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    • पाठ योजना •

लाख की चूड़ियाँ

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�प्रस्तुति

  • राजेन्द्र सिंह शेखावत
  • प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (हिंदी)
  • के.वि.भा.नौसेना पोत,वालसुरा जामनगर

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उद्देश्य

  • सामान्य उद्देश्य – शुद्ध उच्चारण, शुद्ध लेखन, शब्द भंडार में वृद्धि, भाषा शैली का ज्ञान, तर्क तथा कल्पनाशक्ति का विकास, भावानुरूप पढ़ने, मौलिक एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति की क्षमता में वृद्धि ।
  • विशिष्ट उद्देश्य – हस्तशिल्पकारों के जीवन की समस्याओं से अवगत कराना, सामाजिक-आर्थिक समस्याओं के प्रति जागरूकता तथा संवेदनशीलता का विकास, ग्रामीण जीवन की सरसता से परिचित कराना, संप्रेषण क्षमता में वृद्धि, कारीगरी सीखने तथा करने हेतु प्रेरित करना, कभी हार न मानने की सीख ।

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प्रस्तावना

(१) पिछली कक्षा मे आपने हिन्दी की कौन-कौन सी पाठ्य पुस्तकें पढ़ी थीं ?

(२) दुर्योधन ने पुरोचन की मदद से पांडवों के लिए कैसा घर बनवाया था ?

(३) आज के समय में लाख से कौन-कौन-सी चीजें बनाई जाती हैं ?

कथन - आज हम लाख की चूड़ियाँ और इन्हें बनाने वाले हस्तशिल्पकारों के जीवन की कठिनाइयों की जानकारी प्राप्त करेंगे । साथ ही ग्रामीण जीवन की सरसता और रीति-रिवाजों की मधुरता का आनंद उठाएंगे ।

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पाठ – लाख की चूड़ियाँलेखक – कामतानाथ

  • पाठ का सार

लेखक बचपन मे बहुधा हर गर्मी की छुट्टी में अपने मामा के घर जाता था । उस गाँव में उसे बदलू सबसे अच्छा लगता था क्योंकि वह उसे लाख की सुंदर-सुंदर गोलियाँ बनाकर देता और खाने को मलाई , आम आदि देता । बदलू मनिहार था । लाख की चूड़ियाँ बनाना व बेचना उसका पैतृक पेशा था । लेखक ने बदलू काका के जीवन के माध्यम से प्राचीन परम्पराओं , आधुनिक काल की परिवर्तित मानसिकता तथा मशीनी युग आने से उत्पन्न समस्याओं का सूक्ष्म चित्रण किया है ।

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  • आदर्श पाठ – अध्यापिका द्वारा ।
  • अनुकरण पाठ – विद्यार्थियों द्वारा ।
  • मौन पाठ - विद्यार्थियों द्वारा ।

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  • अतिरिक्त सूचना – औद्योगीकरण तथा शहरीकरण के फलस्वरूप होने वाले सामाजिक , आर्थिक व सांस्कृतिक बदलाव तथा हस्तशिल्पकारों के जीवन की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा । देशज शब्दों की जानकारी दी जाएगी ।

 

  • शिक्षण सामग्री / अतिरिक्त सूचना के स्रोत – लाख, लाख की चूड़ियाँ, काँच की चूड़ियाँ , व्याकरण तथा सामाजिक अध्ययन की पुस्तकें, इन्टरनेट, समाचार पत्र, पत्रिकाएँ, दूरदर्शन, पी॰पी॰टी॰ ।

 

  • शिक्षण विधि – (१) ज्ञात से अज्ञात की ओर

(२) प्रश्नोत्तर

(३) गतिविधि

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अपरिचित शब्द

  • सहन – मकान के सामने खुला छोड़ा हुआ भाग
  • सलाख – सलाई , धातु की छड़
  • मुँगेरी – बेलन के आकार की लकड़ी जो ठोकने- पीटने के काम आती है
  • मचिया – रस्सी से बुनी छोटी चौकोर चौकी
  • लला – लड़के के लिए प्यार का शब्द
  • पैतृक पेशा – पूर्वजों या पिता से प्राप्त व्यवसाय
  • वस्तु विनियम – वस्तुओं की अदल-बदल

