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लेखक परिचय (मधुकर उपाध्याय)

  • मधुकर उपाध्याय ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा अयोध्या से प्राप्त की । अवध विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक होने के बाद भारतीय जनसंचार संस्थान, नयी दिल्ली से उन्होंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया ।
  • इन्होंने दांडी मार्च की पुनरावृति की और ४०० किलोमीटर की पैदल यात्रा की । लोकमत समाचार के प्रधान संपादक के रूप में कार्य किया ।
  • रचनाएँ – पचास दिन, पचास साल तथा किस्सा पांडे सीताराम सुबेदार का ।

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‘दिये जल उठे’ पाठ का परिचय

  • ‘दिये जल उठे’ कहानी आजादी के लिए प्रयत्नशील भारत की महत्वपूर्ण घटना पर आधारित है । जब बल्लभभाई पटेल के आह्वान पर पूरा भारत दांडी कूच के लिए तैयार था ।
  • इस कूच को असफल बनाने के उद्देश्य से अंग्रेजों ने उन्हें तीन महीने कारावास में डाल दिया । महात्मा गांधी को इस तरह से पटेल की गिरफ्तारी अच्छी नहीं लगी और उन्होंने स्वयं इस का नेतृत्व किया ।

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  • यह यात्रा साबरमती आश्रम से शुरु हुई । महात्मा गांधी बोरसद से होते हुए रास गए और वहाँ जनता का आह्वान किया । वहाँ से वे कनकापुरा पँहुचे ।
  • इस दांडी कूच का उद्देश्य था लोगों के अंदर आजादी के लिए जोश पैदा करना, जनता को सत्याग्रह के लिए तैयार करना तथा ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वराज की माँग करना ।

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  • कनकापुरा से नदी आधी रात में पार करनी थी, क्योंकि रात में कीचड़ नीचे जमा हो जाता है और नदी पार करने में आसानी हो जाती है ।
  • आधी रात को इतना ज्यादा अँधेरा होता है कि गाँधीजी एवं अन्य आजादी के सिपाहियों को नदी पार करने में कठिनाई हो सकती थी ।

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  • नदी पार करने वाले सभी स्वाधीनता सेनानियों का उत्साह बढ़ाने के लिए नदी के तट पर हजारों लोग हाथों में दिये लेकर खड़े हो गए ताकि उन्हें कोई कठिनाई न हो ।
  • किसी भी कार्य को मिलजुलकर करते हैं तो सफलता अवश्य ही मिलती है । इस दांडी यात्रा में जनता ने स्वाधीनता सेनानियों को पूरा सहयोग दिया ।

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कहानी का संदेश

  • यह कहानी उस एकता का साक्ष्य है, जो आजादी के समय थी ।
  • भारत को गुलामी के बंधन से निकाल कर आजाद करना।
  • अंग्रेजों को भारत से खदेड़ना ही सभी लोगों का उद्देश्य था ।
  • आजादी पाने के लिए लोगों में जोश भरना ।

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शब्दार्थ –

  • निषेधाज्ञा – मनाही का आदेश
  • कबूल – स्वीकार
  • धारा – कानूनी नियम
  • सत्याग्रह – सत्य के लिए आग्रह
  • क्षुब्ध – अशांत या दुखी
  • कूच – अभियान के लिए रवाना होना
  • झलक - एक नजर देखना
  • संक्षिप्त – छोटी

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  • भर्त्सना – निंदा
  • पारित – पास करना
  • नजीर - उदाहरण
  • रियासतदार – रियासत का मालिक
  • प्रयाण – यात्रा
  • पुस्तैनी – पीढ़ियों से चला आ रहा
  • आधिपत्य – प्रभुत्व
  • तुच्छ – क्षुद्र
  • बयार – हवा

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धन्यवाद सहित

प्रस्तुतकर्ता -

डॉ. अजय कुमार यादव,

पीजीटी हिन्दी,

जवाहर नवोदय विद्यालय,

धारवाड़ (कर्नाटक)