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BLESSINGS

ॐ ह्रीं अर्हम् नमः

श्रीसद्गुरुभ्यो नमः

ॐ ऐं नमः

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SHREE MATI GYANAY NAMAH

SHREE SHRUT GYANAY NAMAH

SHREE AVADHI GYANAY NAMAH

SHREE MANAH-PARYAV GYANAY NAMAH

SHREE KEVAL GYANAY NAMAH

5 GYAN

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Inspired by:

Yugpradhan Acharyatulya P.P. Panyas Shree Chandrashekhar Vijayji M.S.

P.P. Panyas Shree Yashobhushan Vijayji M.S.

P.P. Panyas Shree Manobhushan Vijayji M.S.

Mahaveer Swami Bhav No – 27 Upsarg – Chandakaushik Snake / Slide 117 - 128

Learn & turn part – 2 story NO 12

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Picture No. 1

  1. एक बार भगवान जंगल की ओर जा रहे थे तभी गाँव के लोगो ने उनको रोका और कहने लगे कि वहाँ एक भयंकर द्रष्टि विष साप है जो आपको मार दालेंगा,

द्रष्टि विष साप जब सूर्य से आंख मिलाता, है तो उनकी आंख में आग पेदा होती है, वह आगवाली द्रष्टिसे जिसको देखता है, वह व्यकित जल कर मर जाती है।

Learn & turn part 2 story no 12

MAHAVEER SWAMI BHAV UPSARG – CHANDAKAUSHIK SNAKE

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Picture No. 2

२) भगवान अपने ज्ञान से सब जान लेते है और उस साप को बचाने के लिए वहाँ जाते है।

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MAHAVEER SWAMI BHAV UPSARG – CHANDAKAUSHIK SNAKE

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Picture No. 3

३) भगवान वहाँ काउसग्ग ध्यान में खड़े रह जाते है, वह साप भगवान को मारने के लिए आँख में से आग (तेजोलेश्या) छोडने लगा।

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Picture No. 4

४) भगवान को कुछ नहीं हुआ इसलिए जोर से बार बार डंख मारता है।

प्रभु के पैर में से दुध की धारा निकलती है।

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MAHAVEER SWAMI BHAV UPSARG – CHANDAKAUSHIK SNAKE

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Picture No. 5

५) खुन के बदले दुध की धारा देखकर, उस साप को आश्चर्य हुआ और वह शांत हो गया ।

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Picture No. 6

६) तभी भगवान कहते है, "बुज्झ बुज्झ चंडकौशीया, हे चंडकौशीक तु शांत हो जा“

पूर्वभव में वो चंडकौशिक नाम का भयंकर गुस्सावाला तापस था ।

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Picture No. 7

७) अपना नाम सुनकर चंडकौशिक को अपने पूर्व भव याद आने लगा और दो भव पहले साधु के भवमें क्रोधमें शिष्य मुनी को मारने जाते समय खंभे के साथ टकराने से क्रोध में ही उनकी मृत्यु हो गयी।

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Picture No. 8

८) उसके वाद के भव में वह चंडकौशिक नाम का तापस हुआ और गुस्से में राजकुमार को कुल्हाड़ी से मारने जाते समय वह स्वयं मर गया ।

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Picture No. 9

९) अपना पूर्वभव देखने के बाद, अब चंडकौशीक को पश्चाताप होने लगा ।

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Picture No. 10

१०) बील के अंदर मुँह रखके रहता है और खाना पीना छोड़ देता है और समाधी में मृत्यु होने के बाद देवलोक में चला जाता है।

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Picture No. 11

११) भगवान खुद चल कर अनार्य देश में जाते है और वहाँ के पापी लोग भगवान को बांध देते है और मारते है।

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Picture No. 12

१२) वहाँ के आदिवासी लोगो और जंगली कुत्ते भगवान को मारने को दौड़ते है।

भगवान बहुत ही समाधी से सहन करते है।

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