BLESSINGS
ॐ ह्रीं अर्हम् नमः
श्रीसद्गुरुभ्यो नमः
ॐ ऐं नमः
SHREE MATI GYANAY NAMAH
SHREE SHRUT GYANAY NAMAH
SHREE AVADHI GYANAY NAMAH
SHREE MANAH - PARYAV GYANAY NAMAH
SHREE KEVAL GYANAY NAMAH
5 GYAN
Learn & Turn Jainism Part -2 Lesson No. 28
7th Vrat : (A) Bhog – Upbhod Pariman Vrat
Inspired by:
Yugpradhan Acharyatulya P.P. Panyas Shree Chandrashekar Vijayji M.S.
P.P. Panyas Shree Yashobhushan Vijayji M.S.
P.P. Panyas Shree Manobhushan Vijayji M.S.
Learn & Turn Jainism Part -2 Lesson No. 28
सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
जो वस्तु एक बार ही काम में आती हो वह उपभोग है, जैसे- भोजन, जल आदि। जो वस्तु बार-बार काम में ली जा सकती है, वह परिभोग है, जैसे- भवन, वस्त्र, स्त्री, शय्या आदि। इन सबका परिमाण करना दूसरा गुणव्रत है।
पाँचवें व्रत में परिग्रह के सम्बन्ध में परिमाण करके इच्छा तृष्णा को सीमित किया गया है। इस सातवे व्रत में उपभोग परिभोग की मर्यादा रखते हुए, अपनी आवश्यकताओं को अधिक कम करना है,
१४ नियम - भोगोपभोग की सीमा करने के लिए १४ नियम प्रतिदिन ग्रहण करने का विधान है।
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
सचित्त
(१) सचित्त - जिस वस्तु में जीव मौजुद है फल, सब्जी, सचित्त जल आदि।
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
द्रव्य
(२) द्रव्य - जो वस्तु खाई जाती है, उसे द्रव्य कहते हैं। जैसे-रोटी खिचड़ी, लड्डू आदि।
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
विगय
(३) विगय - दूध, दही, घी, तेल, गुड़ और मिठाई ये छह विगय हैं।
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
उपानह
(४) उपानह - पाँव में पहनने के जूते, चप्पल आदि।
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
तांबूल
(५) तांबूल - पान, सुपारी, इलायची, लवंग आदि।
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
वस्त्र
(६) वस्त्र - रेशमी, ऊनी, सूती, धोती, साड़ी, पेन्ट शर्ट, आदि ।
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
पुष्प
(७) पुष्प - अनेक जाति के पुष्प सूंघना, माला आदि धारण करने में काम आते हैं।
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
वाहन
(८) वाहन - मोटरसाइकिल, कार, लिफ्ट, रिक्षा, बस, गाड़ी, आदि।
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
शयन
(९) शयन - पलंग, गद्दी, चटाई, सोफा आदि।
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
विलेपन
(१०) विलेपन - सुगंधित प्रसाधन चन्दन, इतर, क्रीम, लोशन आदि । -
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
ब्रह्मचर्य
(११) ब्रह्मचर्य - स्व-पत्नी के साथ भी अब्रह्मचर्य की मर्यादा करना।
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
दिक् परिमाण
(१२) दिक् परिमाण - इसका वर्णन छठे व्रत में किया जा चुका है।
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
स्नान
(१३) स्नान - स्नान के लिए पानी का परिमाण, है नदी-सरोवर आदि में तैरने की मर्यादा
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
भात
(१४) भात - पका हुआ अन्न या मिष्ठान्न आदि का वजन या गिनती का प्रमाण करना, जैसे दो रोटी, एक सब्जी से ज्यादा नहीं खाना
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सातवा व्रत (अ) - भोग उपभोग परिमाण व्रत १४ नियम
प्रातःकाल तथा सायंकाल इनका चिन्तन करके प्रत्येक दिन की मर्यादा रखना चाहिए।
इस सातवे व्रत में बाईस प्रकार के अभक्ष्यों का त्याग किया जाता है। जिनमें भोजन से सम्बन्धित पाँच अतिचार ये हैं-
(१) सचित्त - कंद-मूल आदि का त्याग पहले किया हो उनको अनजानपने में भोगने से यह अतिचार लगता है अथवा जिन वस्तुओं में त्रस जीवों का वध होता हो वे,
(२) सचित्त सम्बन्धित - जिसमें सचित्त वस्तु का सम्बन्ध जुड़ा हो, जैसे खजूर, आम आदि पके फलों में गुठली आदि होने से वे सचित्त सम्बन्धित हैं।
(३) अपक्च आहार - अग्नि संस्कार के बिना किया कच्चा आहार
(४) दुष्पक्व - जो वनस्पति आदि आधी पकी आधी कच्ची हो
(५) तुच्छ आहार - ऐसी वनस्पति या फल जिसमें खाने का भाग कम हो, फैंकने का अधिक हो, जैसे सीताफल आदि भोजन सम्बन्धी ये पाँच अतिचार से श्रावक को बचना हैं।