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एक तिनका

अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध'

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अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध'

  • जन्म - 15 अप्रैल 1865
  • निधन - 16 मार्च 1947
  • उपनाम - हरिऔध
  • जन्म स्थान - निज़ामाबाद, आज़मगढ़, उत्तरप्रदेश, भारत
  • कुछ प्रमुख कृतियाँ - - - -

प्रिय प्रवास, वैदेही वनवास, रस कलश, प्रेमाम्बुप्रवाह, चौखे चौपदे, चुभते चौपदे, बाल-विभव, बाल-विलास, फूल पत्ते, चंद्र खिलौना, खेल-तमाशा, उपदेश-कुसुम, बाल-गीतावली, चाँद-सितारे, पद्य-प्रसून

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कठिन शब्दों के अर्थ

  • ऐंठा- अकड़ा
  • तिनका - सूखी घास का टुकड़ा
  • बेचैन- परेशान
  • दुखना - दर्द होना
  • मुँठ - मोड़कट गोल किया हुआ कपड़ा
  • दबे पाँव भागना - चुपके से निकल जाना
  • ढब- उपाय
  • मुंडेर- छत का किनारl

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  • मैं घमण्डों में भरा ऐंठा हुआ।

एक दिन जब था मुण्डेरे पर खड़ा ।

आ अचानक दूर से उड़ता हुआ ।

एक तिनका आँख में मेरी पड़ा ।।

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  • मैं झिझक उठा, हुआ बेचैन-सा ।

लाल होकर आँख भी दुखने लगी ।

मूँठ देने लोग कपड़े की लगे।

ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी ।।

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  • जब किसी ढब से निकल तिनका गया।

तब 'समझ' ने यों मुझे ताने दिए।

ऐंठता तू किसलिए इतना रहा ।

एक तिनका है बहुत तेरे लिए ।।

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पाठ का संदेश

  • 1.हमें अपनी शक्ति पर कभी घमंड नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे मनुष्य का पतन और नाश होता है.

2. हमें किसी भी प्राणी को छोटा नहीं समझना चाहिए. हर प्राणी का अपना महत्व होता है.

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  • धन्यवाद