आंचलिक विज्ञान केन्द्र,
भोपाल
आपको
सादर आमंत्रित करता हैवन्यजीव सप्ताह समारोह के अंतर्गत आयोजित एक विशेष सार्वजनिक
व्याख्यान में
वन पथों और तारों भरे आकाश के बीच: संरक्षण और फोटोग्राफी का
जीवन
Through Forest Trails and Starry Skies: A Life in
Conservation and Photography
वक्ता:
श्री शुभोरंजनसेन,
भा.व.से.
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)
वन विभाग,
मध्यप्रदेश शासन
📅तिथि:मंगलवार,
8 अक्टूबर 2024
🕚समय:प्रातः
11:00 बजे
व्याख्यान के बारे में:
इस प्रेरणादायी सत्र
में श्री सेन श्रोताओं को एक अद्वितीय यात्रा पर ले जाएंगे — भारत के बाघ
अभयारण्यों की गहन पगडंडियों से लेकर असीम आकाश तक।भारतीय वन सेवा में तीन दशकों
से अधिक के अनुभव से वे वन्यजीव संरक्षण की रोचक कहानियाँ,
अपने कैमरे से प्रकृति की दुर्लभ झलकें और
खगोल-फोटोग्राफी के माध्यम से ब्रह्मांड की अद्भुत तस्वीरें साझा करेंगे।यह
व्याख्यान विद्यार्थियों, प्रकृति
प्रेमियों और खगोल विज्ञान के उत्साहीजनों में जिज्ञासा जगाने का प्रयास करेगा —
ताकि वे जंगलों और तारों को एक-दूसरे से जुड़े अद्भुत आश्चर्य के रूप में देखें और
उन्हें भविष्य के लिए सुरक्षित रखने की प्रेरणा लें।
वक्ता के बारे में:
श्री सेन,
1991 बैच के भा.व.से. अधिकारी हैं। उन्होंने सतपुड़ा
एवं माधव राष्ट्रीय उद्यानों के निदेशक, पेंच
एवं कान्हा टाइगर रिज़र्व के उपनिदेशक तथा बाद में पेंच टाइगर रिज़र्व के
क्षेत्रीय निदेशक के रूप में कार्य किया है।उन्होंने 2009
से 2015 तक
वन्यजीव संस्थान, देहरादून
में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएँ दीं और 2018 से
मध्यप्रदेश वन मुख्यालय, वन्यजीव
विंग में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के रूप में कार्यरत हैं।वे एक कुशल
वन्यजीव एवं खगोल-फोटोग्राफी प्रेमी हैं, जो
प्रकृति की सुंदरता को धरती और रात के आकाश दोनों में कैद करते हैं।