सशक्त राष्ट्र हेतु गुणवता शिक्षा (QUALITY EDUCATION FOR STRONG NATION)
भारवर्ष को विश्वगुरु के रूप में पुनर्स्थापित करने की दिशा में भारतीय शिक्षण रूपरेखा पर एक राष्ट्रीय मत बनाने के लिए आपसे अनुरोध है कि कुछ क्षण निकाल कर निम्न प्रश्नावली का उत्तर दें.
(Kindly spare few minutes to answer the following questions and share your views for building National opinion on Education Policy for re-establishing BHARAT as VISHWAGURU)
नाम *
Name
Your answer
पदनाम
Designation
Your answer
संस्थान / संगठन का नाम
Name of Institution / Organization
Your answer
सेवाक्षेत्र
Service Domain:
आप शिक्षा से किस प्रकार सम्बंधित हैं? *
How are you related to education ?
आयु (वर्ष) *
Age (years)
Your answer
लिंग *
Gender
सम्पर्क
Contact Number
Your answer
Email
Your answer
प्रश्न १. आपके अनुसार शिक्षा का उद्देश्य क्या होना चाहिए?
Q1. In your opinion, why education is necessary?
प्रश्न २. आपकी द्रष्टि में वर्तमान शिक्षा प्रणाली का सबसे बड़ा दोष / कमी क्या है? (आप एक से अधिक विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं)
Q2. What are the main deficiencies in the present education system? (you may tick more than one option)
प्रश् ३. अनेक आयोगों की नियुक्ति एवं उनके द्वारा दिए विश्लेषण का शिक्षा सुधर पर क्या असर हुआ?
Q3. Do you agree that simultaneous formation of several committees and commissions could improve the education system in India?
प्रश्न ४. शिक्षा के प्रारूप में किन बातों का समावेश अनिवार्य है?
Q.4 Which attributes should be included in draft of education?
प्रश्न ५. अष्टवर्षीय सामान्य शिक्षा में ६ से १४ आयु के सभी बालक - बालिकाओं को अनिवार्य प्रवेश, ४ वर्षीय विद्यालीय शिक्षा तथा उसके बाद असीमित विश्विद्यालय शिक्षा की योजना से आप:
Q5. If there is education system which contains eight years of general education, four years of high school including practical and vocational training programs and after that university education without any limit, will you
प्रश् ६. सामान्य शिक्षा को सुलभ एवं सर्वगम्य रखने हेतु उसके प्रस्तावित पाठ्यक्रम पर विचार दें:
Q6. Suppose eight years of general education include the following dimensions. Tick the appropriate:
सहमत (Approve)
असहमत (Disapprove)
कह नहीं सकते (Can’t say)
अन्य (Other)
प्रथम भाषा - मातृभाषा (First language-Mother tongue)
एक अन्य भाषा दो साल में बदलने की सुविधा के साथ (One other language-Hindi, English, regional language or Rastriya Bhasha (after 2 years, it can be changed)
सामान्य गणित (General Mathematics)
सामान्य विज्ञानं (General Science)
सामाजिक शिक्षा (Social Studies)
शारीरिक शिक्षा, श्रम व सफाई (Physical Education, work and cleanliness)
नैतिक शिक्षा (Ethical education and Social Service)
प्रश्न ७. उच्च विद्यालयीन चतुर्वर्षीय शिक्षा में दो भारतीय भाषा, एक शास्त्रीय भाषा, व्यवसाय कौशल के विभिन्न विकल्प, विज्ञानं, कला, वाणिज्य के ३ विषय व नैतिक शिक्षा, ऐसी व्यवस्था से आप:
Q7. If the new education policy include Industrial education, Physical education, two languages from India, three optional subjects from Science, Arts and commerce including horticulture, dying, general repairs, sericulture etc in high school levels. Would you
प्रश्न ८. विषय चयन में पूर्ण लचीलापन रहे इस बात से आप:
Q8. Would you approve free moving subject combinations or full flexibility in choosing subjects in high school levels?
प्रश्न ९. व्यवसाय वुशय में प्रयोग व व्यवहार पर सिद्धांत से अधिक बल हो. प्रत्यक्ष कार्यानुभव को अधिक अंक मिलें.
Q.9 Parctice and Application should be given preference on Principles. Work experience should be awarded more marks.
