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निष्कर्ष

'खानपान की बदलती तस्वीर' नामक निबंध के द्वारा लेखक प्रयाग शुक्ल आधुनिक युग और पश्चिमी सभ्यता के कारण देश में हो रहे खानपान संबंधी महत्त्वपूर्ण बदलावों की ओर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। खानपान की इस मिश्रित संस्कृति के सकारात्मक एवं नकारात्मक पक्षों को उजागर करना ही लेखक का उद्देश्य है जिससे वे जनमानस को अवगत कराना चाहते हैं।