1 of 22

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020

2 of 22

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को 29 जुलाई 2020 को भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंज़ूरी दी गई थी।

NEP-2020 परिचय :

  • डॉ. के. कस्तूरीरंगन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 समिति के अध्यक्ष थे।
  • यह भारत की तीसरी शिक्षा नीति है (21वीं सदी की पहली शिक्षा नीति), जिसने 34 साल पुरानी शिक्षा नीति (NEP 1986/1992) की जगह ली है।

3 of 22

न्यायसंगत ज्ञान समाज

उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके भारत को एक जीवंत और न्यायसंगत ज्ञान समाज में बदलना।

बुनियादी अधिकारों, कर्तव्यों और संवैधानिक मूल्यों के प्रति गहरा सम्मान विकसित करना।

वैश्विक नागरिक का निर्माण

कौशल और मूल्यों का विकास जो मानवाधिकारों, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा दें।

अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के प्रति सचेत जागरूकता पैदा करना।

NEP-2020 का विजन (दृष्टि)

4 of 22

समानता और समावेशन

विविधता और स्थानीय संदर्भ का सम्मान करते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना।

तकनीक का उपयोग

शिक्षण, मूल्यांकन और योजना में अत्याधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों का एकीकरण।

रचनात्मक चिंतन

अवधारणात्मक समझ, आलोचनात्मक सोच और नवाचार पर जोर देना, रटंत शिक्षा के बजाय।

प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धांत

5 of 22

6 of 22

नया शैक्षणिक ढांचा: 5+3+3+4

फाउंडेशनल (5 वर्ष): 3 साल आंगनवाड़ी/प्री-स्कूल + कक्षा 1-2

प्रिपरेटरी (3 वर्ष): कक्षा 3 से 5

मध्य (3 वर्ष): कक्षा 6 से 8

माध्यमिक (4 वर्ष): कक्षा 9 से 12

12 साल की स्कूली शिक्षा और 3 साल की प्री-स्कूलिंग के साथ समग्र विकास।

7 of 22

फाउंडेशनल स्टेज - 5 साल

3 साल (उम्र - 3 से 6)

प्री-प्राइमरी स्कूल / आंगनबाड़ी

2 साल (उम्र - 6 से 8)

कक्षा पहली से कक्षा दूसरी

8 of 22

फाउंडेशनल स्टेज - 5 साल

फाउंडेशनल स्टेज के अंतर्गत प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) का प्रावधान

  • ECCE का मुख्य उद्देश्य - बच्चे का समग्र विकास।

  • आंगनवाड़ियों में ECCE शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

  • 10+2 और उससे अधिक योग्यता वाले शिक्षक - 6 महीने का प्रमाणपत्र कार्यक्रम,

  • कम शैक्षिक योग्यता वाले शिक्षक - एक वर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रम

9 of 22

प्रिपरेटरी स्टेज - 3 साल

आयु वर्ग - 9, 10, 11 वर्ष

प्रिपरेटरी स्टेज की मुख्य विशेषताएं -

  • - आयु और कक्षा: 8 से 11 वर्ष की आयु, और कक्षा तीसरी, चौथी व पांचवीं।
  • - सीखने का तरीका: खेल, खोज, और गतिविधि-आधारित शिक्षा (Experiential Learning) पर विशेष जोर।
  • - विषय और भाषा: इसमें भाषा, गणित, कला, शारीरिक शिक्षा और पर्यावरण अध्ययन जैसे कई विषय शामिल होते हैं। इसके अलावा, पांचवीं कक्षा तक शिक्षा मातृभाषा या स्थानीय भाषा में देने को प्राथमिकता दी जाती है।
  • - मूल्यांकन और परीक्षा: इस चरण में बच्चों की क्षमता को आंकने के लिए नियमित और अधिक समग्र प्रगति कार्ड (Holistic Progress Card) का उपयोग किया जाता है।

10 of 22

मिडिल स्टेज - 3 साल - कक्षा 6 से 8

आयु वर्ग - 12, 13, 14 वर्ष

इस चरण की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • - विषय-आधारित शिक्षा: इस स्तर पर छात्रों को विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विज्ञान, गणित, कला, सामाजिक विज्ञान और मानविकी जैसे विषयों की अमूर्त (abstract) अवधारणाओं से परिचित कराया जाता है।

  • - व्यावसायिक प्रशिक्षण: छात्रों को कौशल सीखने और व्यावहारिक अनुभव देने के लिए व्यावसायिक शिक्षा (जैसे- बढ़ईगीरी, सिलाई, मिट्टी के बर्तन बनाना, आदि) को जोड़ा गया है।

  • -अनुभवात्मक शिक्षण: रटने की बजाय प्रयोगात्मक (experiential) सीखने और खेल-आधारित गतिविधियों पर जोर दिया जाता है।

  • -विषयों का एकीकरण: विभिन्न विषयों को अलग-थलग न मानकर, उन्हें एक-दूसरे से जोड़कर समग्र रूप से पढ़ाने का दृष्टिकोण अपनाया जाता है।

  • - इस चरण में बेसिक कोडिंग और व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जाएगी।

  • - इस चरण में भारतीय भाषाओं में से कोई एक भाषा पढ़ाई जाएगी (वैकल्पिक)।

11 of 22

सेकेंडरी स्टेज - (4 वर्ष) - कक्षा 9 से 12

(आयु वर्ग: 15, 16, 17 और 18 वर्ष)

सेकेंडरी स्टेज (Secondary Stage) की मुख्य विशेषताएं:

  • - कक्षा और आयु: यह स्तर 4 साल का होता है, जिसमें कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई होती है। इसमें 14 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के छात्र आते हैं。
  • - दो चरणों में विभाजन: इस 4 साल के चरण को दो भागों में बांटा गया है: पहला भाग: कक्षा 9 और 10, दूसरा भाग: कक्षा 11 और 12
  • - विषयों का चुनाव: पुरानी शिक्षा प्रणाली के विपरीत, अब छात्रों को 9वीं कक्षा से ही कला (Arts), विज्ञान (Science), और वाणिज्य (Commerce) के विषयों के बीच व्यापक विकल्प और संयोजन (combination) चुनने की स्वतंत्रता मिलती है
  • - वोकेशनल एजुकेशन (व्यावसायिक शिक्षा): पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि छात्रों को व्यावहारिक कौशल (skill) प्राप्त हो सके。
  • - सेमेस्टर सिस्टम: पूरे चरण को सेमेस्टर प्रणाली में बदलने की योजना है, जिससे बोर्ड परीक्षाओं के तनाव को कम किया जा सके और साल भर सतत मूल्यांकन हो सके।
  • - 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं जारी रहेंगी।
  • - छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं में अपने अंकों को बेहतर बनाने का दूसरा मौका दिया जाएगा।
  • - आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम के बीच कोई कठोर विभाजन नहीं होगा।

12 of 22

13 of 22

14 of 22

15 of 22

मातृभाषा में शिक्षा

कक्षा 5 (या 8) तक माध्यम मातृभाषा/स्थानीय भाषा।

एक भारत, श्रेष्ठ भारत

'भारत की भाषाएं' प्रोजेक्ट के तहत बहुभाषावाद को बढ़ावा।

शास्त्रीय भाषाएँ

संस्कृत और अन्य भारतीय शास्त्रीय भाषाओं के विकल्प उपलब्ध।

बहुभाषावाद और भाषाओं की शक्ति

16 of 22

17 of 22

18 of 22

19 of 22

20 of 22

21 of 22

22 of 22

THANK YOU

VISIT HERE - https://schoolstuffs36garh.in/