राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020
NEP-2020 परिचय :
न्यायसंगत ज्ञान समाज
उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके भारत को एक जीवंत और न्यायसंगत ज्ञान समाज में बदलना।
बुनियादी अधिकारों, कर्तव्यों और संवैधानिक मूल्यों के प्रति गहरा सम्मान विकसित करना।
वैश्विक नागरिक का निर्माण
कौशल और मूल्यों का विकास जो मानवाधिकारों, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा दें।
अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के प्रति सचेत जागरूकता पैदा करना।
NEP-2020 का विजन (दृष्टि)
समानता और समावेशन
विविधता और स्थानीय संदर्भ का सम्मान करते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना।
तकनीक का उपयोग
शिक्षण, मूल्यांकन और योजना में अत्याधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों का एकीकरण।
रचनात्मक चिंतन
अवधारणात्मक समझ, आलोचनात्मक सोच और नवाचार पर जोर देना, रटंत शिक्षा के बजाय।
प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धांत
नया शैक्षणिक ढांचा: 5+3+3+4
फाउंडेशनल (5 वर्ष): 3 साल आंगनवाड़ी/प्री-स्कूल + कक्षा 1-2
प्रिपरेटरी (3 वर्ष): कक्षा 3 से 5
मध्य (3 वर्ष): कक्षा 6 से 8
माध्यमिक (4 वर्ष): कक्षा 9 से 12
12 साल की स्कूली शिक्षा और 3 साल की प्री-स्कूलिंग के साथ समग्र विकास।
फाउंडेशनल स्टेज - 5 साल
3 साल (उम्र - 3 से 6)
प्री-प्राइमरी स्कूल / आंगनबाड़ी
2 साल (उम्र - 6 से 8)
कक्षा पहली से कक्षा दूसरी
फाउंडेशनल स्टेज - 5 साल
फाउंडेशनल स्टेज के अंतर्गत प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) का प्रावधान
प्रिपरेटरी स्टेज - 3 साल
आयु वर्ग - 9, 10, 11 वर्ष
प्रिपरेटरी स्टेज की मुख्य विशेषताएं -
मिडिल स्टेज - 3 साल - कक्षा 6 से 8
आयु वर्ग - 12, 13, 14 वर्ष
इस चरण की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
सेकेंडरी स्टेज - (4 वर्ष) - कक्षा 9 से 12
(आयु वर्ग: 15, 16, 17 और 18 वर्ष)
सेकेंडरी स्टेज (Secondary Stage) की मुख्य विशेषताएं:
मातृभाषा में शिक्षा
कक्षा 5 (या 8) तक माध्यम मातृभाषा/स्थानीय भाषा।
एक भारत, श्रेष्ठ भारत
'भारत की भाषाएं' प्रोजेक्ट के तहत बहुभाषावाद को बढ़ावा।
शास्त्रीय भाषाएँ
संस्कृत और अन्य भारतीय शास्त्रीय भाषाओं के विकल्प उपलब्ध।
बहुभाषावाद और भाषाओं की शक्ति
THANK YOU
VISIT HERE - https://schoolstuffs36garh.in/