प्रश्न १०. उच्च विद्यालयीन शिक्षा के पर्याय में सामान्य शिक्षा के बाद निम्न विकल्पों पर आपके विचार:
Q10. Would you approve following practical and vocational training programs:
हाँ (Yes)
नहीं (No)
सुधार चाहते हैं (Suggests Correction)
कार्य सहायक के रूप में प्रत्यक्ष काम करना (Apprenticeship in an Organization)
उद्योग में प्रशिक्षु सहायक (Industrial Training including general repairs)
ग्रामीण उद्योग संस्था में उपाधि (Training in Village level organizations)
बहुस्द्योग संसथान (Polytechnic)
कृषि सहायक (Agriculture based training)
प्रश्न ११. विश्वविद्यालयीन शिक्षा के प्रस्तावित आयामों पर अपने विचार बताएं:
Q11. Do you agree with the following Potential Dimensions in the context of University education:
हाँ (Yes)
नहीं (No)
सुधार चाहते हैं (Suggests Correction)
विश्वविद्यालय और अधिक स्वायत हों (Universities should be more autonomous) 
प्रवेश संख्या की सीमा न हो (No limitation upon No. of seats in University)
पुस्तकालयों व प्रयोगशालाओं को उन्नत बनाया जाये (Libraries and Laboratories should be enriched in terms of resources and numbers)
सुधारात्मक कक्षाओं की व्यवस्था हो (Remedial classes should be there)
अवधि व व्यय के लचीले विकल्प निःशुल्क से महंगे तक व कभी भी शिक्षा जारी रखना (No limitation of time and cost)
उपाधि हेतु न्यूनतम ५० प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता (Degree should be awarded on 50% marks)
अंकसुधार की पूर्ण सुविधा (Full provision of Improvement)
एक वर्ष अथवा ६ विषयों पर प्रमाण-पत्र की व्यवस्था (After one year or passing 6 papers- Certificate)
दो वर्ष अथवा १२ विषयों पर पदवी की व्यवस्था (After two years or passing 12 papers- Degree)
3 वर्ष अथवा १६ विषयों पर मानद पदवी की व्यवस्था (After three years or passing 16 papers- Degree with Honours)
स्नातकोत्तर में शोध व् लेखन को अधिक महत्व (Priority should be given to Research and Research Paper Writing in Post Graduate Studies)
प्रश्न संख्या ११ की विषयवस्तु के सम्बन्ध में आपके सुझाव:
Any Suggestion with regard to statement in Q No. 11:
Your answer
प्रश्न १२. व्यावसायिक शिक्षा के आयामों पर विचार
Q12. Do you agree with the following Potential Dimensions in the context of Professional education:
हाँ (Yes)
नहीं (No)
सुधार चाहते हैं (Suggests Correction)
कोई प्रवेश परीक्षा नहीं / कार्यानुभव व योग्यता को प्राधान्य (There should not be entrance exam. Weights should be given to high school and work performance (experience) envisaging Information Technology)
व्यावहारिक पहलुओं को प्राधान्य (Behavioural aspects should be considered at priority)
कार्यक्षेत्र में लगाना अनिवार्य जैसे चिकित्सालय, उद्योग, न्यायालय (All students should be enriched by engaging them in perspective fieldwork e.g. Medical students should be engaged in hospitals
व्यावहारिक प्रशिक्षण को महत्व (Practical training should be emphasised than theoretical lecture)
प्रश्न संख्या १२ की विषयवस्तु के सम्बन्ध में अपने सुझाव दें:
Any Suggestion with regard to statement in Q No. 12:
Your answer
प्रश्न १३. परीक्षा व मूल्यांकन सुधर पर आपके विचार:
Q13. Do you agree with the following Potential Dimensions in the context of Assessment and Examination:
हाँ (Yes)
नहीं (No)
सुधार चाहते हैं (Suggests Correction)
प्रथम व द्वतीय कक्षा में कोई परीक्षा नहीं (There should be no examination in First and Second Standard)
तीसरी व चौथी कक्षा में काल मौखिक परीक्षा (There should be only Oral Examination in Third and Fourth Standard)
पांचवी कक्षा से लिखित परीक्षा (Written Examination should start from  Fifth onwards)
आठवीं से प्रायोगिक परीक्षा (Practical Examination should start in Eighth Standard)
प्रायोगिक परीक्षा के ३० से ५० प्रतिशत अंक (30%-50% weights should be given to Practical Exams)
नौंवीं कक्षा से आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment should start from Ninth Standard)
सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को छ भागों में बांटकर प्रत्येक भाग की समाप्ति पर परीक्षा तथा वर्षान्त पर वार्षिक परीक्षा का आयोजन (Whole syllabus should be divided into 6 equal parts and at the end of each part Unit examination should take place. At final stage, an annual examination should be conducted)
आंतरिक मूल्यांकन में कक्षा कार्य का समावेश (Internal Examination should be based on Class Work)
