आचार्य चरक ने अपने प्रसिद्ध ग्रन्थ चरक संहिता में रसायन के गुणों को कुछ यूं कहा है:
- दीर्घमायुः स्मृतिंमेधामारोग्यं तरुणं वयः| प्रभावर्णस्वरौदार्यं देहेंद्रियबलं परं
- वाक्सिद्धि प्रणतिं कान्तिं लभते ना रसायानात् | लाभोपायो हि शस्तानाम रसादीनां रसायनम् |
- ‘रसायन दीर्घ आयु प्रदान करने वाला, स्मरण शक्ति तथा धारण शक्ति (मेधा) को बढाने वाला, शरीर की कांति व वर्ण को निखारने वाला, वाणी को उदार बनाने वाला, शरीर व इन्द्रियों में सम्पूर्ण बल का संचार करने वाला होता है. इसके अतिरिक्त रसायन सेवन करने से वाक् सिद्धि (कहा गया सत्य होने वाला), नम्रता व शरीर में सुन्दरता, ये सभी गुण प्राप्त होते हैं.’
- अतः ऐसा औषध, आहार और विहार (दिनचर्या) जो वृद्धावस्था एवं रोगों को नष्ट करे, रसायन कहलाता है।
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