1 of 9

बाज और साँप

2 of 9

समुद्र के किनारे ऊँचे पर्वत की अँधेरी गुफा में एक साँप रहता था। वह वहीं से शोर मचाती नदियों को देखता रहता था। समुद्र में उठती लहरें देखता था। और दूध जैसी सफेद झाग को देखकर वह खुश रहता था। वह सोचता था कि कोई उसे दुःख नहीं दे सकता। वह दुनिया की भागदौड़ से दूर एकांत में पड़ा रहता था।

3 of 9

एक दिन अचानक एक घायल बाज उसके गुफा के पास खून से लतपथ आ गिरा। वह अधमरा सा था। पहले तो साँप डर गया, किंतु जब यह पता चला कि वह घायल है। उसे हानि नहीं पहुँचा सकता तो बाज के पास आकर बोला- क्यों भाई, इतनी जल्दी मरने की तैयारी कर ली?

4 of 9

बाज ने कहा कि लगता है मेरा अंतिम समय आ गया है, लेकिन मुझे जिंदगी से कोई शिकायत नहीं है। हर पल को मैंने अच्छे से जिया है। दूर-दूर तक आकाश में उड़ान भरी है। लेकिन तुम्हारा दुर्भाग्य है कि तुम आकाश में उड़ने का आनंद नहीं ले पाओगे। साँप बोला- तुम्हारा आकाश तुम्हें ही मुबारक। मेरे लिए तो इससे आरामदायक जगह और कहीं नहीं है।

5 of 9

तभी बाज ने कहा कि काश! मैं सिर्फ एक बार आकाश में उड़ पाता। साँप ने कहा कि यदि स्वतंत्रता तुम्हें इतनी ही प्यारी है तो इस चट्टान के ऊपर से उड़ने की कोशिश क्यों नहीं करते? बाज ने ऐसा ही किया किंतु उसके पंखों में ताक़त नहीं थी और वह समुद्र की लहरों में गिर गया और धीरे धीरे आँखों से ओझल हो गया।

6 of 9

साँप किनारे पर बैठकर यह सब देख रहा था। उसने सोचा कि आखिर आकाश में ऐसा क्या है जिसके लिए बाज ने अपने प्राण तक गँवा दिया। उसने सोचा कि मैं भी एक बार आकाश में उड़कर देखता हूँ। लेकिन पहाड़ से छलाँग लगाने के बाद वह चट्टान पर आ गिरा। उसने कहा पक्षी लोग बेवजह ही आकाश में उड़ने का बखान करते हैं।

7 of 9

तभी साँप को कुछ संगीत सुनाई पड़ता है। साँप ने सुना, लहरें मधुर स्वर में गा रही हैं। हमारा यह गीत उन साहसी लोगों के लिए है जिन्हें अपने प्राणों की चिंता नहीं होती। ओ निडर बाज! शत्रुओं से लड़ते हुए तुमने अपना कीमती रक्त बहाया है। तुम्हारे खून की एक एक बूँद जिंदगी के अंधेरे में प्रकाश फैलाएगी।

8 of 9

तुमने अपना जीवन बलिदान कर दिया किंतु फिर भी तुम अमर हो। जब कभी साहस और वीरता के गीत गाए जाएँगे, तुम्हारा नाम बड़े गर्व से लिया जाएगा। हमारा गीत जिंदगी के उन दीवानों के लिए है जो मर कर भी मृत्यु से नहीं डरते।

9 of 9

गृहकार्य-

‘बाज और साँप’ कहानी का साराँश अपने शब्दों में लिखिए?

धन्यवाद।