संक्षिप्त विवरण :
13 वर्ष पूरा होने पर पांडव विराट की राजधानी छोड़कर विराट राज के ही राज्य में स्थित उपप्लव्य नामक नगर में जाकर रहने लगे । आगे का कार्यक्रम तय करने के लिए उन्होंने अपने भाई बंधुओं एवं मित्रों को बुलाने के लिए दूत भेजें । भाई बलराम, अर्जुन की पत्नी सुभद्रा तथा पुत्र अभिमन्यु और यदुवंश के कई वीरों को लेकर श्री कृष्ण उपप्लव्य जा पहुंचे । इंद्रसेन काशीराज तथा शैव्य आदि राजा भी अपनी अक्षौहिणी सेना के साथ युधिष्ठिर के नगर पहुंच गए ।राजा द्रुपद भी अपनी अक्षौहिणी सेना के साथ आए। शिखंडी , द्रौपदी का भाई धृष्टद्यूमन और द्रौपदी के पुत्र भी आ पहुंचे । सर्वप्रथम अभिमन्यु और उत्तरा का विवाह संपन्न कराया गया । इसके बाद सभी राजा मंत्रणा के लिए खट्टे हुए ।
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