संदेश लेखन
संदेश का क्या अर्थ है?
संदेश लिखने का प्रयोजन
संदेश लेखन के अंग
संदेश लिखने के तरीके
जब किसी व्यक्ति को उसके कार्यालय में कोई नया पद मिलता है तो हम शुभकामनाओं का संदेश देते हैं। हम विशेष रूप से उस व्यक्ति को शुभकामनाओं का संदेश देते हैं, जब किसी व्यक्ति का जन्मदिन हो या उसकी सालगिरह हो या उसे किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिले या उसे कुछ नया मिले जैसे किसी का नया घर बनाना। इन सारी शुभ कार्यों में हम उसे अपने द्वारा खुशी व्यक्त के रूप में शुभकामनाएं देते हैं।
2. त्योहार/पर्व/उत्सव/मेला के लिए संदेश –
हिंदू धर्म में इन सभी त्योहारों, उत्सव, पर्व, मेला का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म के त्योहारों, उत्सवों, पर्व, मेला के समय एक दूसरे को इन त्योहारों और उत्सवों का संदेश भेजते हैं। इन उत्सवों और त्यौहारों में आते हैं जैसे दीपावली, छठ, दुर्गा पूजा, होली, रामनवमी और भी बहुत तरह के त्योहारों और उत्सवों हैं, जो सभी हिंदू धर्म के लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।
3. शोक/दुखद संदेश –
दुखद और शोक का संदेश उस समय दिया जाता है, जब किसी परिवार में या किसी रिश्तेदार में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी हो या फिर किसी की पुण्यतिथि हो तो लोग अपने दुख को दूसरों के साथ साझा करने के लिए इस तरह के संदेश से का उपयोग करते हैं।
4. व्यक्तिगत संदेश –
व्यक्तिगत संदेशों को हमारे लोगों को किया जाता है। जैसे कि यदि हम किसी के अच्छे होने की कामना करते हैं, तो हम उन्हें एक व्यक्तिगत संदेश देते हैं या हमें किसी के घर जाना है या कोई आपके घर आना चाहता है तो ऐसे संदेश दिए जाते हैं या फिर अगर हम किसी परिवार में अनुपस्थित हैं, तो हमें ऐसे संदेश की आदत हो जाती है। जैसे किसी की शादी में जाने का संदेश।
5. सामाजिक या धार्मिक संदेश –
हम सामाजिक और धार्मिक संदेश का उपयोग तब करते हैं जब हमें किसी को धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम से संबंधित उद्देश्य के बारे में बताना होता है।�हम इस संदेश का उपयोग पर्यावरण दिवस पर संदेश देना, हिंदी दिवस पर संदेश देना, बाल दिवस, योग दिवस सैनिक दिवस, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और पेड़ पौधे लगाओ इन सभी शुभ अवसरों पर हम इस तरह की संदेशी का उपयोग करते हैं और यह सामाजिक संदेश हम सभी के लिए अति महत्वपूर्ण होते हैं।
6. मिश्रित संदेश –
मिश्रित संदेशे जिसमें आप के वर्तमान में चल रही महामारी से संबंधित संदेश होती है। जैसे कि अभी करोना महामारी से संबंधित संदेशों, मलेरिया से संबंधित संदेश या फिर देश भक्ति से संबंधित संदेश, प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित संदेश।�ऐसा महत्वपूर्ण संदेश जो हमें अपने प्रियजनों और अपने दोस्तों के साथ साझा करना चाहिए ताकि वह ऐसे संकटों से खुद को बचा सके।
संदेश लेखन का महत्व
संदेश लिखने के उद्देश्य –
संदेश लिखते समय ध्यान रखने योग्य बातें –
संदेश लेखन का प्रारूप –
उदाहरण
छोटी बहन के जन्मदिन पर एक शुभकामना संदेश लेखन।��दिनांक: 06/06/2022��समय: 12:04 pm��मेरी प्यारी बहन गुड़िया आपको इस जन्मदिन पर ढ़ेर सारी बधाई। आशा करता हूँ कि तुम सकुशल होगी। तुम हमेशा खुश रहो, स्वस्थ्य रहो यही मै हमेशा दुआ करता हूँ और मै भगवान से यह प्रार्थना करुँगा कि इस साल आपके जीवन की सारी परेशानी दूर हो जाए और आने वाली सभी परीक्षा मे आप खूब मेहनत करो और अच्छे नम्बर से उत्तीर्ण हो जाओं।��तुम्हारा भाई राहुल
शिक्षक दिवस के अवसर पर विज्ञान शिक्षक को एक संदेश लिखना।��“शिक्षक एक दिया के जैसा होते है, जो खुद जलकर दूसरो को रोशन कर देते हैं।”��दिनांक: 06/06/2021��समय: 01:00 pm��आदरणीय गुरु जी,��आशा करता हूँ कि आप सकुशल होंगे। आपके द्वारा मिली प्रोत्साहन और मोटिवेशन भरी शिक्षा के वजह से मै आज दसवीं कक्षा में विज्ञान के विषय में अच्छे अंकों से उतीर्ण हो गया हूँ, जिसके लिए मै आपका सदा आभारी रहूँगा।��मैं भगवान से यही प्रार्थना करता हूँ, कि आपके जैसा शिक्षक सभी विद्धार्थी को मिले, ताकि उनकी भी जीवन सँवर जाये। शिक्षक दिवस के अवसर पर मैं आपको तहे दिल से आपको ढेर सारी शुभकामनाएं। ��आपका छात्र��राहुल
जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण लीला के आयोजन का संदेश। ��“हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की।”��आप सभी को श्री कृष्ण के जन्माष्टामी की हार्दिक शुभकामनाये।��वृन्दावन क्षेत्र में श्री कृष्ण जन्माष्टामी के शुभ अवसर पर हमारे क्षेत्र वृन्दावन में एक कृष्ण लीला पर आधारित एक नाटक का आयोजन किया जा रहा है। अतः आप सभी वृन्दावन वासियों से अनुरोध हैं कि आप सभी सपरिवार अधिक से अधिक संख्या में आकर श्री कृष्ण लीला के आयोजन को सफल बनाये।��समय: 06:00 बजे��स्थान: वृन्दावन मैदान मेयर श्याम (वृन्दावन)
धन्यवाद