वि.भा.नौसेना पोत,वालसुरा जामनगर
  • https://hindivalsura.blogspot.com/

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मुख्य शिक्षण कार्य

  • लेखिका परिचय
  • पाठ सारांश
  • अर्थ-ग्रहण संबंधी प्रश्न
  • रचनात्मक प्रश्न
  • भाषा-दक्षता
  • जीवन-कौशल
  • जीवन-मूल्य
  • क्रिया-कलाप
  • गृहकार्य

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1-लेखिका परिचय

  • इस्मत चुगताई का जन्म 21 अगस्त 1925 को बदायूँ उत्तर प्रदेश मे हुआ। लखनऊ विश्वविद्यालय से इन्होने बी॰ए और फिर बी॰एड किया।

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  • शुरू मे कुछ समय तक अध्यापन

बाद मे स्वतंत्र लेखन करने लगीं।

जिद्दी, टेढ़ी लकीर,

जंगली कबूतर(उपन्यास),एक बात दो

हाथ(कहानी-संग्रह),फिल्म ‘गर्म हवा’

की कहानी लिखीं।बाल फिल्म ‘जवाब

आयेगा’ का निर्देशन भी किया।

1975 मे मिर्ज़ा गालिब पर ड्रामा पुरस्कार तथा उर्दू साहित्य मे बहुमुखी योगदान के लिए ‘पद्मश्री’ पुरस्कार भी मिला। 25 अक्तूबर 1991 को इनका इन्तकाल हो गया।

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2-सारांश

घर मे काफी वाद विवाद के बाद तय हुआ कि नौकरों को निकाल दिया जाए। बच्चे काम करें क्योंकि वे कामचोर होते जा रहे हैं। अपना काम खुद करने कि आदत होनी चाहिए।

माँ के ये कहने पर कि ‘जो काम नहीं करेगा, उसे रात का खाना हरगिज़ नहीं मिलेगा‘। पहले तो बच्चों ने पानी के मटको के पास घमासान किया बाद मे फ़र्शी दरी को ऐसा झाड़ा की पूरा घर धूल से अट गया। इसके बाद धूल को मिटाने के लिए बालटियों, लोटे, तसले, कटोरे, डोंगे,भगोने,पतीलियां लूट कर ऐसा पानी डाले की पूरा घर कीचड़-कीचड़ हो गया। फिर मुरगियों को हॉक कर दड़बों मे हॉक कर बंद करने लगे लेकिन वे कभी खीर के प्याले मॅ कूदती हुई निकलीं तो कभी पनदानी के कत्थे-चूने मे पॉव डुबातीं और कभी गंदी नाली को फलांगती हुई ढेरों करामात दिखाईं।

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फिर भेड़ो को दना देने की सूझी लेकिन वे पास की रखी हुई हरी तरकारी पर टूट पड़ी। अंत मे दूध दुहने की बारी आयी भैस के दो पैर सोये हुए चाचा जी के खाट से बांध कर सभी बच्चे विभिन्न बर्तनो मे एक साथ दूध दुहने की कोशिश करने लगे। दूध तो नहीं निकाल पाया लेकिन भैस बिदक कर खाट सहित भागने लगी।

घर मे बच्चो द्वारा पैदा किए गए विनाशकारी तूफान के गुज़र जाने के बाद आँसू भरी आँखों के साथ अम्माँ ने अब्बा को मायके जाने की धमकी दी। इसके बाद अब्बा ने हम सभी का कोर्ट-मार्शल कर दिया। फिर तय हुआ कि ‘अब हम कुछ नहीं करेंगे, हिलकर पानी भी नहीं पीएंगे।

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निकम्मे नटखट बच्चे

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पेड़ो मे पानी डालने के लिए मटकों के पास घमासान

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फ़र्शी दरी और पूरा घर धूल ही धूल

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सोये हुए चाचाजी के खाट से पैर बाँधकर भैस के थन से दूध निकालते बच्चे

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3-अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न

क) कामचोर किन्हे कहा गया है ?

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मटको के पास घमासान क्यों शुरू हो गया ?

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क्यों कहा गया, ‘खाना हरगिज़ नहीं मिलेगा’ ?

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शाही फरमान किसने जारी किया ?

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लोगों के खाँसने का कारण क्या था ?

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भाइयों,बहनों,मौसियों,फूफियों की कुमुक क्यों भेजी गयी ?

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‘चल दड़बे, चल दड़बे’ कौन और क्यों कहने लगे ?

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दूध दुहते समय भैस ने क्या किया ?

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बच्चों का कोर्ट-मार्शल अब्बा ने कब किया ?

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4-बोधात्मक प्रश्न-�1) घरेलू नौकरों को हटाने की बात किन-किन परिस्थितियों में उठ सकती है ?�2) कहानी मे ऊधमी बच्चों की आदतें किन करणों से बिगड़ी होंगी ? उन्हे ठीक ढंग से रहने के लिए आप क्या-क्या सुझाव देना चाहेंगे ?�3) भरा-पूरा परिवार कैसे सुखद बन सकता है और दुखद ? कामचोर कहानी के आधार पर निर्णय कीजिये ?

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5-भाषा-दक्षता

*कठिन शब्द- दबैल,फरमान,तंख्वाह,फ़र्शी,हवाला,कुमुक,बेनकेल,दालन,मिसाल।

*मुहावरे- टूट पड़ना,धींगा-मुश्ती करना,सीना तानना,अगाडी-पिछाड़ी बांधना,प्रलय मचाना,कोर्ट-मार्शल करना।

*सहचर शब्द- हिल हिलाकर, डोंगे-कटोरे,ठूसम-ठास, दौड़ती-फडफड़ाती, ऊट-पटाँग, कत्था-चूना , लश्टम-पशटम, बुरा-भला

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6-जीवन-कौशल

(क) बचपन से ही स्वस्थ आदतें डालनी चाहिए।

(ख) काम क्षमता और परिस्थिति के अनुरूप होना चाहिए।

(ग) बच्चों को घर के कामों मे सहयोग करना चाहिए।

7-जीवन-मूल्य

सुखद जीवन के लिए स्वावलंबन अनिवार्य है।

8-क्रिया-कलाप(वाद-विवाद)

बच्चो का अंकुशहीन होकर कार्य करना-

-लाभदायक है।

-हानिकारक है।

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9-गृहकार्य

(क) बड़े होते हुए बच्चे किस प्रकार माता-पिता के लिए सहयोग हो सकते है और किस प्रकार भार ?

कामचोर कहानी के आधार पर स्पस्ट कीजिये!

(ख) सुव्यवस्थित परिवार किसे कहते है ?

कामचोर कहानी के आधार पर बताइए कि कहानी मे वर्णित परिवार किस प्रकार का है।