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संदेश लेखन

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संदेश का क्या अर्थ है?

  • संदेश शब्द की उत्पत्ति सबसे पहले संस्कृत भाषा में की गई थी। संदेश का अर्थ होता है कि कोई महत्वपूर्ण बात या फिर कोई उद्देश्य कही गई बात या लिखित भाषा में कोई सूचना या समाचार जो हमें किसी दूसरे को देना होता है, उस प्रक्रिया को हम संदेश कहते हैं।
  • �जब कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति के सामने नहीं होता है और उस व्यक्ति को उससे कोई बात या विचार या फिर कोई भावना जो उसे उस व्यक्ति को बताना होता है। वह जब उसे नहीं बता पाता है तो वह संदेश के माध्यम से किसी दूसरे व्यक्ति के द्वारा या फिर किसी संसाधन के द्वारा जो आजकल लोग ज्यादा ही उसे उपयोग करते हैं। जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, टि्वटर इस तरह के माध्यम से अपने बातों को दूसरे के सामने व्यक्त करने की प्रक्रिया संदेश कहलाती है।
  • संदेश का प्रयोग ना केवल एक व्यक्ति विशेष के लिए किया जाता है बल्कि यह समूह द्वारा भी उपयोग किया जाता है और संदेश लिखित भी हो सकता है और मौखिक भी हो सकता है।
  • आजकल तो संदेश इमेज के द्वारा भी दिया जाता है।संदेश सुखद भी हो सकता है और दुख वाला भी हो सकता है। संदेश किसी को बधाई देने वाला भी हो सकता है और संदेश विभिन्न प्रकार के होते हैं। आजकल संदेश भूतकाल, वर्तमान काल, भविष्य काल सभी के लिय भी लिखे जाते हैं।

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संदेश लिखने का प्रयोजन

  • संदेश लिखने के पीछे कई उद्देश्य हो सकते हैं। संदेश दो प्रकार के होते हैं औपचारिक संदेश है और अनौपचारिक संदेश। अनौपचारिक संदेश वैसा संदेश होता है, जो किसी अपने या दोस्तों को या फिर अपने प्रिय जनों को या फिर अपने रिश्तेदारों को या फिर आपकी किसी करीबी मित्र को लिखने के लिए हम अनौपचारिक संदेश का प्रयोग करते हैं।
  • औपचारिक संदेश हम ऑफिस में या फिर किसी कार्यालय में या फिर किसी अधिकारी को या फिर किसी विशिष्ट कार्य के लिए या सार्वजनिक रूप से दिए गए संदेश के लिए औपचारिक संदेश का उपयोग करते हैं।�यह संदेश स्कूलों में और कार्यालयों में, नेताओं के द्वारा, अभिनेताओं के द्वारा आम लोगों को प्रभावित करने के उद्देश्य से भी लिखा जाता है और औपचारिक संदेश को हम दूसरे भाषा में सार्वजनिक संदेश भी कह सकते हैं।

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संदेश लेखन के अंग

  • शीर्षक: संदेश लिखते वक्त सबसे पहले शीर्षक लिखा जाता है और शिक्षक के जरिए ही पता चलता है कि संदेश किस विषय पर लिखा जा रहा है। जैसे कि किसी की शादी की शुभकामना संदेश लिखते हैं तो शिर्षक के रूप में शादी पर शुभकामना संदेश लिखा जाता है।
  • दिनांक: संदेश में सबसे पहले शीर्षक लिखने के बाद दिनांक लिखा जाता है। दिनांक को इस प्रकार लिखा जाता है: 20 फरवरी 20XX
  • अभिवादन-अभिवादन संदेश के औपचारिक और अनौपचारिक में अंतर स्थापित कर पाता है। संदेश में संदेश जिस व्यक्ति को लिखा जाता है, उसके प्रति सम्मानीय भाव प्रकट करने के लिए आदरणीय, श्रद्धा पूर्वक, प्रिय मित्र जैसे अभिवादन का प्रयोग किया जाता है। संदेश में अभिवादन शब्दों का प्रयोग मुख्य भाग से बाय ओर लिखा जाता है।
  • मुख्य भाग- संदेश में सबसे महत्वपूर्ण भाग मुख्य भाग होता है। क्योंकि इसी भाग में संपूर्ण जानकारी लिखी होती है, जो बात प्रेक्षक बताना चाहता है, वह कम शब्दों में संपूर्ण बात को इसी भाग में बताने की कोशिश करता है। इस प्रकार यह मुख्य भाग महत्वपूर्ण जानकारी का वर्णन करता है।
  • प्रेक्षक-प्रेक्षक का अर्थ होता है, जो व्यक्ति संदेश लिख रहा है। संदेश लिखने के बाद अंत में दाएं ओर प्रेक्षक का नाम और हस्ताक्षर करना होता है, जिससे पता चलता है कि संदेश किसने लिखा है।

