नवोदय विद्यालय समिति ��नवोदय नेतृत्व संस्थान,��उदयपुर
डी.एस.पाटील
टी.जी.टी.हिंदी
जवाहर नवोदय विद्यालय
धुले
लेखक परिचय
आचार्य हजारिप्रसाद द्विवेदी जी का जन्म २० अगस्त १९०७ को उत्तरप्रदेश के बलिया जिले के ‘दुबे का छपरा’ गाँव में हुआ था। इनके पिता का नाम श्री अनमोल दुबे और माता का नाम श्रीमति ज्योतिकली था। इनका परिवार ज्योतिष विद्या के लिए प्रसिद्ध था। आचार्य द्विवेदी जी की प्रारम्भिक शिक्षा गाँव में ही हुई। इसके बाद वे १९२३ मे विद्याध्ययन के लिए काशी आए। १९२७ मे उन्होने हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की और इसी वर्ष भगवती देवी से विवाह सम्पन्न हुआ। १९३० मे ज्योतिष विषय मे आचार्य की उपाधि प्राप्त की। ८ नवंबर १९३० से शांति निकेतन मे द्विवेदी जी ने हिन्दी अध्यापन का कार्य प्रारम्भ किया।१९५७ मे भारत सरकार ने ‘पद्मभूषण’ की उपाधि से विभूषित किया।
१९७३ मे ‘आलोक पर्व’ निबंध संग्रह के लिए उन्हे ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। १९ मई १९७९ को दिल्ली मे इनका देहावसान हो गया।
प्रमुख रचनाए- बाणभट्ट की आत्मकथा (उपन्यास ),अशोक के फूल {निबंध संग्रह}, सूरदास और उनका काव्य आदि उनकी प्रमुख रचनाए हैं ।
गद्यांश-१
पाठ का सार
गद्यांश-2
पाठ का सार
गद्यांश-3
पाठ का सार
गद्यांश-४
पाठ का सार
गद्यांश-5
पाठ का सार
गद्यांश-6
पाठ का सार
गद्यांश-7
पाठ का सार
गद्यांश-8
पाठ का सार
गद्यांश-9
पाठ का सार
गद्यांश-10
एक बस को लूटा गया था।” परिवार सहित अकेला मैं ही था । बच्चे पानी-पानी चिल्ला रहे थे। पानी का कहीं ठिकाना न था। ऊपर से आदमियों का डर समा गया था ।
पाठ का सार
गद्यांश-11
पाठ का सार
गद्यांश-12
पाठ का सार
गद्यांश-13
पाठ का सार
गद्यांश-14
पाठ का सार
धन्यवाद