जेंडर और शिक्षा कोर्स, 13-20 फरवरी 2020, नई दिल्ली


प्रिय साथी,

सतरंगी सलाम !

निरंतर दिल्ली स्थित जेंडर और शिक्षा का संदर्भ समूह है जो पिछले पच्चीस से अधिक सालों से इस क्षेत्र में कार्यरत है. 'जेंडर और शिक्षा कोर्स' निरंतर का सालाना कोर्स है जो 2009 में शुरू हुआ था. 2010 और 2011 में निरंतर ने दिल्ली विश्वविद्यालय के केन्द्रीय शिक्षा संस्थान CIE के साथ मिलकर इसका आयोजन किया था. उसके बाद NUEPA, महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय (वर्धा), अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन (जयपुर), एनईजी फायर (लखनऊ) आदि के लिए अलग अलग जगहों पर इस कोर्स को चलाया गया था. इस बार दिल्ली में 13 फरवरी (बृहस्पतिवार) से 20 फरवरी (बृहस्पतिवार), 2020 तक 'जेंडर और शिक्षा कोर्स' का आयोजन किया जा रहा है. जगह है दिल्ली स्थित संस्कृति केंद्र, आनंदग्राम.

हम 8 दिनों तक साथ मिलकर जेंडर और शिक्षा से जुड़े अनेकानेक मुद्दों पर बुनियादी समझ बनाएँगे. हाल के सालों में जेंडर को शिक्षा के पाठ्यक्रम के अलावा विविध शैक्षिक गतिविधियों में शामिल करने के प्रयास हुए हैं. लेकिन व्यापक रूप से देखा जाए तो अधिकतर शिक्षा तक पहुँच का सवाल ही शिक्षा में जेंडर का सबसे बडा सरोकार बन जाता है. अभी भी इस सरोकार में समाजीकरण, समावेशीकरण, बहिष्करण आदि प्रक्रियाओं की काफी कम समझ होती है जबकि इन प्रक्रियाओं को परत दर परत जानना बेहद आवश्यक है. इसको ध्यान में रखते हुए निरंतर का 'जेंडर और शिक्षा' कोर्स' शिक्षा के विभिन्न मुद्दों और क्षेत्रों को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास करता है.

जैसा कि नाम से ही जाहिर है, यह कोर्स हिन्दी में है. पठन-पाठन सामग्री भी हिन्दी में होगी और बातचीत व चर्चा भी. इसलिए प्रतिभागियों को हिन्दी में पढ़ना और बोलना आना चाहिए. उनको कोर्स के दौरान जमकर पढ़ना होगा, रोज़ाना कम से कम 15 पन्ने का लेख या नीति संबंधी दस्तावेज, शोधपत्र या कहानी. उन्हें गतिविधियों में सक्रिय हिस्सेदारी करनी होगी.

फिल्म, नाटक, क्षेत्र भ्रमण आदि भी कोर्स के सत्र का हिस्सा होते हैं. कोर्स की पद्धति सहभागितापूर्ण है और उसमें तरह तरह की विधाओं का इस्तेमाल करते हुए अवधारणात्मक समझ बनाई जाएगी. इसलिए कोर्स के औपचारिक सत्रों के बाद भी देर शाम तक गतिविधियाँ चल सकती हैं.

इच्छुक प्रतिभागियों की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक (बी.ए.) है. ज़मीनी स्तर पर काम करनेवाले प्रतिभागियों को कम से कम तीन साल काम का अनुभव होना चाहिए. चयन की प्रक्रिया निरंतर की विशेषज्ञ टीम आवेदन पत्र के आधार पर करती है.

इस कोर्स में स्त्री, पुरुष, ट्रांसजेंडर कोई भी हिस्सा ले सकते हैं. हम चाहते हैं कि प्रतिभागियों की जेंडर पहचान और यौनिक रुझानों में विविधता हो. विशेष आवश्यकता वाले प्रतिभागियों से आग्रह है कि वे हमें पहले से सूचित कर दें. हम अपनी तरफ से उनके लिए ख़ास व्यवस्था करने की भरसक कोशिश करेंगे.

दिल्ली आने.जाने का खर्च प्रतिभागियों को खुद वहन करना है. रहने.ठहरने और खाने.पीने की व्यवस्था का पूरा जिम्मा निरंतर का है. कोर्स की पठन-पाठन सामग्री के मद में प्रत्येक प्रतिभागी को मात्र 3000 रुपए देने होंगे. संस्था के प्रतिनिधि के लिए यह राशि 5000 रुपए है.इसके साथ निरंतर की तरफ से कुछ छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है.

आपसे निवेदन है कि आवेदन पत्र हिन्दी में ही भरें. आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर, 2019 है. निरंतर टीम उनमें से चयन करके 6 जनवरी. 2020 तक चयनित प्रतिभागियों को सूचित कर देगी. उसके बाद 12 जनवरी, 2020 तक चुने हुए प्रत्येक प्रतिभागी को 3000 रुपए निरंतर के खाते में जमा करना होगा. यदि संस्था के प्रतिनिधि हों तो उन्हें प्रति व्यक्ति 5000 की राशि जमा करनी होगी. राशि मिलने के बाद ही चयनित प्रतिभागियों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा. ध्यान रहे यह राशि वापस नहीं होगी.

कोर्स 13 फरवरी (बृहस्पतिवार) की सुबह 9 बजे से शुरू है, इसलिए प्रतिभागी 12 फरवरी (बुधवार) की शाम 5 बजे तक अवश्य दिल्ली पहुँच जाएँ. समापन 20 फरवरी (बृहस्पतिवार) की दोपहर 2 बजे है. उसके बाद ही वे अपने जाने की व्यवस्था करें. व्यवस्था संबंधी अन्य जानकारी के लिए आप निरंतर टीम से संपर्क करें.

आपके जवाब के इंतज़ार में -
निरंतर दफ़्तर ; 011.26517726, 26966334
पूर्वा भारद्वाज ; 9717624255
नंदिनी दास ; 9711210129
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2. यह कोर्स किस तरह आपके काम में मदद करेगा ? (200 शब्दों में) *
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3. जेंडर और शिक्षा का आपस में क्या जुड़ाव है ? अपने विचार लिखिए। ( 200 शब्दों में ) *
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रोजा़ना दी जाने वाली पठन-पाठन सामग्री को मुस्तैदी से पढ़ना अनिवार्य है। समूह कार्य और चर्चा में सबकी भागीदारी ज़रूरी है।
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