JEEVAK AYURVEDIC MEDICAL COLLEGE AND RESEARCH CENTRE�Kamlapur, Akauni Chandauli, UP
Department of Rachana Sharir
Topic: Asthi Sharir and radius Bone
Guided by: Prepared By:
Dr. Amit Kumar Singh Sudheer Kumar Gupta
(Associate Professor) Roll No. 48
DR. Varsha Gupta BAMS 1st Prof
(Assistant Professor) Batch 2023-24
Index
अस्थि शारीर
मानव शरीर का आधारभूत ढाँचा अस्थियों से बना है। शरीर की स्थिरता, आकार आदि का मूल कारण
अस्थियाँ है।
व्युत्पत्ति एवं निरुक्ति
"अस्यते क्षीप्यते इति अस्थि।“
जिसे प्रवाहित किया जाय वह अस्ति हैं ।
त्वचा मांस आदि सब रचनाएँ नष्ट होने पर भी अस्थियों नष्ट नहीं होती; क्योंकि वे देह का सार होती है।
अस्थि = अस्यते+अस्+कथिन्
अस्थि की परिभाषा
"स्थिर, कठिन तथा शरीर के अंग-प्रत्यंगों को आकार तथा आधार प्रदान करने वाली रचना को अस्थि कहते हैं।”
“अस्यते इति अस्थिः।“
धारण किये हुए रहता है।
किकसं कुल्यं अस्थि च ।
रसाद्रक्तं ततो मासं मांसान्मेदस्ततोऽस्थिच।
अस्थ्नो मज्जा ततः शुक्रंशुक्राद्गर्भः प्रसादजः ॥ च०चि० 15/16
अस्थि शारीर
धारणात् धातवः ।� रसासृङ्मांसमेदोऽस्थिमज्जाशुक्राणि धातवः । (अ.सं.सू. 1/31)
�शरीर को धारण करना धातुओं का कार्य है। शरीर में रस, असृक्, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्र-यह सात धातुयें होती हैं।
मेदो यत् स्वाग्निना पक्वं वायुना याति शोषितम्। तदस्थि संजा लभते स सारः सर्वविग्रहे।॥
(भा०पूर्व०)
अस्थि संस्थान (Skeletal system)
क्र .सं. | षडग अस्थि | चरक | सुश्रुत | आधुनिक |
1 | शाखाओ में | 128 | 120 | 120 |
2 | मध्य शरीर | 140 | 117 | 50 |
3 | ग्रीवा के ऊपर | 92 | 63 | 36 |
कुल योग | | 360 | 300 | 206 |
अस्थियों की पंचभौतिक रचना
"महाभूतानां खं वायुरनिरापः क्षितिस्तथा ।" (च.शा. १/२७)
अस्थिपृथिव्यनिलात्मक् । (चक्रपाणि)
अस्थियों के प्रकार
दीर्घ अस्थि (Long bones)
महर्षि सुश्रुत ने इन्हें नलकास्थि नाम दिया है।
लघु अस्थि (Short bones)
और आवश्यकता होने पर अल्प गति भी प्राप्त होती है।
चपटी अस्थि (Flat bones)
विषमास्थि (Irregular bones)
आयुर्वेद में इन्हीं अस्थियों को वलय अस्थि कहा जाता हैं।
“एतानि पञ्चविधानि भवन्ति; तद्यथा-कपाल रुचक तरुण-वलय-नलक-संज्ञानि”। (सु.शा. 5/20)
अस्थियों के प्रकार (Types of Bones)
ये अस्थियाँ पाँच प्रकार की होती हैं:
1. कपालास्थियाँ,
2. रुचकास्थियाँ,
3. तरुणास्थियाँ,
4. वलयास्थियाँ
5. नलकास्थियाँ।
कपालास्थि (Flat bones)
रुचकास्थि दाँतों (Teeth) को कहा गया है।
तरुणास्थि
वलयास्थि (Irregular Bones)-
विशेष रूप से इनमे लंबी अस्थियों की गणना की गई हैं जैसे: हाथ पाव की अस्थीया प्रगंड अस्थी(humerus), ऊर्ध्व अस्थि(femur)
लंबी और अंदर से नालीदार होने से इन्हे नलिकास्थि कहते हैं।
नलकास्थि (Long bones)
Radius Bone � The radius is a long bone in the forearm that helps you move your wrist and arm. �It's located on the thumb side of the forearm
The radius supports many muscles, tendons, ligaments, and blood vessels.
Side determination of Radius
Head
Neck
Tuberosity
Attachment
Interosseous Border
Anterior Border
Posterior Border
Surfaces: Anterior surface, Posterior Surface, lateral surface
Anterior Surface :
Posterior Surface
Lateral surface
Lower end
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Reference