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कक्षा 12�आरोह भाग 2

अध्याय 9

फ़िराक़ गोरखपुरी

मुकेश कुमार

परास्नातक शिक्षक (हिन्दी)

ज न वि, अजमेर

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जीवन परिचय

फ़िराक़ गोरखपुरी

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पाठ परिचय

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कवि की भावभूमिफ़िराक गोरखपुरी ने परंपरागत भावबोध और शब्द भंडार का उपयोग करते हुए उसे नई भाषा और नए विषयों से जोड़ा। फ़िराक की रुबाई में हिंदी का एक घरेलू रूप भी दिखाई देता है। इनमें सरल लोक-भाषा का प्रयोग हुआ है।

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कविता की भाव भूमि

  • फ़िराक ने अपनी शायरी में लोक-तत्वों के साथ इंसानी जिंदगी की सच्चाईयां भी शामिल की हैं।
  • शायर ने यहां पर लोक-जीवन से जुड़े हुए कुछ पारंपरिक और घरेलू दृश्यों को अपनी शायरी में पेश किया है।
  • तो आईये उनकी गजल की व्याख्या करते हैं

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कठिन शब्दार्थ

  • नौरस = नया रस
  • गुंचे = कलियाँ
  • गिरहें = गाँठ, बंधन
  • रंगो-बू = रंग और गंध
  • गुलशन = बाग, उपवन
  • पर = पंख
  • ज़र्रा-ज़र्रा = कण-कण
  • शब = रात
  • किस्मत = नियति

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  • काश = कदाचित
  • बदुरुस्ती--होशो-हवास = बुद्धि और होश सहित
  • दीवाना = ज़ुनूनी
  • गम = दुख
  • पासे-अदब = लिहाज
  • खयाल = परवाह
  • फ़ितरत = स्वभाव
  • कायम = स्थापित
  • तवाज़ुन = संतुलन
  • आलमे-हुस्नो-इश्क = सौंदर्य और प्रेम का वातावरण
  • आबो-ताब अश्आर = चमक-दमक के साथ

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  • बैतों = शेर
  • अंजुमने-मय = शराब की महफिल
  • रिंदों = शराबियों को
  • गर्दू = आसमान
  • फ़रिश्ते = देवदूत
  • बाबे-गुनह = पाप का अध्याय
  • सदके = कुरबान
  • एजाजे-सुखन = उच्चकोटि का काव्य
  • परदे = आड़ में
  • मीर’ – प्रसिद्ध शायर मीर तकीमीर

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दोहरान प्रश्न

प्रश्न 1. ‘ज़र्रा-ज़र्रा सोये है’ से कवि का क्या अभिप्राय है ?

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उत्तर –‘ज़र्रा-ज़र्रा सोये हैं’ से कवि का अभिप्राय है कि धरती का कण-कण इस समय नींद में चला गया है।

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2. खुद का परदा खोलने से क्या आशय है?

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उत्तर:- खुद का परदा खोलने से कवि का

आशय है कि जो व्यक्ति उनकी बुराई करता है वह जाने-अनजाने संसार के सामने अपनी कमज़ोरी ही प्रकट करता है।

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3. किस्मत हमको रो लेवे है हम किस्मत को रो ले हैं – इस पंक्ति में शायर की किस्मत के साथ तना-तनी का रिश्ता अभिव्यक्त हुआ है। चर्चा कीजिए।

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  • उत्तर:- कवि को निराशा के क्षणों में ऐसा लगता है कि किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया। कवि कहता है कि मैं किस्मत पर रोता हूँ और किस्मत मुझे उदास देखकर रोती है। इस प्रकार मैं और किस्मत दोनों एक जैसे हैं। दोनों असफलता और अभाव के कारण रोते रहते हैं।

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सभी विद्यार्थी गजल का भावार्थ अ्पनी लेखन पुस्तिका में लिख कर लाएंगे.

गृह-कार्य

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धन्यवाद