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संदेश लिखने के तरीके

  • संदेश को हम विभिन्न तरीकों से लिखते हैं।

  1. शुभकामनाओं/बधाइयों के लिए संदेश –

जब किसी व्यक्ति को उसके कार्यालय में कोई नया पद मिलता है तो हम शुभकामनाओं का संदेश देते हैं। हम विशेष रूप से उस व्यक्ति को शुभकामनाओं का संदेश देते हैं, जब किसी व्यक्ति का जन्मदिन हो या उसकी सालगिरह हो या उसे किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिले या उसे कुछ नया मिले जैसे किसी का नया घर बनाना। इन सारी शुभ कार्यों में हम उसे अपने द्वारा खुशी व्यक्त के रूप में शुभकामनाएं देते हैं।

2. त्योहार/पर्व/उत्सव/मेला के लिए संदेश –

हिंदू धर्म में इन सभी त्योहारों, उत्सव, पर्व, मेला का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म के त्योहारों, उत्सवों, पर्व, मेला के समय एक दूसरे को इन त्योहारों और उत्सवों का संदेश भेजते हैं। इन उत्सवों और त्यौहारों में आते हैं जैसे दीपावली, छठ, दुर्गा पूजा, होली, रामनवमी और भी बहुत तरह के त्योहारों और उत्सवों हैं, जो सभी हिंदू धर्म के लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।

3. शोक/दुखद संदेश –

दुखद और शोक का संदेश उस समय दिया जाता है, जब किसी परिवार में या किसी रिश्तेदार में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी हो या फिर किसी की पुण्यतिथि हो तो लोग अपने दुख को दूसरों के साथ साझा करने के लिए इस तरह के संदेश से का उपयोग करते हैं।

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4. व्यक्तिगत संदेश –

व्यक्तिगत संदेशों को हमारे लोगों को किया जाता है। जैसे कि यदि हम किसी के अच्छे होने की कामना करते हैं, तो हम उन्हें एक व्यक्तिगत संदेश देते हैं या हमें किसी के घर जाना है या कोई आपके घर आना चाहता है तो ऐसे संदेश दिए जाते हैं या फिर अगर हम किसी परिवार में अनुपस्थित हैं, तो हमें ऐसे संदेश की आदत हो जाती है। जैसे किसी की शादी में जाने का संदेश।

5. सामाजिक या धार्मिक संदेश –

हम सामाजिक और धार्मिक संदेश का उपयोग तब करते हैं जब हमें किसी को धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम से संबंधित उद्देश्य के बारे में बताना होता है।�हम इस संदेश का उपयोग पर्यावरण दिवस पर संदेश देना, हिंदी दिवस पर संदेश देना, बाल दिवस, योग दिवस सैनिक दिवस, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और पेड़ पौधे लगाओ इन सभी शुभ अवसरों पर हम इस तरह की संदेशी का उपयोग करते हैं और यह सामाजिक संदेश हम सभी के लिए अति महत्वपूर्ण होते हैं।

