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BLESSINGS

ॐ ह्रीं अर्हम् नमः

श्रीसद्गुरुभ्यो नमः

ॐ ऐं नमः

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SHREE MATI GYANAY NAMAH

SHREE SHRUT GYANAY NAMAH

SHREE AVADHI GYANAY NAMAH

SHREE MANAH - PARYAV GYANAY NAMAH

SHREE KEVAL GYANAY NAMAH

5 GYAN

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Learn & Turn Jainism Part -2 Lesson No. 48

Sakal Tirth Part - 2

Inspired by:

Yugpradhan Acharyatulya P.P. Panyas Shree Chandrashekar Vijayji M.S.

P.P. Panyas Shree Yashobhushan Vijayji M.S.

P.P. Panyas Shree Manobhushan Vijayji M.S.

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Learn & Turn Jainism Part -2 Lesson No. 48

Sakal Tirth Part - 2

समेतशिखर वंदूं जिन वीश अष्टापद वंदूं चोवीश ।

विमलाचल ने गढ गीरनार आबु ऊपर जिनवर जुहार ||११||

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Learn & Turn Jainism Part -2 Lesson No. 48

Sakal Tirth Part - 2

शंखेश्वर केसरियो सार, तारगे श्री अजित जुहार ।

अंतरिक्ष वरकाणो पास, जीराउलो ने थंभण पास ||१२||

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Learn & Turn Jainism Part -2 Lesson No. 48

Sakal Tirth Part - 2

गाम नगर पुर पाटण जेह,

जिनवर चैत्य नमूं गुणगेह ।

विहरमान वंदूं जिन वीश,

सिद्ध अनंत नमु निश-दीस ||१३||

अढीद्वीपमां जे अणगार,

अठार सहस सीलांगना धार ।

पंच महाव्रत समिति सार,

पाले पलावे पंचाचार ||१४||

बाह्य अभ्यंतर तप उजमाल,

ते मुनि वंदु गुण-मणि-माल

नित नित उठी कीर्ति करूं,

जीव कहे भवसायर तरुं ||१५||

यहा ४ विभाग हैं :

(१) अशाश्वत तीर्थ

(२) विद्यमान २० भगवान

(३) अनंत सिद्ध

(४) वर्तमान मुनि सभी को वंदना

  • १५ कर्मभूमि में गाम नगर के बाकी बचे मन्दिर, व मूर्ति को वंदना, जैसे, जंकिंचि, जावंति सूत्र में है।
  • विद्यमान विचरते २० भगवान ५ महाविदेह में।
  • अनंत सिद्ध भगवान सिद्धशिला पर है ।
  • ढाईद्वीप के सभी मुनि १८,००० शीलांग, ५ महाव्रत, ५ समिति, ५ आचार व बाह्य - अभ्यंतर तपवाले हैं, उनको वंदना।

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