लाख की चूड़ियाँ
�प्रस्तुति
उद्देश्य
प्रस्तावना
(१) पिछली कक्षा मे आपने हिन्दी की कौन-कौन सी पाठ्य पुस्तकें पढ़ी थीं ?
(२) दुर्योधन ने पुरोचन की मदद से पांडवों के लिए कैसा घर बनवाया था ?
(३) आज के समय में लाख से कौन-कौन-सी चीजें बनाई जाती हैं ?
कथन - आज हम लाख की चूड़ियाँ और इन्हें बनाने वाले हस्तशिल्पकारों के जीवन की कठिनाइयों की जानकारी प्राप्त करेंगे । साथ ही ग्रामीण जीवन की सरसता और रीति-रिवाजों की मधुरता का आनंद उठाएंगे ।
पाठ – लाख की चूड़ियाँ�लेखक – कामतानाथ�
लेखक बचपन मे बहुधा हर गर्मी की छुट्टी में अपने मामा के घर जाता था । उस गाँव में उसे बदलू सबसे अच्छा लगता था क्योंकि वह उसे लाख की सुंदर-सुंदर गोलियाँ बनाकर देता और खाने को मलाई , आम आदि देता । बदलू मनिहार था । लाख की चूड़ियाँ बनाना व बेचना उसका पैतृक पेशा था । लेखक ने बदलू काका के जीवन के माध्यम से प्राचीन परम्पराओं , आधुनिक काल की परिवर्तित मानसिकता तथा मशीनी युग आने से उत्पन्न समस्याओं का सूक्ष्म चित्रण किया है ।
(२) प्रश्नोत्तर
(३) गतिविधि
अपरिचित शब्द
बोधात्मक प्रश्न
गाँव की बोली के शब्द
देशज शब्द - गाँव की बोली के जो शब्द हिन्दी भाषा में प्रयोग में लाये जाते हैं, व्याकरण की दृष्टि से वे शब्द देशज शब्द कहलाते हैं ।
स्पष्टीकरण / सार कथन
गतिविधि
(१) ग्रीष्मावकाश के दौरान बदली हुई दिनचर्या का विवरण ।
(२) सीखी हुई किसी वस्तु-निर्माण की विधि का वर्णन ।
गृहकार्य
धन्यवाद