साइबर अपराध जागरूकता पर प्रशिक्षण
प्रतिभागी अवधि लगभग : 15- 30 मिनट।

साइबर अपराध जागरूकता पर यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना, उत्तर प्रदेश सरकार (मिशन शक्ति - 2020 के अंतर्गत) एवं CollCom के सहयोग से किया जा रहा है |

महत्वपूर्ण निर्देश

1. प्रत्येक प्रतिभागी से अनुरोध है कि कृपया सभी जानकारी को ध्यान से पढ़ें और बेहतर समझ के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखे और फिर निम्नलिखित सवालों के जवाब दे ।

2. निर्देशित प्रश्नोतरी को पूरा करने के लिए अपना खुद का समय लें। इस प्रश्नोतरी को पूरा करने के लिए कोई भी समय प्रतिबंध या सीमा नहीं है। आप इसे अपने समय के अनुसार कई चरणों में पूरा कर सकते है |

3. कृपया अपनी वैध ईमेल आईडी सावधानी से लिखें। ई-सर्टिफिकेट आपके अंकतालिका के साथ केवल आपके वैध पंजीकृत ईमेल आईडी पर ही भेजा जाएगा।
Email *
प्रतिभागी के बारे में संक्षिप्त परिचय
Full Name *
कृपया अपना पूरा नाम सही से लिखें, यह नाम आपके प्रमाणपत्र पर मुद्रित (प्रिंट) किया जाएगा।
आयु *
लिंग *
मोबाइल नंबर
(ऐच्छिक)
अध्ययन या कार्य *
विद्यालय / स्कूल / कार्यस्थल *
शहर *
राज्य *
आपको इस प्रश्नोतरी के बारे में कैसे पता चला? *
क्या आपने अभी तक साइबर अपराध जागरूकता पर किसी भी वेबिनार में भाग लिया है? *
क्या आप साइबर अपराध और सुरक्षा के उपाय बारे में जानते है ? *
कृपया उस व्यक्ति का पूरा नाम लिखें जिसने इस प्रशिक्षण को आपके पास भेजा है *
अगर आप उनका नाम नहीं जानते हैं, तो "CollCom" लिखें
आइये साइबर अपराध के बारे में समझते हैं
साइबरस्पेस एक डिजिटल या ऑनलाइन दुनिया है, जो संगणक (कंप्यूटर) और मोबाइल संजाल (नेटवर्क) से जुड़ी है।

1. साइबर अपराध ऐसे अपराध होते है जो कंप्यूटर, इंटरनेट, या मोबाइल टेक्नोलॉजी का उपयोग करके व्यक्तियों, कंपनियों या संस्थानों के प्रति किये जाते है ।

2. साइबर अपराधी सोशल नेटवर्किंग साइटों, ईमेल चैट रूम, नकली सॉफ्टवेयर वेबसाइटों इत्यादि जैसे प्लेटफार्म का उपयोग पीड़ितों पर हमला करने के लिए करते है ।

3. इसमें गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है , ऑनलाइन बैंक खातों से पैसे चोरी करने से लेकर, अवैध रूप से व्यक्तिगत दस्तावेजों को चोरी करना जैसे कई ऐसे अपराध शामिल है |

4. हम आपको बताना चाहते है की साइबर अपराधी हमेशा आर्थिक रूप से प्रेरित नहीं होते हैं, बल्कि साइबर अपराधों में गैर-मौद्रिक अपराध भी शामिल हैं, जैसे

i. नौकरी से संबंधित धोखाधड़ी

ii. वैवाहिक धोखाधड़ी

iii. संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी की चोरी और दुरुपयोग करना (आधार विवरण, क्रेडिट / डेबिट कार्ड विवरण, बैंक खाता गोपनीय, आदि)

iv. सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की मानहानि

v. संगणक (कंप्यूटर) वायरस आदि का वितरण।


5. दूसरी तरफ साइबर अपराध से शारीरिक या यौन शोषण भी हो सकता है।

6. साइबर अपराधी हमारी प्रतिष्ठा को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

7. भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन कार्यवाई दल (CERT-IN), के अनुसार वर्ष 2017 के दौरान भारत में 53000 से अधिक साइबर सुरक्षा संबंधी घटनाओं की सूचना प्राप्त हुई | और आज इस कोविद-19 महामारी की दौर जहा हम सभी (अधिकतर बच्चे एवं युवा वर्ग) अपना दैनिक कार्य करने के लिए इंटरनेट पर आश्रित हो गए है | सही जानकारी न होने से साइबर अपराध जैसी घटना दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है |

8. एक अध्ययन के अनुसार, सभी साइबर हमलों के 90% का मुख्य कारण मानवीय लापरवाही माना गया हैं। इसलिए, साइबर सुरक्षा जागरूकता आज सभी के लिए महत्वपूर्ण है।

9. साइबर खतरों के जोखिम को कम करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करते समय हमें सतर्क रहना चाहिए।

कुछ सामान्य प्रकार के साइबर अपराध आज प्रचलित हैं। हम आने वाले वर्गों में कहानियों और वीडियो के साथ इस प्रकार के साइबर अपराध पर बहुत ही सरल शब्दों में चर्चा करेंगे :

भाग 1: सोशल मीडिया धोखाधड़ी साइबर अपराध

भाग 2: मनोवैज्ञानिक ट्रिक्स और डिजिटल बैंकिंग धोखाधड़ी साइबर अपराध

भाग 3: पहचान की चोरी और सुरक्षा उपाय साइबर अपराध के उपाय
1. किसे हम साइबर अपराध कहेंगे *
5 points
2. गैर-मौद्रिक अपराध के अलावा साइबर अपराध ________के रूप में भी हो सकता है *
5 points
अब हम साइबर सुरक्षा को समझने की कोशिश करते है
यह एक तरह की सुरक्षा है जो की इंटरनेट से जुड़े हुए सिस्टमों के लिए होती है। इसमे हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और निजी डाटा को साइबर अपराध से बचाने का भी काम किया जाता है। इसमे काफी तरह के प्रयास किए जाते हैं जिससे की डाटा को सुरक्षित रखा जा सके।
Next
Clear form
Never submit passwords through Google Forms.
This form was created inside of CollCom.