अमीर खुसरो
पवन कुमारी
असिस्टेंट प्रोफेसर
स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग
हंसराज महिला महाविद्यालय
जालंधर
अमीर खुसरो का जीवन परिचय�
अमीर खुसरो की रचनाएँ�
अमीर खुसरो की हिंदी कविता�
अमीर खुसरो की पहेलियाँ
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“चूं गन तूती ए हिन्दम अजरासत पुर्सी।
जगन हिन्दवी पुर्स ता नग्ज गोयम”॥
अर्थात् सही पूछो तो मैं हिन्दी का तोता हूँ। यदि तुम मुझ से मीठी बातें करना चाहते हो तो हिन्दवी में बातें करो।
विदेशों में अमीर खुसरो की लोकप्रियता
हिन्दी साहित्य के आदिकालीन कवि - अमीर खुसरो
अमीर खुसरो की साहित्यिक भाषा
खड़ी बोली हिन्दी के आदि कवि है- अमीर खुसरो
‘चूंकि खुसरो ने हिन्दी कलाम को मदून नहीं किया इसलिए वह सदियों तक सीना-बसीना चला आया, इसका कोई कदीम नुस्खा नहीं मिलता। इसलिए एक तरफ तो इसकी जुबान मुसलसल इस्लाह तहरींक के सबब मौजूदा दौर के मुताबिक हो गई। दूसरी तरफ इसमें कसरत से इल्हाक हो गया। साथ ही उनका बहुत सा हिन्दी कलाम तलंफ भी हो गया होगा। मौजूदा रिवायत में उनका जो कलाम मिलता है उसका लिसानी रंग-रूप ऐसा है जो महंक्कीन के नजदीक माबतर है।’
चु बकुशदंद तीर-ए-बेंखता रा,
बाजारी गुफ्त है है तीर मारा॥
अम्मा मेरे बाबा को भेजो जी कि सावन आया।
बेटी तेरा बाबा तो बुडढा री कि सावन आया।
����धन्यवाद