1 of 11

कक्षा-7

हिंदी

2 of 11

बाल महाभारत कथा

चौथे से छठवें दिन के युद्ध की कथा

3 of 11

*चौथे दिन के युद्ध की शुरुआत शल्य के पुत्र की मृत्यु एवं भीम द्वारा दुर्योधन के आठ भाइयों के मारे जाने से हुई। आठ भाइयों की मृत्यु से गुस्साए दुर्योधन ने भीम के सीने पर निशाना साधकर भीषण हथियार चलाया जिससे भीम मूर्छित होकर रथ पर गिर पड़े।

4 of 11

भीम और दुर्योधन युद्ध करते हुए

5 of 11

*पिता की मूर्छित अवस्था देखकर भीमपुत्र घटोत्कच क्रोधित हो गया और भयानक युद्ध करना शुरू कर दिया जिससे कौरव सेना में चारो ओर हाहाकार मच गया। तभी सूर्यास्त हुआ और भीष्म पितामह ने युद्ध समाप्ति की घोषणा कर दी। पांडव सेना में उल्लास था, तो वहीँ दुर्योधन के भाइयों के मारे जाने से कौरव सेना में निराशा थी।

6 of 11

युद्ध भूमि में घटोत्कच

7 of 11

*भाइयों के मारे जाने से निराश दुर्योधन बहुत दुखी था और सोचते-सोचते उसे नींद आ गयी। दूसरी तरफ संजय से युद्ध का विवरण सुनकर धृतराष्ट्र अत्यंत परेशान थे और इधर-उधर की बातें करके अपना मन हल्का करने की कोशिश कर रहे थे।

8 of 11

*पांचवे दिन की लड़ाई में अर्जुन ने भीषण युद्ध किया और हजारों कौरव सैनिकों को मार गिराया। पांडव सैनिकों ने अर्जुन को चारो ओर से घेरकर उनकी जय-जयकार करने लगे। फिर सूर्यास्त हुआ और भीष्म ने युद्ध समापन की घोषणा कर दी। दोनो ओर के सैनिक थके-हारे छावनी�में चले गए।

9 of 11

*छठवें दिन भयंकर युद्ध हुआ जिसमें द्रोणाचार्य ने तांडव मचा कर रख दिया जिससे पांडव सेना में निराशा और हताशा की स्थिति उत्पन्न हो गयी।

10 of 11

कठिन शब्दों का अर्थ:-

भीषण - भयानक

मूर्छित - बेहोश

विह्वल - बेचैन,व्याकुल

चिंताग्रस्त - चिंता से व्याकुल

व्यथित - दुखी,पीड़ित

तादाद - मात्रा ,संख्या

तबाही - बरबादी

अंधाधुंध - लगातार,बेहिसाब

मुहूर्त - शुभ समय

गृह कार्य :-

प्रश्न-1-घटोत्कच द्वारा किये गए युद्ध का वर्णन कीजिए |

प्रश्न-2-पांडव सैनिक अर्जुन की जय-जयकार क्यों कर रहे थे

11 of 11

---------------------------------------------

/kU;okn