आंतरिक मूल्यांकन में गृह कार्य का समावेश (Internal Examination should be based on Home Work)
आंतरिक मूल्यांकन में व्यावहारिक पहलुओं का समावेश (Internal Examination should be based on Behavioural Aspects)
आंतरिक मूल्यांकन व वार्षिक परीक्षा मिलकर ५० प्रतिशत अंक प्राप्त होने पर अगली कक्षा में प्रवेश (Marks of Internal Examination and annual examination aggregately should make 50% of Maximum Marks for qualifying a student to the next standard)
दसवीं के पश्चात् आन्तरिक व वार्षिक मूल्यांकन का अनुपात ४० - ६० प्रतिशत हो (The ratio of Internal assessment and Annual Exam should be 40:60 from tenth onwards)
बड़े पैमाने की परीक्षाओं में संदर्भ ग्रंथों के उपयोग की अनुमति हो (There should be permission to take references from the perspective reference books in the Mass Examinations)
केवल अंकसूची मिले, उत्तीर्ण या अनुत्तीर्ण न लिखें. ५० प्रतिशत या अधिक अंकों वाले विषयों में आगे अध्ययन की अनुमति हो  (There should not be indication of Passed or Failed in the Examinations. Only mark-sheet should be issued and further study should be allowed in the subjects having more than 50% )
सभी विषयों में सुधर के अनुमति हो (Improvement in any subject at any level should be allowed)
प्रश्न संख्या १३ की विषयवस्तु के सम्बन्ध में अपने सुझाव दें:
Any Suggestion with regard to statement in Q No. 13:
Your answer
प्रश्न १४. नियमन व व्यवस्थापन के सम्बन्ध में आपके विचार:
Q14. Do you agree with the following Potential Dimensions in the context of Regulation and Control:
हाँ (Yes)
नहीं (No)
सुधार चाहते हैं (Suggests Correction)
समग्रता से शिक्षा का प्रबन्ध व नियमन हो (Regulation and Controlling of Education should be unitary)
एक स्वायत आयोग के रचना हो (There should be an autonomous Commission or Council)
केंद्र स्तर पर केंद्रीय आयोग, राज्य स्तर पर राज्य आयोग हो तथा हर जिले में इसकी शाखा हो (Central commission for central level, state commission for state level with branches in all districts)
उपरोक्त आयोग शिक्षा से समबन्धित सभी निर्णय ले (Above stated Commissions should regulate all the affairs of School, Colleges and Universities so that unitary vision can be developed)
प्रश्न संख्या १४ की विषयवस्तु के सम्बन्ध में अपने सुझाव दें:
Any Suggestion with regard to statement in Q No. 14:
Your answer
प्रश्न १५. उपरोक्त प्रस्तावित शिक्षा आयोग के सम्बन्ध में निम्न मापदंडों पर अपने विचार दीजिये:
Q15. Do you agree with the following Potential Dimensions in the context of Autonomous Education Commission or Council:
हाँ (Yes)
नहीं (No)
सुधार चाहते हैं (Suggests Correction)
आयोग के ६० से ७५ प्रतिशत सदस्य शिक्षाविद व विषय विशेषज्ञ हों. (There should be 60%-75% members like Professors, Lecturers, Subject Experts from Science, Arts, Commerce, Agriculture, Technology etc.)
शेष २५ से ४० प्रतिशत में जनप्रतिनिधि, शैक्षिक संगठनो, सामाजिक कार्यकर्ताओं, उद्योग व प्रशासन को प्रतिनिधित्व मिले (Rest members should be MPs, MLAs, Representatives from Teacher Associations, Social Workers, Industry Representatives and Representative Administrators of the State)
प्रश्न १६. उपरोक्त प्रस्तावित आयोग के कार्यों पर अपने विचार दीजिये:
Q16.The functions of aforesaid Commission or Council should be :
Yes
No
सुधार चाहते हैं (Suggests Correction)
पद्थ्यक्रम का निर्धारण (Ascertainment of Syllabus)
सार्वजनिक परीक्षाओं का आयोजन (Conducting Public Examinations)
शिक्षक कल्याण (Welfare of Teachers of both Public and Private Institutions)
सम्प्पूर्ण शिक्षा का नियंत्रण व नियमन (Control and Regulation of whole level education)
शैक्षिक व्यवस्था की स्वायतता बनाये रखना (Maintenance of autonomy of Education System)
वित्तीय सहायता का निर्धारण  (Assessment of Grants)
समितियों का गठन  (Appointment of Committees)
शिक्षा व उद्योग में समन्वय  (Coordination between Academic and Industry relationship)
सभी हितधारियों का हित सुनिश्चित करना ( Assuring interests of all stakeholders and beneficiaries)
तकनीक के प्रयोग से पारदर्शी व्यवस्था की स्थापना करना ( Making transparent system by aiding Technology)
शिक्षा में विकेंद्रीकरण लाना (Decentralisation and opportunity to local Institutions)
प्रश्न संख्या १६ की विस्यवस्तु के सम्बन्ध में अपने सुझाव दें:
Any Suggestion with regard to statement in Q No.16:
Your answer
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