6. मिश्रित संदेश –

मिश्रित संदेशे जिसमें आप के वर्तमान में चल रही महामारी से संबंधित संदेश होती है। जैसे कि अभी करोना महामारी से संबंधित संदेशों, मलेरिया से संबंधित संदेश या फिर देश भक्ति से संबंधित संदेश, प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित संदेश।�ऐसा महत्वपूर्ण संदेश जो हमें अपने प्रियजनों और अपने दोस्तों के साथ साझा करना चाहिए ताकि वह ऐसे संकटों से खुद को बचा सके।

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संदेश लेखन का महत्व

  • संदेश के द्वारा हम समाज को आपस में एक दूसरे से जोड़ने का काम करता है।�संदेश के द्वारा हम अपनी भावनाओं को एक दूसरे से साझा करते हैं और एक दूसरे की भावना को समझते हैं।�संदेश लिखने का प्रचलन बहुत पुराना है। यहां तक कि पहले के समय में संदेश लिखने का प्रचलन बहुत ही ज्यादा प्रख्यात था, लेकिन अब संदेश पत्र पर लिखने के बजाय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रयोग किया जाता है। लेकिन, संदेश का महत्व आज भी उतना ही है, जितना पहले था।�संदेश किसी विचार, घटना, किसी तथ्य या फिर शुभकामना देने के उद्देश्य से लिखा जाता है। इस तरह मौखिक शब्दों की तुलना में लिखित शब्दों का बहुत ज्यादा महत्व रहता है, इस तरह संदेश का बहुत ही ज्यादा महत्व है।�संदेश अपनों को लिखा जाता है, प्रियजनों को लिखा जाता है, मित्रों को लिखा जाता है। ऐसे में संदेश लेखन हिंदी अपनों के बीच संबंध को मजबूत बनाता है।�समाज को जागरूक करने के लिए संदेश का महत्वपूर्ण भूमिका होती है।�कार्यालयों में काम करने वाले लोगों के लिए संदेश बहुत महत्वपूर्ण है ताकि कार्यालय में बदलाव को जाने के लिए संदेश उनके लिए बहुत उपयोगी हैं।�संदेशों का उपयोग आमंत्रणों के लिए भी किया जाता है।�किसी को जाने के लिए और समझने के लिए संदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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संदेश लिखने के उद्देश्य –

  • स्कूलों में छात्रों को संदेश लिखने की विधि समझाना।�कलात्मक और रचनात्मक और बहुत प्रकार की बौद्धिक विकास के लिए भी हम संदेश लेखन का प्रयोग करते हैं।�समाज को जागरूक करने के लिए भी हम संदेश लेखन का प्रयोग करते हैं।�लोगों तक महत्वपूर्ण बातों को पहुंचाने के लिए या व्यक्त करने के लिए भी हम संदेश लेखन का उपयोग करते हैं।

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संदेश लिखते समय ध्यान रखने योग्य बातें –

  • संदेश लेखन में हमें कई बातों का ध्यान रखना चाहिए:
  • संदेश लेखन सरल शब्दों में होना चाहिए।�संदेश लेखन को किसी भी काल में लिखा जा सकता है चाहे भूतकाल हो, वर्तमान काल हो या भविष्य काल हो।�संदेश विशेष विषय पर लिखी जाती है।�संदेश लेखन में केवल महत्वपूर्ण बातें ही लिखी जाती है।�संदेश लेखन यदि अनौपचारिक हो तो भाषा का उपयोग पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता, लेकिन अगर संदेश औपचारिक हो तो भाषा पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

