समयसार - QUIZ No. 1
विषय : कलश १, २ और  ३ - अमृतचंद्राचार्य , गाथा १ और २ - कुन्दकुन्दाचार्य  

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समयसार अध्ययन वर्ष
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समयसार परमागम - GENERAL
१. समयसार परमागम की रचना किसने की है ? *
1 point
२. आत्मख्याति क्या है ? *
1 point
३. पं. राजमलजीने क्या लिखा है ? *
1 point
४. हम जो समयसार का स्वाध्याय कर रहे है उसमे जो "भावार्थ" लिखा है वह किसने लिखा है ? *
1 point
५. समयसार का दूसरा नाम क्या है ?   *
1 point
६. समयसार में कुल कितने अधिकार है ? किस अधिकार में सबसे ज्यादा गाथाए है ? किस अधिकार में सबसे कम गाथाए है ? *
1 point
कलश १
७. आचार्य अमृतचन्द्रने कलश १ में किसे नमस्कार किया है ? *
1 point
८. "चित्स्वभावाय" पद क्या दर्शाता है ? *
1 point
९. "सर्वभावान्तरच्छिदे" पद द्वारा क्या प्रतिपादित होता है ? *
1 point
१०. विश्व में जीव/आत्मा नामका कोई पदार्थ नहीं है ऐसा मानने वाले नास्तिकमत का खंडन किस पद से होता है ? *
1 point
११. जीव ( मुझे ) जानने के लिए कोई पर पदार्थ की और अन्य के ज्ञान की अपेक्षा नहीं है - यह कौनसे पद से सिद्ध होता है ? *
1 point
१२. "स्वानुभूत्या चकासते" पद से फलित होता है की देव-शास्त्र-गुरु से आत्मा जानने में नहीं आएगा. आत्मा अपने से ही जानने में आता है. क्या यह कथन सत्य है ? *
1 point
कलश २
१३. कलश २ में आचार्य अमृतचन्द्रने आशीर्वचनरूप नमस्कार किसे किया है ? *
1 point
१४. सरस्वती की मूर्ति का यथार्थ लक्षण क्या है ? *
1 point
१५. वचनरूप सरस्वती की मूर्ति कौनसी है ? *
1 point
१६. आत्मा के अनंत गुण / धर्म कैसे है ? *
1 point
१७. सब आत्मा में चेतनत्व है और वह प्रदेश भेद से समान है. क्या यह कथन सत्य है ? *
1 point
कलश ३
१८. आत्मख्याति टीका करने का फल आचार्य अमृतचन्द्र क्या चाहते है ?   *
1 point
१९. "शुद्धचिन्मात्रमूर्ते" पद से आचार्य क्या कहना चाहते है ? *
1 point
२०. अभी मेरी वर्तमान पर्याय शुद्ध ही है - क्या आचार्य श्री ऐसा मानते है ? *
1 point
२१. भावलिंगी मुनिराज की किस प्रकार की अशुद्धता हो सकती है ?   *
1 point
२२. कलश ३ में से क्या बोध लेना चाहिए ?   *
1 point
गाथा १
२३. "समय प्राभृत" - द्वादशांग के कौनसे पूर्व में आता है ? *
1 point
२४. शुभाशुभ रागप्रवृत्ति से हटकर अंतरंग में लीन होना - वह कैसी स्तुति है ? *
1 point
२५. एक बार मोक्ष होने के बाद जीव फिर से संसार में नहीं आता - यह कौन से पद से सिद्ध होता है ? *
1 point
२६. सिद्ध दशा किस प्रकार से ध्रुव है ? *
1 point
२७. सिद्ध परमात्मा और मुझमें ध्रुवत्व समान किस अपेक्षा से है ? *
1 point
२८. गणधरदेव और अर्हन्त परमात्मा कोई अपेक्षा से समान कह सकते है क्या ? *
1 point
२९. क्या समयसार प्रमाणित ग्रन्थ है ? *
1 point
गाथा २
३०. "समय" - जीव में क्या होता है ? *
1 point
३१. जीव में अनंत गुण है - वह कैसे है ? *
1 point
३२. "जीव परिणमनशील है" - यह कैसे लक्षण से फलित होता है ? *
1 point
३३. जीव में अपने और पर द्रव्यों के आकारों को प्रकाशित करने की सामर्थ्य है - यह लक्षण से क्या सिद्ध होता है ? *
1 point
३४. जो क्रोधादि परिणामों में लीन होता है - वह कैसा है ? *
1 point
३५. द्रव्यदृष्टि , जो त्रिकाली द्रव्य स्वभाव / आत्मस्वभाव को ही मुख्य करता है और उसमें ही लीन रहता है  - वह कैसा है ? *
1 point
जय जिनेन्द्र. आपने नई नोटबुक और डायरी में समयसार गाथा १ और २ लिखा ? हर क़्विज में जो गाथाए आएगी वह लिखने से संपूर्ण समयसार अपने स्व-हस्ताक्षर में लिखा जायेगा और वह आपकी यादरूप बनेगा इस भावना से हमने गाथा लिखने का नक्की किया है. आपको अनुकूलता हो तो जरूर लिखे और दिन में गाथा को २-४ बार बोले.
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