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ल्हासा की ओर

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प्रस्तुति

  • राजेन्द्र सिंह शेखावत
  • प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (हिंदी)
  • के.वि.भा.नौसेना पोत,वालसुरा जामनगर
  • https://hindivalsura.blogspot.com/

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लेखक

उपनाम: केदारनाथ पाण्डेय

जन्म: ९ अप्रैल, १८९३ ग्राम पंदहा, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश, भारत

मृत्यु: १४ अप्रैल, १९६३ द दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल, भारत

महापंडित राहुल सांकृत्यायन

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राहुल सांकृत्यायन….

राहुल सांकृत्यायन जिन्हें महापंडित की उपाधि दी जाती है हिन्दी के एक प्रमुख साहित्यकार थे । वे एक प्रतिष्ठित बहुभाषाविद् थे और बीसवीं सदी के पूर्वार्ध में उन्होंने यात्रा वृतांत/यात्रा साहित्य तथा विश्व-दर्शन के क्षेत्र में साहित्यिक योगदान किए । वह हिंदी यात्रासहित्य के पितामह कहे जाते हैं। बौद्ध धर्म पर उनका शोध हिन्दी साहित्य में युगान्तरकारी माना जाता है, जिसके लिए उन्होंने तिब्बत से लेकर श्रीलंका तक भ्रमण किया था । इसके अलावा उन्होंने मध्य-एशिया तथा कॉकेशस भ्रमण पर भी यात्रा वृतांत लिखे जो साहित्यिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं ।

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���� पाठ का सार

'ल्हासा की ओर' पाठ एक यात्रा वृत्तांत है। इस पाठ में राहुल जी की प्रथम तिब्बत यात्रा का वर्णन किया गया है। इसे राहुल जी ने बड़ी ही रोचक शैली में लिखा है। लेखक ने उस समय के तिब्बत के जन-जीवन, संस्कृति और लोगों का बहुत ही सुंदर वर्णन किया है। लेखक के द्वारा यह यात्रा नेपाल के रास्ते से की गई थी। उस समय भारतीयों को तिब्ब्त में जाने की आज्ञा नहीं थी।

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लेखक ने तिब्ब्त की यात्रा करने का मन बनाया और भिखारी-वेश में अपनी यात्रा को पूरा किया। यह यात्रा उन्होंने 1929-30 में की थी। यह यात्रा तिब्बत को नज़दीक से जानने का अवसर देती है। अपने लेखन के साथ न्याय करते हुए उन्होंने इस वृत्तांत में हर छोटे और बड़े सभी तथ्यों का समावेश किया है। तथ्यों का ये ताना-बाना कहानी की रोचकता को बनाए रखता है।

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नकशा - काठमांडू से ल्हासा

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तिब्बत

तिब्बत (Tibet) एशिया में एक क्षेत्र है जिसकी भूमि मुख्यतः उच्च पठारी है। इसके प्रायः सम्पूर्ण भाग पर चीनी जनवादी गणराज्य का शासन है जबकि तिब्बत सदियों से एक पृथक देश के रूप में रहा है। यहां के लोगों का धर्म बौद्ध है तथा इनकी भाषा तिब्बती। चीन द्वारा तिब्बत पर चढ़ाई के समय (1955) वहां के दलाई लामा ने भारत में आकर शरण लिया जो अब तक भारत में सुरक्षित हैं।

32 अंश 30मिनट उत्तर अक्षांश तथा 86 अंश शून्य मिनट पूर्वी देशान्तर। तिब्बत मध्य एशिया की उच्च पर्वत श्रेंणियों के मध्य कुनलुन एवं हिमालय के मध्य स्थित है। इसकी ऊँचाई 16,000 फुट तक है। यहाँ का क्षेत्रफल47000 वर्ग मील तथा अनुमानित जनसंख्या 1273,9 उ 69, (1953) है। तिब्बत का पठार पूर्व में शीकांग (Sikang) से, पशिचम में कश्मीर से दक्षिण में हिमालय पर्वत से तथा उत्तर में कुनलुन पर्वत से घिरा हुआ है।

यह पठार पूर्वी एशिया की बृहत्तर नदियों हांगहों, मेकांग आदि का उद्गम स्थल है, जो पूर्वी क्षेत्र से निकलती हैं। पूर्वी क्षेत्र में कुछ वर्षा होती है एवं 1200फुट की ऊँचाई तक वन पाए जाते है।

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छवियाँ

नेपाल

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तिब्बत

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आप के लिए प्रश्न?

  • अपनी यात्रा के दौरान लेखक को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा ?
  • पाठ के अनुसार बताओ कि उस समय का तिब्बत कैसा था?
  • लेखक ने तिब्बति चाय कि क्या विशेषता बताई ?
  • लेखक ने तिब्बत कि धूप के विषय में क्या बताया है ?
  • कंजूर क्या है ? टिपण्णी कीजिए |
  • लेखक ने डाकुओं के लिया सबसे अच्छी जगह किसे बताया है ?