काव्य की परिभाषा एवं तत्व
पवन कुमारी
हिन्दी विभाग
हंसराज महिला महा विद्यालय
जालंधर
काव्य की परिभाषा तथा भेद
“जो उक्ति हृदय में कोई भाव जागृत कर दे या उसे प्रस्तुत वस्तु या तथ्य की मार्मिक भावना में लीन करदे , वह काव्य है ।
काव्य के पक्ष –�
1. भाव पक्ष(आंतरिक पक्ष)
2. कला पक्ष (बाह्य पक्ष)
काव्य के भेद –�
काव्य के मुख्य रूप से दो भेद होते हैं –
जैसे – नाटक , एकांकी , प्रहसन आदि ।
उदाहरण - चन्द्रगुप्त , स्कंदगुप्त आदि ।
जैसे – गीत , प्रगीत ।
रामचरितमानस, सूर के पद, मीरा के पद आदि ।
आधुनिक तकनीकों से दृश्य काव्य का श्रव्य काव्य में तथा श्रव्य काव्य का दृश्य काव्य में रूपान्तरण -
श्रव्य से दृश्य में परिवर्तन ।
काव्य के भेद
धन्यवाद