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कक्षा- 6

विषय- हिंदी

पाठ- चांद से थोड़ी सी गप्पे

शमशेर, बहादुर सिंह

प्रस्तुत कर्ता- मिथिलेश कुमारी

टी.जी.टी.हिन्दी

ज.न.वि. बाड़मेर

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शब्दकोश

खूब - पूरे, बिल्कुल

कुल - सारा

गोरा-चिट्टा - सफेद, अत्यंत गोरा

सिम्त - दिशाएँ

गोकि - यानि, हालांकि

निरा - बिल्कुल, पूरा

दम न लेना - विश्राम न लेना

मरज - बीमारी

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प्रश्न.२. ‘हमको बुद्धू ही निरा समझा है’ , कहकर लड़की क्या कहना चाहती है?�उ.२. लड़की यह कहना चाहती है कि चाँद उसे बुद्धू ना समझे, वह चतुर है और जानती है कि चाँद को कोई बीमारी है।

प्रश्न.३. आशय बताओ:�‘ यह मरज़ आपका अच्छा ही नहीं होने में आता है।’�उ.३. इस पंक्ति का आशय यह है कि लड़की को लगता है कि चांँद को कोई बीमारी है, जो कि ठीक ही नहीं हो रही है क्योंकि यदि वो घटते हैं तो घटते ही जाते हैं और बढ़ते हैं तो बढ़ते ही चले जाते हैं, जब तक कि पूरे गोल ना हो जाएं।

प्रश्न.१. कविता में ‘आप पहने हुए हो कुल आकाश ‘ कहकर लड़की क्या कहना चाहती है?�उ.१. कविता में लड़की कहना चाहती है कि चाँद, तारों से जड़ित संपूर्ण आकाश-रूपी वस्त्र को पहने हुए है।

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प्रश्न.३. आशय बताओ:�‘ यह मरज़ आपका अच्छा ही नहीं होने में आता है।’�उ.३. इस पंक्ति का आशय यह है कि लड़की को लगता है कि चांँद को कोई बीमारी है, जो कि ठीक ही नहीं हो रही है क्योंकि यदि वो घटते हैं तो घटते ही जाते हैं और बढ़ते हैं तो बढ़ते ही चले जाते हैं, जब तक कि पूरे गोल ना हो जाएं।

प्रश्न.४. कवि ने चांँद से गप्पें किस दिन लगाई होंगी? इस कविता में आई बातों की मदद से अनुमान लगाओ और उसका कारण भी बताओ।�उ.४. कवि ने चाँद से गप्पें निम्नलिखित दिनों में लगाई होंगी –��दिन कारण�पूर्णिमा इस दिन चांँद पूरा गोल नज़र आता है।�अष्टमी से पूर्णिमा के बीच इन दिनों में चांँद कुछ तिरछा दिखाई देता है।

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प्रश्न.१. कविता में बालिका ने चाँद की पोशाक किसे बताया है?�उ.१. कविता में बालिका ने पूरे आकाश को चाँद की पोशाक बताया है।��प्रश्न.२. बालिका किसे चाँद की बीमारी समझ रही है?�उ.२. बालिका चाँद के तिरछेपन को उसकी बीमारी समझ रही है।��प्रश्न.३. कविता के अनुसार चाँद आकाश में कैसा नज़र आता है?�उ.३. कविता के अनुसार चाँद पूरे आकाश में गोल-मटोल और गोरा-चिट्टा सा चमकता हुआ नज़र आता है।��प्रश्न.४. बालिका क्यों कहती है कि चाँद की बीमारी ठीक ही नहीं होने को आ रही है?��उ.४. बालिका ऐसा इसीलिए कहती है क्योंकि चाँद घटता है तो घटता ही चला जाता है और बढ़ता है तो बढ़ता ही जाता है जब तक कि वह गोल ना हो जाए। उसे ये एक बीमारी जान पड़ती है।

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5. नई कविता में तुक या छंद की बजाय बिंब का प्रयोग अधिक होता है, बिंब वह तसवीर होती है जो शब्दों को पढ़ते समय हमारे मन में उभरती है। कई बार कुछ कवि शब्दों की ध्वनि की मदद से ऐसी तस्वीर बनाते हैं और कुछ कवि अक्षरों या शब्दों को इस तरह छापने पर बल देते हैं कि उनसे कई चित्र हमारे मन में बनें। इस कविता के अंतिम हिस्से में चाँद को एकदम गोल बताने के लिए कवि ने बि ल कू ल शब्द के अक्षरों को अलग-अलग करके लिखा है। तुम इस कविता के और किन शब्दों को चित्र की आकृति देना चाहोगे? ऐसे शब्दों को अपने ढंग से लिखकर दिखाओ।�उत्तर:- 1. गो – ल�2. ति – र – छे�3. बि – ल – कु – ल

