भगवद् गीता प्रश्नोत्तरी-121
☘️🌷जय श्री राम !! जय श्री कृष्ण !!🌷☘️
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अहम् ब्रह्मास्मि चार महावाक्यों में से एक है। 
यह यजुर्वेद के बृहदारण्यक उपनिषद् से संकलित है।
इसका अर्थ है - "मैं ब्रह्म हूँ “  "मैं दिव्य हूँ" 
यह योग के अंतिम लक्ष्य को दर्शाता है - आत्म की  परम ब्रह्म के साथ मिलन।

आपका नाम *
1. सभी धर्मों का परित्याग कर एक मात्र मेरी....... ग्रहण करो , मैं तुम्हें सभी पापों से मुक्त कर दूंगा! एक ही सही प्रमुख पर्याय चुनिये..!   *
2 points
2 . भगवदगीता के अनुसार "सबसे शक्तिशाली प्रजापति  "को क्या कहते है? *
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3. भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि जो लोग मुझ पर विश्वास नहीं करते वे मुझे प्राप्त नहीं कर सकते। वे जन्म-मृत्यु के मार्ग पर बार-बार इस संसार में लौटकर आते रहते हैं। *
2 points
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4.  विदुर बहुत बुद्धिमान थे।  उन्होंने एक धार्मिक ग्रंथ रचाया है जिसे हमें इस कलियुग में अवश्य पढ़ना चाहिए । ये ग्रंथ विदुर और धृतराष्ट्र के बीच हुए संवाद और वार्तालाप है ।इस ग्रंथ में उन्होंने काफ़ी विषय के बारे में बताया है जैसे - सादगी, पवित्रता, संतोष, सत्यता, आत्म-संयम, धैर्य, ईमानदारी, वाणी में मधुरता और अच्छी संगत । 

विदुर द्वारा रचित ये अद्भुत ग्रंथ क्या है?
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2 points
5.   
तानि सर्वाणि संयम्य युक्त आसीत मत्पर:|
वशे हि यस्येन्द्रियाणि तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठिता
|| BG 2. 61||

गीता के इस श्लोक के अनुसार ,हमें अपनी इंद्रियों को वश में रखकर, भगवान को समर्पित कर देना चाहिए ।

किस राजा ने अपनी सभी इंद्रियों को भगवान की भक्ति में लगा दिया? 


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2 points
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