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  • संदेश लेखन सबसे पहले एक बॉक्स गोले के अंदर लिखा जाना चाहिए।�संदेश की शुरुआत में संदेश अवश्य लिखना चाहिए और साथ ही साथ दिनांक और समय लिखना चाहिए।�संदेश में मुख्य विषय पर जितना प्रभावित शब्द हो, उसका उपयोग करना चाहिए।�संदेश लिखने में कम से कम शब्दों का उपयोग करना चाहिए। जैसे कि आपका संदेश 30 या 40 शब्दों से ज्यादा ना हो, इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।�संदेश लिखने में सरल और संक्षिप्त शब्दों का उपयोग करना चाहिए।�संदेश रचनात्मक और सृजनात्मक होना चाहिए।�संदेश में विषय के अनुसार रंगों का उपयोग किया जा सकता है।�संदेश में गलत बातों के उपयोग से बचना चाहिए।�संदेश में केवल विषय वस्तु पर भी ध्यान देना चाहिए।�यदि आपका संदेश औपचारिक है तो आप भाषा का उपयोग ध्यान से करें। क्योंकि औपचारिक संदेश में भाषा की दक्षता अति आवश्यक होती है।�यदि आपका संदेश अनौपचारिक है, तो आप किसी भी भाषा का उपयोग कर सकते हैं।�संदेश लिखने समय यदि आपको संदेश में किसी दोहे या शायरी, श्लोक की आवश्यकता पड़े तो ही आप इन सारी चीजों का उपयोग करें वरना इन सारी चीजों का उपयोग ना करें।�संदेश के अंत में बाई ओर भेजने वाले का नाम लिखते हैं।

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संदेश लेखन का प्रारूप –

  • औपचारिक :–

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  • अनौपचारिक :–

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उदाहरण

छोटी बहन के जन्मदिन पर एक शुभकामना संदेश लेखन।��दिनांक: 06/06/2022��समय: 12:04 pm��मेरी प्यारी बहन गुड़िया आपको इस जन्मदिन पर ढ़ेर सारी बधाई। आशा करता हूँ कि तुम सकुशल होगी। तुम हमेशा खुश रहो, स्वस्थ्य रहो यही मै हमेशा दुआ करता हूँ और मै भगवान से यह प्रार्थना करुँगा कि इस साल आपके जीवन की सारी परेशानी दूर हो जाए और आने वाली सभी परीक्षा मे आप खूब मेहनत करो और अच्छे नम्बर से उत्तीर्ण हो जाओं।��तुम्हारा भाई राहुल

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शिक्षक दिवस के अवसर पर विज्ञान शिक्षक को एक संदेश लिखना।��“शिक्षक एक दिया के जैसा होते है, जो खुद जलकर दूसरो को रोशन कर देते हैं।”��दिनांक: 06/06/2021��समय: 01:00 pm��आदरणीय गुरु जी,��आशा करता हूँ कि आप सकुशल होंगे। आपके द्वारा मिली प्रोत्साहन और मोटिवेशन भरी शिक्षा के वजह से मै आज दसवीं कक्षा में विज्ञान के विषय में अच्छे अंकों से उतीर्ण हो गया हूँ, जिसके लिए मै आपका सदा आभारी रहूँगा।��मैं भगवान से यही प्रार्थना करता हूँ, कि आपके जैसा शिक्षक सभी विद्धार्थी को मिले, ताकि उनकी भी जीवन सँवर जाये। शिक्षक दिवस के अवसर पर मैं आपको तहे दिल से आपको ढेर सारी शुभकामनाएं। ��आपका छात्र��राहुल

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जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण लीला के आयोजन का संदेश। ��“हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की।”��आप सभी को श्री कृष्ण के जन्माष्टामी की हार्दिक शुभकामनाये।��वृन्दावन क्षेत्र में श्री कृष्ण जन्माष्टामी के शुभ अवसर पर हमारे क्षेत्र वृन्दावन में एक कृष्ण लीला पर आधारित एक नाटक का आयोजन किया जा रहा है। अतः आप सभी वृन्दावन वासियों से अनुरोध हैं कि आप सभी सपरिवार अधिक से अधिक संख्या में आकर श्री कृष्ण लीला के आयोजन को सफल बनाये।��समय: 06:00 बजे��स्थान: वृन्दावन मैदान मेयर श्याम (वृन्दावन)

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धन्यवाद