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भाषा की बात�6. चाँद संज्ञा है। चाँदनी रात में चाँदनी विशेषण है।�नीचे दिए गए विशेषणों को ध्यान से देखो और बताओ कि कौन-सा प्रत्यय जुड़ने पर विशेषण बन रहे हैं। इन विशेषणों के लिए एक-एक उपयुक्त संज्ञा भी लिखो -गुलाबी पगड़ी / मखमली घास / कीमती गहने / ठंडी रात / जंगली फूल / कश्मीरी भाषा�उत्तर:-�विशेषण प्रत्यय एक और संज्ञा शब्द�गुलाबी ई गुलाबी साड़ी�मखमली ई मखमली कालीन�कीमती ई कीमती वस्त्र�ठंडी ई ठंडी बर्फ़�जंगली ई जंगली जानवर�कश्मीरी ई कश्मीरी पोशाक

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7. गोल-मटोल गोरा-चिट्टा�कविता में आए शब्दों के इन जोडों में अंतर यह है कि चिट्टा का अर्थ सफ़ेद है और गोरा से मिलता-जुलता है जबकि मटोल अपने-आप में कोई शब्द नहीं है। यह शब्द ‘मोटा’ से बना है। ऐसे चार-चार शब्द युग्म सोचकर लिखो और उनका वाक्यों में प्रयोग करो।�उत्तर:- 1. मेल-जोल – हमें सबसे मेल-जोल बनाए रखना चाहिए।�2. अच्छा-बुरा – बच्चों को अपने अच्छे-बुरे का ज्ञान नहीं होता।�3. आज-कल – आज-कल महँगाई बढ़ गई है।�4. सुख-दुःख – सुख-दुःख जीवन के दो पहलू है।

10. गप्प, गप-शप, गप्पबाज़ी – क्या इन शब्दों के अर्थ में अंतर है? तुम्हें क्या लगता है? लिखो।�उत्तर:- गप्प – बिना काम की बात।�गप-शप – इधर -उधर की बातचीत।�गप्पबाज़ी – कुछ झूठी, कुछ सच्ची बात।

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8. ‘बिलकुल गोल’ – कविता में इसके दो अर्थ हैं –�(क) गोल आकार का�(ख) गायब होना !�ऐसे तीन शब्द सोचकर उनसे ऐसे वाक्य बनाओ कि शब्दों के दो-दो अर्थ निकलते हों।�उत्तर:- 1 वर –�(क) लता के लिए एक सुयोग्य वर (दूल्हा) की तलाश है।�(ख) भगवान वरूण ने लकड़हारे को तीन वर(वरदान) माँगने के लिए कहा।�2 अर्थ –�(क) अर्थ (धन) प्राप्ति के लिए मेहनत करना जरूरी होता है।�(ख) काव्य पंकितयों का अर्थ(मतलब) स्पष्ट कीजिए।�3 कनक –�(क) इस वर्ष कनक (गेहूँ) की खेती अच्छी हुई है।�(ख) इस वर्ष सीमा ने कनक (सोने) के कंगन बनवाए।��

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9. जोकि, चूँकि, हालाँकि – कविता की जिन पंक्तियों में ये शब्द आए हैं, उन्हें ध्यान से पढ़ो। ये शब्द दो वाक्यों को जोड़ने का काम करते हैं। इन शब्दों का प्रयोग करते हुए दो-दो वाक्य बनाओ।�उत्तर:-�जोकि –�नीम का तेल जोकि गंध व स्वाद में कड़वा होता है प्रथम श्रेणी की कीटाणुनाशक होता है।�यह एक लड़के की कहानी है जिसका नाम मोहन है जोकि दिल्ली में आया था !�चूँकि –�चूँकि प्रश्न कठिन थे इसलिए में उत्तर नहीं लिख पाया।�चूँकि आज तेज बारिश थी इसलिए में आज स्कूल नहीं जा सका।�हालाँकि –�हालाँकि आज बारिश तेज है फिर भी मुझे काम पर जाना ही होगा।�हालाँकि मुझे तुम्हारा उत्तर पता है फिर भी मैं तुमसे सुनना चाहता

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गृहकार्य -

1. चांद ने किसकी और कैसी पोशाक पहनी हुई है?

2.लड़की के अनुसार चांद उसे क्या समझ रहा है?

लड़की क्या जानती है?

3. लड़की ने चांद के घटने की प्रक्रिया पर क्या कटाक्ष किया है?

4. बढ़ते समय चांद कब तक दम नहीं देता? लड़की के अनुसार चाँद को कैसी बीमारी है?

5.लड़की स्वयं को बुद्धू नहीं मानती क्यों?

6.कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष के विषय में आप क्या जानते हैं?