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बोधात्मक प्रश्न

  • (१) लेखक को अपने मामा के गाँव में सबसे अच्छा आदमी कौन लगता था ?
  • (२) लेखक को बदलू क्यों अच्छा लगता था ?
  • (३) लेखक बदलू को ‘मामा’ न कह कर ‘काका’ क्यों कहता था ?
  • (४) बदलू लाख की चूड़ियाँ किस प्रकार बनाता था ?
  • (५) गाँव में लेखक दोपहर का समय कहाँ बिताता था ?
  • (६) बदलू लेखक को क्या कह कर बुलाता था ?
  • (७) आपके शहर में लड़के लड़कियों को क्या कहकर बुलाते हैं ?
  • (८) बदलू ने चूड़ियाँ बनाना किससे सीखा ?
  • (९) लोहे की चीज़ बनाने वाले को लुहार कहते हैं । इसी प्रकार चूड़ी बनाने वाले को क्या कहते हैं ?
  • (१०)यदि आपको बाज़ार से कोई वस्तु खरीदनी हो तो आप क्या तरीका इस्तेमाल करते हैं ?
  • (११)बदलू किस तरह के लोगों को अपनी चूड़ियाँ बेचता था ?
  • (१२)विवाह के अवसर पर बदलू को सुहाग की चूड़ियों के बदले में क्या-क्या सामान मिलता था ?
  • (१३)बदलू को काँच की चूड़ियों से चिढ़ क्यों थी ?
  • (१४)बदलू और लेखक के बीच शहरी जीवन को लेकर क्या बातचीत हुई ?
  • (१५)पाठ से गाँव की बोली के शब्दों को छाँटिए ।

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गाँव की बोली के शब्द

  • लला
  • काका
  • मचिया
  • मनिहार

देशज शब्द - गाँव की बोली के जो शब्द हिन्दी भाषा में प्रयोग में लाये जाते हैं, व्याकरण की दृष्टि से वे शब्द देशज शब्द कहलाते हैं ।

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स्पष्टीकरण / सार कथन

  • मशीन और तकनीकी विकास से पहले लोग हाथ से वस्तुओं का निर्माण करते थे जिसे वह जरूरत की वस्तु के बदले में बेच देते थे । मशीन और तकनीकी विकास के बाद हस्तशिल्पकारों का मान-सम्मान व रोजगार घटने लगा । हमारे रीति-रिवाज, गाँव के आपसी सम्बन्धों की मिठास, विशेष अवसरों पर रूँठना-मनाना, सामाजिक अनुशासन आदि सब धीरे-धीरे खत्म होने लगा । रोजगार पाने के लिए लोग शहर जाने लगे । शहर का बेरोक-टोक जीवन लोगों को पसंद आने लगा ।

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गतिविधि

  • व्यक्तिगत गतिविधि – अनुभव कथन

(१) ग्रीष्मावकाश के दौरान बदली हुई दिनचर्या का विवरण ।

(२) सीखी हुई किसी वस्तु-निर्माण की विधि का वर्णन ।

  • सामूहिक गतिविधि – वार्तालाप (लेखक तथा बदलू का संवाद)
  • मूल्यांकन बिन्दु – आत्मविश्वास, हाव-भाव, भाषा, तारतम्यता, स्पष्टता ।

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गृहकार्य

  • घर में मेहमान के आने पर आप उसका अतिथि सत्कार कैसे करेंगे ?
  • प्रश्न मंच हेतु बहुविकल्पीय प्रश्नों का निर्माण कीजिए ।
  • इस कहानी का नाटक में रचनांतरण कीजिए ।

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धन्यवाद