डायरी के पन्ने
लेखिका का परिचय
नाम - एनीलिस मेरी फ्रैंक (ऐन फ्रैंक)
जन्म - 12 जून, 1929 फ्रैंकफर्ट, जर्मनी ।
मृत्यु - फरवरी/मार्च 1945 नाजी यातनागृह में हुई।
यह किताब दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़ी गई किताबों में से एक है।
पाठ का सारांश
ऍन फ्रैंक की मूर्ति
घर की खिडकी जहाँ से ऍन झाँका करती थी
बुकसेल्फ जिसके पीछे एनिक्स का रास्ता जाता था
मुख्य शिक्षण बिंदु
यातना शिविर का दृश्य
गैस चैम्बर में मारे गए लोगो के कपडे
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लघुत्तरात्मक प्रश्न
1 ऐन ने अपनी डायरी में इमारत के बारे में क्या लिखा है ?
2 अज्ञातवास मे उबाऊपन दूर करने के लिए फ्रेंक तथा वान परिवार क्या करता था?
3 19 मार्च 1943 को ऐन की खुशियाँ निराशा में क्यों बदल गई?
अति लघुत्तरात्मक प्रश्न
1 ऐन के अनुसार युद्ध में घायल सैनिक गर्व का अनुभव क्यों कर रहे थे ?
2 ऐन ने अपनी डायरी में किसके बारे में तथा क्या लिखा है ?
3 डच मंत्री की किस घोषणा से ऐन रोमांचित हो उठी ?
निबंधात्मक प्रश्न
1 डायरी के पन्नों से पाठ के द्वारा ऐन फ्रेंक क्या संदेश देना चाहती है
ऐन की डायरी के माध्यम से हमारा मन सभी युद्ध पीड़ितों के लिए कैसा अनुभव करता है ‘डायरी के पन्ने’ कहानी के आधार पर बताइए।
२ ऐन की डायरी एक ऐतिहासिक दौर का जीवंत दस्तावेज है। साथ ही उनके निजी सुख-दुःख और भावात्मक उथल-पुथल का तर्क सहित उत्तर लिखिए।