1 of 34

आरोह (भाग-2)

हिन्दी (आधार) पाठ्य पुस्तक

प्रकरण: बाज़ार दर्शन ( जैनेन्द्र कुमार )

प्रस्तुति-

हरीश कुमार शर्मा

स्नातकोत्तर शिक्षक “हिन्दी”

ज.न.वि. अररिया (बिहार)

2 of 34

3 of 34

जैनेन्द्र कुमार �(1905-1990)

4 of 34

5 of 34

6 of 34

7 of 34

8 of 34

9 of 34

10 of 34

11 of 34

बाजार दर्शन

12 of 34

गद्यांश से संबन्धित प्रश्न

  • बाज़ार की खरीद में पुरुष पत्नी का नाम क्यों लेते है ?

  • बाज़ार की अनचाही खरीद के पीछे कौन सा कारण है ?

  • पैसे की पावर कहने का क्या आशय है ?

  • लोग पैसे की पावर का इस्तेमाल कैसे करते है ?

  • यहाँ ‘संयमी’ किन्हे कहा गया है और क्यों ?

13 of 34

14 of 34

15 of 34

गद्यांश से संबन्धित प्रश्न

  • बेहया’ शब्द में क्या व्यंग्य है ?

  • कौन-सा निमंत्रण ग्राहकों को अधिक लुभाता हैं और क्यों ?

  • ऊँचे बाज़ार के आमंत्रण को मूक क्यों कहा गया हैं ?

  • बाज़ार का चौक किनको कामना से विकल बना देता है ?

  • बाज़ार का आकर्षण मनुष्य को असंतोष, तृष्णा और ईष्या से किस प्रकार घायल करता है ?

  • बाज़ार के आमंत्रण की क्या विशेषता होती है ?

16 of 34

एक और मित्र की बात है I यह दोपहर के पहले के गए-गए बाजार से कहीं शाम को वापस आए I आए तो खाली हाथ !

17 of 34

18 of 34

गद्यांश से संबन्धित प्रश्न

  • बाज़ार को जादू के रूप में क्यों कहा गया है ?

  • बाज़ार के जादू की क्या मर्यादा है ?

  • यह जादू कब और किन स्थितियों में असर करता है ?

  • ‘जेब भरी हो और मन खाली हो’ का क्या आशय है ?

  • बाज़ार के जादू से बचने का क्या उपाय हो सकता है ?

  • जादू का असर उतर जाने पर व्यक्ति को क्या अहसास होने लगता है ?

19 of 34

20 of 34

गद्यांश से संबन्धित प्रश्न

  • बाज़ार के जादू से बचने का सर्वोत्तम उपाय क्या है ?

  • बाज़ार की सार्थकता किसमे है ?

  • बाज़ार कब आनंद देता है ? कैसे ?

  • लेखक ने ‘लू’ का उदाहरण क्यों दिया है ?

  • मन में लक्ष्य भरने का क्या आशय है ?

  • आशय स्पष्ट कीजिए- मन खाली हो, तब बाज़ार न जाओ I

21 of 34

22 of 34

गद्यांश से संबन्धित प्रश्न

  • मन खाली होने और बंद होने का अंतर स्पष्ट कीजिए I

  • परमात्मा और मनुष्य की प्रकृति में क्या अंतर है ?

  • रेगिस्तान की राह से क्या आशय है ? मोक्ष की राह उससे किस प्रकार भिन्न है ?

  • लोभ की जीत और आदमी की हार किसे कहा गया है ?

  • आँख फोड़ डालने में निहित व्यंग्य स्पष्ट कीजिए I

  • लेखक किस हठयोग को नकारता है और क्यों ?

  • लेखक ने सच्चा ज्ञान किसे माना है ?

23 of 34

24 of 34

25 of 34

गद्यांश से संबन्धित प्रश्न

  • चूरन बेचने वाले भगत जी को अपदार्थ क्यों कहा गया है ?

