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पाठ:‌-यह सबसे कठिन समय नहीं

-जया जादवानी

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��प्रस्तुति

  • राजेन्द्र सिंह शेखावत
  • प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (हिंदी)
  • के.वि.भा.नौसेना पोत,वालसुरा जामनगर
  • https://hindivalsura.blogspot.com/

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सामान्य उद्देश्य

आशावादी, साहसी, परिश्रमी, नैतिक और चारित्रिक, गुणो को विकसित करन।

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विशेष उद्देश्य

समय चाहे अच्छा हो या बुरा , हमें सभी परिस्थितियों से सामना करना चाहिए। कठिनाइयों से हमें सामना कर बुरे समय को भी अच्छा बनाना चहिए।

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पाठ्य सामग्री

कठिन्य निवारण हेतु श्याम पट्ट, चॉक पाठ्य पुस्तक, सी.डी, आदि।

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बोध-प्रश्न

1.कठिन समय से आप क्या समझते है?

2.आपको अपने जीवन में कठिन समय का एहसास कब होता है?

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पाठ का विस्तार

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नहीं यह सबसे कठिन समय नहीं!�अभी भी दबा है �चिडियाँ की चोंच में तिनका�और वो ‌‌‌‌‌‌‌उड़ने की तैयारी में है।�अभी भी झरती हुई पत्ती �थामने को बैठा है हाथ एक

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भावार्थ

उनके अनुसार यदि पक्षी की चोंच में आज भी तिनका दिखाई देता है तो समझ लेना चाहिए कि अब भी जीवन में आशा जीवित है और बहुत कुछ शेष है। आज पक्षियों के सभी आश्रय स्थल समाप्त हो रहे हैं। परन्तु उनकी चोंच में तिनका इस बात की ओर संकेत करता है कि उनका अस्तित्व आज भी कायम है। अभी भी ऐसे हाथ विद्यमान हैं जो पत्तियों के हाथ पर गिरने से प्रसन्न होते हैं। आदमी के पास समय नहीं है कि वह प्रकृति के बीच रहे परन्तु वह हाथ हमें इस बात की ओर संकेत कराता है कि अब ऐसे लोग विद्यमान है।

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अभी भी भीड़ है स्टेशन पर �अभी भी रेलगाड़ी जाती है�गंत्वय तक�जहाँ कोई कर रहा होगा प्रतीक्षा�अभी भी कहता है कोई किसी को �जल्दी आ जाओ कि अब�सूरज डूबने का वक्त हो गया�

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भावार्थ�रेलगाड़ी का अपने गंतव्य में जाना व अपने मेहमान के स्वागत में इतंजार कर रहा व्यक्ति इस बात का प्रमाण है कि जीवन में अब भी खुशियाँ विद्यमान है। लेखिका और उदाहरण देकर अपनी बात स्पष्ट करती है। वह घर पर खाने के इंतजार में बैठी माँ, बहन या पत्नी का जिक्र करती है क्योंकि आज किसी के पास समय नहीं है कि वह किसी अपने के लिए खाने पर इंतजार करे यदि करता है तो यह भी एक संकेत है

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अभी भी कहा जाता है �उस कथा का आखिरी हिस्सा�जो बूढ़ी नानी सुना रही सदियों से�दुनिया के तमाम बच्चों को�अभी भी आती है एक बस �अंतरिक्ष के पार से�लाएगी बचे हुए लोगों की खबर!�नहीं, यह सबसे कठिन समय नहीं

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भावार्थ

दादी या नानी द्वारा कहानी सुनाए जाना भी यही संकेत करता है कि यह सबसे कठिन समय नहीं हो सकता, अब भी जीवन में आशा व खुशियों का होना शेष है।

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शब्दार्थ

झरती - गिरती

थामना - सहारा देना

गंतव्य - मंज़िल

प्रतीक्षा - इंतज़ार

सदियाँ - कई साल का समय

तमाम - बहुत से

अंतरिक्ष - आकाश

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कक्षा कार्य

1.चिड़ियाँ चोंच में तिनका दबाए कहाँ उड़ने को तैयार है तथा क्यों?

2.किसी के घर न लौटने पर कौन चिंतित हो जाते है और क्यों?

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गृह कार्य

1.इस कविता की कवयित्री कौन है?

2.स्टेशन पर भीड़ क्यों है?इससे क्या प्रतीत होता है?

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क्रिया-कलाप

1.सस्वर वाचन

2.वाद-विवाद

3.नाटकीयता

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