  • भगत जी को ऐसा क्या प्राप्त है जो बड़े-बड़े विद्वानों को प्राप्त नहीं है ?

  • पैसे की व्यंग्य-शक्ति किसे कहा गया है ?

  • गद्यांश में निहित आशय स्पष्ट कीजिए I

26 of 34

27 of 34

28 of 34

गद्यांश से संबन्धित प्रश्न

  • चूरन वाले को अकिंचित्कर क्यों कहा गया है ?

  • चूरन वाले की किस शक्ति के आगे वैभव की व्यंग्य-शक्ति चूर-चूर हो जाती है ?

  • लेखक के अनुसार, कौन मनुष्य निर्बल है और कौन सबल ?

  • लेखक ने मनुष्य की अबलता किस बात में मानी है और कैसे ?

29 of 34

30 of 34

गद्यांश से संबन्धित प्रश्न

  • भगत जी बाज़ार में संतुष्ट और प्रसन्न क्यों दिखाई देते हैं ?

  • भगत जी वस्तुओं के प्रति मन में कैसा भाव रखते थे ?

  • लोग भगत जी का किसलिए अभिवादन कर रहे थे ?

  • भगत जी फ़ैन्सी माल देखकर भौचक्के क्यों नहीं रह पाते ?

  • गद्यांश के आधार पर बताए कि बाज़ार के बारे में हमारा रुख कैसा होना चाहिए ?

31 of 34

32 of 34

गद्यांश से संबन्धित प्रश्न

  • ‘पर्चेजिंग पावर’ क्या है ? इसका गर्व करने वाले बाज़ार को कैसी शक्ति देते है ?

  • ‘बाज़ार का बाज़ारूपन’ क्या है ? यह कैसे बढ़ाया जाता है ?

  • बाज़ार में सदभाव क्यों घटता है ? कपट क्यों बढ़ता है ?

  • बाज़ार को सार्थकता कौन दे सकते है और कैसे ?

  • लेखक किस अर्थशास्त्र को अनीति-शास्त्र कहता है ?

  • गद्यांश में किस समस्या की चर्चा है ?

33 of 34

गृहकार्य

  • बाजार का जादू चढ़ने और उतरने पर मनुष्य पर क्या-क्या असर पड़ता हैं?
  • बाजार में भगत जी के व्यक्तित्व का कौन-सा सशक्त पहलू उभरकर आता हैं? क्या आपकी नजर में उनका आचरण समाज में शांति-स्थापित करने में मददगार हो सकता हैं?
  • बाज़ार किसी का लिंग ,जाति ,धर्म या क्षेत्र नहीं दिखाया ? वह देखता है सिर्फ़ उसकी क्रय -शक्ति को। इस रूप में वह एक प्रकार से सामाजिक समता की भी रचना कर रहा है। आप इससे कहाँ तक सहमत है ?
  • ‘बाजार दर्शन‘  पाठ में किस प्रकार के ग्राहकों की बात हुई है ? आप स्वयं की किस श्रेणी का ग्राहक मानते हैं ?
  • आप बाजार की भिन्न -भिन्न प्रकार की संस्कृति से अवश्य परिचित होगे । मॉल की संस्कृति और सामान्य बाजार और हाट की संस्कृति में आप क्या अंतर पाते हैं? पर्चेजिंग पावर आपको किस तरह के बाजार में नजर आती हैं?
  • लेखक ने पाठ में संकेत किया है कि कभी-कभी बाजार में आवश्यकता ही शोषण का रूप धारण कर लेती हैं । क्या आप इस विचार से सहमत हँ‘? तर्क सहित उतार दीजिए?
  • ‘बाज़ार दर्शन’ पाठ के आधार पर बताइए कि पैसे की पावर का रस किन दो रूपों में प्राप्त होता है ?
  • भगत जी की चरित्र की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए I

34 of 34

धन्यवाद